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ट्रंप का UNGA भाषण क्यों अहम, ईरान युद्ध, यूक्रेन और AI और ग्लोबल ट्रेड समेत किन मुद्दों पर रहेगा फोकस?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के उच्चस्तरीय आमबहस को संबोधित करेंगे। इस दौरान ईरान और यूक्रेन के युद्ध,वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और आर्थिक अनिश्चितता जैसे मुद्दे उनके एजेंडे में प्रमुख रहने की उम्मीद है। 22 सितंबर से UNGA का आम debate शुरू हो रहा है, जिसमें लगभग 130 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकारों के प्रमुख हिस्सा ले रहे हैं।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

Photo : AP

अपने फैसलों से दुनियाभर में उथलपुथल मचाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज यानी मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने वाले हैं। उनका ये संबोधन ऐसे समय में होगा जब दुनिया और उनका राष्ट्रपति पद दोनों ही उथल-पुथल भरे दौर से गुजर रहे हैं।

ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के उनके फैसले से वैश्विक अर्थव्यवस्था हिल गई है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सामाजिक प्रभावों को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। साथ ही ट्रंप द्वारा संयुक्त राष्ट्र के लिए अमेरिकी वित्तीय सहायता में कटौती करने के बाद संयुक्त राष्ट्र के भविष्य को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में पूरी दुनिया की निगाहें आज होने वाले उनके भाषण पर टिकी हुई हैं।

ट्रंप के भाषण में उनकी विदेश नीति और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे संघर्षों से निपटने के उनके तरीके पर खास फोकस रहने की उम्मीद है। अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, ट्रंप यह बताने की कोशिश करेंगे कि उनकी नीतियों ने वैश्विक स्तर पर जटिल समस्याओं से निपटने में किस तरह भूमिका निभाई है।

ईरान युद्ध पर रहेगा सबसे ज्यादा फोकस

UNGA में ट्रंप के संबोधन के दौरान ईरान युद्ध बड़ा मुद्दा रहने वाला है। पिछले साल अपने UN भाषण में ट्रंप ने दावा किया था कि जून 2025 में अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की परमाणु क्षमताओं को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। हालांकि, इसके बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष जारी रहा और अब यह युद्ध करीब सात महीने के दौर में पहुंच चुका है। इस युद्ध का असर ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही हाल के हफ्तों में कुछ बेहतर हुई है, लेकिन यह अब भी युद्ध से पहले के स्तर से काफी नीचे है। कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है।

ईरान समर्थित समूहों की गतिविधियों ने क्षेत्र में स्थिति को और जटिल किया है। यमन के हूती विद्रोहियों की गतिविधियों के कारण बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य से तेल और दूसरे माल की आवाजाही को लेकर भी चिंता बढ़ी है।

अमेरिका-ईरान बातचीत की कोशिश

कतर समेत कुछ देश अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर शुरू कराने की कोशिश कर रहे हैं। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच भरोसे की कमी काफी गहरी है, लेकिन अंततः समाधान बातचीत की मेज पर ही निकालना होगा।

ग्रीनलैंड को लेकर समझौता भी एजेंडे में

UNGA के दौरान अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर होने की भी उम्मीद है। इसका उद्देश्य ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने का रास्ता तैयार करना है। ग्रीनलैंड डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र है। ट्रंप इससे पहले ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण को लेकर कई बार बयान दे चुके हैं। नए समझौते के तहत ग्रीनलैंड डेनमार्क का क्षेत्र बना रहेगा।

रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी बोल सकते हैं ट्रंप

ट्रंप के भाषण में रूस-यूक्रेन युद्ध का मुद्दा भी उठ सकता है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा ढांचे पर हमले जारी हैं। ट्रंप ने पिछले सप्ताह दावा किया था कि रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना नहीं बनाने पर सहमत हुए हैं। यूक्रेन ने ट्रंप के प्रस्ताव पर सहमति जताने की बात कही है, लेकिन रूस ने इसके लिए पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए ऊर्जा प्रतिबंध हटाने की शर्त रखी है। इसके बावजूद दोनों तरफ से ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले जारी हैं।

ब्रिटेन, जापान और वेनेजुएला के नेताओं से मुलाकात

UNGA के दौरान ट्रंप कई नेताओं के साथ बैठक भी करेंगे। इनमें ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम, जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची और वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज शामिल हैं। ब्रिटेन के साथ बातचीत में तेल की बढ़ती कीमतों और हॉर्मुज जलडमरूमध्य से व्यापारिक आवाजाही को सामान्य करने का मुद्दा उठ सकता है। वहीं जापान के साथ बैठक ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका-चीन संबंधों पर भी पूरी दुनिया की नजर है।

AI और संयुक्त राष्ट्र के भविष्य पर भी नजर

ट्रंप के संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सामाजिक प्रभाव और इससे पैदा हो रही चिंताओं का भी जिक्र हो सकता है। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र की भूमिका और उसके भविष्य को लेकर भी चर्चा महत्वपूर्ण रहेगी।

ट्रंप लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते रहे हैं। अमेरिका की ओर से संयुक्त राष्ट्र को मिलने वाली वित्तीय सहायता में कटौती के बीच यह भाषण वैश्विक संस्था के साथ वॉशिंगटन के बदलते रिश्तों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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