दिल्ली : दिल्ली पुलिस ने नकली नोट चलाने वाले एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए दिल्ली और बिहार के बोधगया से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे और जांच के दौरान 500 रुपये के कुल 187 नकली नोट बरामद किए गए हैं। इन नोटों की कुल फेस वैल्यू 93,500 रुपये है। पुलिस को इस नेटवर्क के तार बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के मालदा तक जुड़े होने की जानकारी मिली है। जांच में नकली नोटों को बांग्लादेश के रास्ते भारत में लाए जाने की आशंका भी सामने आई है।
बैंक में जमा नकली नोटों से शुरू हुई जांच
मामला गांधी नगर इलाके से सामने आया, जहां एक कारोबारी ने बैंक में 90 हजार रुपये जमा कराए थे। रकम की जांच के दौरान उसमें 500 रुपये के 18 नकली नोट मिले। इसके बाद गांधी नगर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। CCTV फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस ने मोहम्मद दानिश नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस का आरोप है कि दानिश दुकानों से छोटी-छोटी खरीदारी कर नकली नोटों को बाजार में चलाता था। पूछताछ में दानिश ने कथित तौर पर झारखंड के चतरा से नकली नोट हासिल करने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस टीम उसकी निशानदेही पर बिहार के बोधगया पहुंची।
बोधगया से 169 नकली नोट बरामद
पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से बोधगया से मेराज उर्फ गुड्डू को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, मेराज के बैग से 500 रुपये के 169 नकली नोट बरामद हुए। इनकी कुल कीमत 84,500 रुपये बताई गई है। जांच में मेराज से पूछताछ के बाद नकली नोटों की सप्लाई का कनेक्शन पश्चिम बंगाल के मालदा स्थित कालिया चौक तक पहुंचने की बात सामने आई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में ‘मामा उर्फ छोटू’ और ‘भैया जी’ नाम से बताए गए दो संदिग्ध सप्लायरों का भी जिक्र हुआ है।
बांग्लादेश कनेक्शन की भी जांच
पुलिस को आशंका है कि नकली नोटों की खेप बांग्लादेश के रास्ते भारत में लाई गई हो सकती है। इसके बाद इन्हें बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई किए जाने की जांच की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और खरीदारी से जुड़े बिल भी कब्जे में लिए हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मेराज उर्फ गुड्डू के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच में पुष्टि हुई है। अब जांच एजेंसियां नकली नोटों के वास्तविक स्रोत, सप्लायरों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल तक फैले इस नेटवर्क की कड़ियों की जांच की जा रही है और अन्य संदिग्ध आरोपियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई जारी है।
