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चार दिनों का गोल्डन टाइम शुरू, इन 6 राशियों को बंपर लाभ देगा त्रिएकादश योग

Budh-Guru Labh-Trayadash Yoga 2026: बुध और गुरु एक दूसरे से 60 डिग्री पर आ गए हैं। इससे कुछ राशि वालों को बंरल लाभ मिलने की पूरी संभावना है। आइए जानते हैं कि वे राशियां कौन सी हैं।

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बुध और गुरु का लाभत्रिएकादश योग किनके लिए शुभ रहेगा (Image AI Generated and Newsroom Verified)

Budh-Guru Labh-Trayadash Yoga 2026: 22 सितंबर 2026 की सुबह 4 बजकर 18 मिनट पर ग्रहों के राजकुमार बुध और देवगुरु बृहस्पति एक-दूसरे से 60 डिग्री के संबंध में आ गए हैं। इस समय बुध कन्या राशि में और गुरु कर्क राशि में मौजूद हैं। गोचर की यह स्थिति बुध और गुरु के बीच लाभ या त्रिएकादश संबंध बना रही है।

यह संयोग इसलिए खास है क्योंकि दोनों ग्रह इस समय कमजोर अवस्था में नहीं हैं। गुरु कर्क राशि में उच्च के हैं, जबकि बुध कन्या राशि में अपनी राशि के साथ उच्च बल में हैं। यानी एक तरफ ज्ञान, विस्तार और अवसर का ग्रह मजबूत है तो दूसरी तरफ बुद्धि, गणना, व्यापार और निर्णय का ग्रह अपने सबसे मजबूत क्षेत्रों में काम कर रहा है। 22 सितंबर के ग्रह-गोचर के अनुसार, गुरु 23°46′ कर्क में और बुध चित्रा के पहले पद में कन्या की अंतिम डिग्रियों में हैं, जिससे यह 60° का संबंध बनता है।

गोचर की यह स्थिति बहुत लंबे समय तक नहीं रहेगी, क्योंकि बुध 26 सितंबर 2026 की दोपहर 12 बजकर 41 मिनट पर तुला राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसके बाद गुरु कर्क और बुध तुला में होंगे, इसलिए वर्तमान 60° लाभ-त्रिएकादश संबंध समाप्त हो जाएगा। हालांकि इसका प्रभाव फिर भी दिखेगा और करीब 2 हफ्तों तक रहेगा।

यही कारण है कि 22 से 26 सितंबर के बीच का समय खास तौर पर महत्वपूर्ण है। यह अवधि बुद्धि को अवसर से जोड़ने, सही संपर्क बनाने और योजना को आर्थिक या करियर लाभ में बदलने वाली हो सकती है। आइए जानते हैं कि यह योग किन राशि वालों के लिए अच्छा रहने वाला है।

क्या है बुध-गुरु का त्रिएकादश संबंध

वैदिक राशि क्रम में कर्क से कन्या तीसरी राशि और कन्या से कर्क 11वीं राशि पड़ती है। इसी वजह से दोनों ग्रहों के बीच बना 60° संबंध त्रिएकादश या लाभ संबंध के रूप में पढ़ा जाता है। तीसरा भाव प्रयास, साहस, संपर्क और कम्युनिकेशन से जुड़ा है, जबकि 11वां भाव लाभ, आय, नेटवर्क और उपलब्धि का होता है।

इस संबंध की मूल प्रकृति ‘प्रयास से लाभ’ वाली मानी जाती है। यहां एक खास बात और है। बुध और गुरु स्वभाव से अलग ग्रह हैं। बुध आंकड़े और तर्क के कारक हैं, जबकि गुरु व्यापक दृष्टि, ज्ञान और विस्तार देते हैं। दोनों का सहयोग बनना किसी अवसर को सिर्फ देखने के बजाय उसके पीछे का गणित समझकर फैसला लेने की क्षमता बढ़ा सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि किन राशि वालों के लिए यह योग शुभ रहेगा।

वृषभ राशि

वृषभ राशि से गुरु तीसरे भाव और बुध पांचवें भाव में हैं। यहां परिणाम सीधे पैसा मिलने के बजाय स्किल, मेहनत और बुद्धि के जरिए अवसर बनाने से जुड़ेंगे। स्टूडेंट्स के लिए यह अच्छा समय है। पढ़ाई का नया तरीका, नई स्किल या किसी परीक्षा की नई रणनीति सफलता दे सकती है। मीडिया, लेखन, डिजाइन, कंटेंट, डिजिटल मार्केटिंग और क्रिएटिव काम करने वालों को फायदा मिल सकता है। आपका कोई आइडिया वास्तविक प्रोजेक्ट में बदल सकता है। कारोबार में खुद के प्रयास से ग्राहक बढ़ाने का मौका मिलेगा। सोशल मीडिया, कम्युनिकेशन और मार्केटिंग में सक्रियता बढ़ाने से परिणाम मिल सकते हैं।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए गुरु खुद उनकी राशि में उच्च के हैं और बुध तीसरे भाव में हैं। यह स्थिति व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, प्रयास और कम्युनिकेशन को एक साथ सक्रिय करती है। लंबे समय से अटका हुआ काम अपने दम पर आगे बढ़ सकता है। नौकरी में अपनी बात रखने या किसी वरिष्ठ व्यक्ति से बातचीत करने का मौका मिल सकता है। बिजनेस में मार्केटिंग और नए संपर्कों से फायदा होगा। अगर किसी नए शहर या नए ग्राहक वर्ग तक पहुंच बनाने की योजना है तो उस पर काम शुरू किया जा सकता है। पारिवारिक मामलों में भी कोई महत्वपूर्ण फैसला सामने आ सकता है। हालांकि चंद्र राशि पर उच्च गुरु का प्रभाव होने के कारण कभी-कभी व्यक्ति अपनी सोच पर जरूरत से ज्यादा भरोसा कर सकता है। महत्वपूर्ण फैसले में व्यावहारिक पक्ष जरूर देखें।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए यह गोचर सबसे मजबूत संयोजनों में से एक है। बुध आपकी राशि में ही हैं और अपनी राशि में मजबूत हैं। दूसरी तरफ गुरु कर्क से आपके 11वें भाव में बैठे हैं। यानी एक तरफ लग्न मजबूत हो रहा है और दूसरी तरफ लाभ भाव अच्छा हो रहा है। नौकरी में आपकी योग्यता और काम की पहचान बढ़ सकती है। प्रमोशन, वेतन वृद्धि, नई जिम्मेदारी या किसी नए प्रोजेक्ट का अवसर सामने आ सकता है। जो लोग जॉब बदलना चाहते हैं, उनके लिए 26 सितंबर से पहले की अवधि बातचीत और इंटरव्यू के लिहाज से महत्वपूर्ण रह सकती है। बिजनेस में पुराने नेटवर्क से फायदा मिल सकता है। कोई पुराना क्लाइंट दोबारा संपर्क कर सकता है। ऑनलाइन काम, मीडिया, डेटा, अकाउंटिंग, बैंकिंग, आईटी और कंसल्टिंग से जुड़े लोगों को खास फायदा मिलने की संभावना है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि से गुरु नवम भाव में और बुध 11वें भाव में हैं। यह अपने आप में शानदार भाव संयोजन है। नवम भाव भाग्य, गुरु, उच्च शिक्षा, लंबी यात्रा और बड़े अवसरों से जुड़ा है, जबकि 11वां भाव आय और उपलब्धि का है। यानी भाग्य का रास्ता लाभ की तरफ जाता दिखाई देता है। नौकरी में किसी वरिष्ठ अधिकारी, गुरु या प्रभावशाली व्यक्ति से मदद मिल सकती है। प्रमोशन या नई जिम्मेदारी से आर्थिक फायदा मिलने के संकेत हैं। बिजनेस में दूसरे शहर या विदेश से जुड़ा संपर्क काम आ सकता है। कोई ऐसा व्यक्ति जिससे पहले केवल संपर्क था, वह अब ग्राहक या बिजनेस पार्टनर की भूमिका में आ सकता है। वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय खास तौर पर नेटवर्क को परिणाम में बदलने का है।

मकर राशि

मकर राशि से गुरु सातवें भाव में और बुध नवम भाव में हैं। यह स्थिति बिजनेस और भाग्य दोनों को सक्रिय करती है। बिजनेस करने वालों के लिए नया पार्टनर, नया क्लाइंट या किसी बड़ी कंपनी से जुड़ने का अवसर मिल सकता है। पब्लिक डीलिंग और नेगोशिएशन में फायदा होगा। नौकरी करने वालों के लिए किसी वरिष्ठ अधिकारी या बाहरी संपर्क से नई संभावना बन सकती है। विदेश या दूसरे शहर से जुड़े प्रोजेक्ट भी सामने आ सकते हैं।विवाह योग्य जातकों के लिए रिश्ता आगे बढ़ सकता है। खास बात यह है कि गुरु सातवें भाव में होकर संबंधों में स्थिरता का तत्व जोड़ रहे हैं, जबकि बुध नवम भाव में नई दिशा देने का काम कर रहे हैं।

मीन राशि

मीन राशि के लिए गुरु पांचवें भाव में और बुध सातवें भाव में हैं। यहां पांचवां भाव बुद्धि, शिक्षा, प्रेम, संतान और क्रिएटिविटी का है, जबकि सातवां भाव विवाह, साझेदारी और व्यापार का होता है। इस कारण स्टूडेंट्स के लिए यह समय काफी उपयोगी हो सकता है। परीक्षा, उच्च शिक्षा, किसी नए कोर्स या रिसर्च से जुड़े काम में सफलता की संभावना बनती है। लव लाइफ में भी सकारात्मक बदलाव दिखाई दे सकते हैं। किसी रिश्ते को लेकर भविष्य की बात आगे बढ़ सकती है। अविवाहित लोगों के लिए पार्टनर से जुड़ा कोई नया संपर्क सामने आ सकता है। बिजनेस करने वालों के लिए भी यह स्थिति अच्छी है। किसी योग्य पार्टनर के साथ मिलकर काम शुरू करने या पुरानी पार्टनरशिप को मजबूत करने का मौका मिल सकता है।

करियर में मिलेगा लाभ

बुध नौकरी, व्यापार, कम्युनिकेशन, अकाउंट, डेटा और विश्लेषण से जुड़े हैं। गुरु ज्ञान, सलाह, विस्तार और अवसर के कारक हैं। जब दोनों का लाभ-त्रिएकादश संबंध बनता है तो ज्ञान और जानकारी का उपयोग करके अवसर हासिल करने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। इसका फायदा उन लोगों को ज्यादा मिलेगा जिनका काम जानकारी, नेटवर्क या कम्युनिकेशन पर निर्भर है। मीडिया, आईटी, बैंकिंग, अकाउंटिंग, शिक्षा, रिसर्च, डिजिटल मार्केटिंग, कंसल्टिंग, ट्रेडिंग और प्रशासन से जुड़े लोगों के लिए यह समय खास हो सकता है।

नौकरी करने वालों के लिए कैसा रहेगा समय

नौकरी करने वालों के लिए यह छोटी अवधि महत्वपूर्ण है। इंटरव्यू, प्रमोशन, नई जिम्मेदारी, प्रोजेक्ट, जॉब स्विच या वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत जैसे मामलों में प्रगति हो सकती है। खासकर कन्या, वृश्चिक और मकर राशि वाले अपने प्रोफेशनल नेटवर्क का बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं। बुध के मजबूत होने से रिज्यूमे, इंटरव्यू, प्रेजेंटेशन, रिपोर्टिंग और बातचीत में लाभ मिल सकता है। गुरु का प्रभाव सामने वाले व्यक्ति से मार्गदर्शन या सहयोग मिलने की संभावना बढ़ाता है।

बिजनेस वालों के लिए बन सकता है नया कनेक्शन

कारोबार में यह गोचर बहुत व्यावहारिक है। कोई नया आइडिया तब ज्यादा उपयोगी होगा जब उसे सही ग्राहक या सही नेटवर्क मिले। कन्या राशि वालों के लिए लाभ भाव मजबूत है। वृश्चिक के लिए भाग्य से लाभ जुड़ रहा है। मकर के लिए पार्टनरशिप सक्रिय है और मीन के लिए सातवां भाव खुल रहा है। ऑनलाइन बिजनेस, डिजिटल मार्केटिंग, शिक्षा, कंसल्टिंग, फाइनेंस और कम्युनिकेशन से जुड़े कारोबार में नए अवसर बन सकते हैं।

होगा धनलाभ

धन के लिहाज से कन्या और वृश्चिक सबसे मजबूत दिखाई देते हैं। कन्या के 11वें भाव में उच्च गुरु और अपनी राशि में बुध हैं, जबकि वृश्चिक के लिए भाग्य भाव और लाभ भाव एक साथ सक्रिय हैं। मीन और मकर को भी साझेदारी, शिक्षा या कारोबारी संपर्क से आर्थिक फायदा मिल सकता है। कर्क को अपने प्रयास से कमाई बढ़ाने का अवसर मिलेगा। वृषभ के लिए कमाई का रास्ता उसकी अपनी स्किल और प्रयास से बनेगा।

स्टूडेंट्स के लिए क्यों खास है यह योग

गुरु ज्ञान और उच्च शिक्षा के कारक हैं, जबकि बुध बुद्धि और विश्लेषण के। इस कारण इन दोनों का सकारात्मक संबंध पढ़ाई के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। वृषभ और मीन राशि के स्टूडेंट्स को विशेष फायदा मिल सकता है। नई परीक्षा की तैयारी, रिसर्च, उच्च शिक्षा और प्रोफेशनल कोर्स में सफलता के संकेत मिल सकते हैं। कन्या राशि के विद्यार्थियों को भी अपनी मेहनत का परिणाम मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

प्रेम और विवाह में भी बन सकते हैं अवसर

मीन राशि वालों के लिए पांचवें और सातवें भाव का संबंध प्रेम को विवाह की दिशा दे सकता है। मकर राशि के सातवें भाव में गुरु होने से विवाह या बिजनेस पार्टनरशिप दोनों सक्रिय हो सकते हैं। वृषभ राशि वालों के पंचम भाव की सक्रियता प्रेम संबंधों में बातचीत बढ़ा सकती है। कन्या और वृश्चिक राशि वालों के लिए भी सामाजिक संपर्कों के जरिए नए रिश्ते बनने की संभावना रहेगी। हालांकि संबंधों में किसी बड़े फैसले के लिए केवल इस छोटे गोचर पर निर्भर रहने के बजाय पूरी जन्मकुंडली देखना अधिक उचित होगा।

डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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