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Madhubani: पुलिस कस्टडी में रोशन यादव की मौत पर प्रशांत किशोर का कड़ा रुख; जांच के लिए SSP को दिया 10 दिन का अल्टीमेटम

Madhubani News: जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने मधुबनी में रोशन यादव की कथित पुलिस कस्टडी में मौत मामले में SSP से मुलाकात कर 10 दिनों के भीतर उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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पीके ने की निष्पक्ष जांच की मांग

Photo : ANI

Madhubani News: बिहार के मधुबनी जिले में पुलिस हिरासत में हुई एक युवक की संदिग्ध मौत के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर से नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने रविवार को पुलिस कस्टडी में हुई रोशन यादव की मौत पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय और पारदर्शी जांच की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने मधुबनी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से मुलाकात कर पीड़ित परिवार के लिए न्याय की गुहार लगाई।

बिना नोटिस के गिरफ्तारी पर उठाए सवाल

पत्रकारों से बातचीत करते हुए जन सुराज के विधायक प्रशांत किशोर ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया और परिस्थितियों पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया, "रोशन यादव के परिजनों का आरोप है कि 27 मई को रहिका थाने की पुलिस ने उसे बिना किसी लिखित नोटिस या पूर्व सूचना के उठाया था। प्रथम दृष्टया रोशन किसी भी तरह का आपराधिक छवि वाला व्यक्ति नजर नहीं आता है। ऐसे में बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के उसे कस्टडी में रखना बेहद संदिग्ध है।"

मामले में पुलिस प्रशासन और मृतक के परिवार के दावों में भारी अंतर देखने को मिल रहा है। मृतक का परिवार साफ तौर पर आरोप लगा रहा है कि पुलिस कस्टडी में उसे पीट-पीटकर मार डाला गया है। हालांकि पुलिस, जेल और स्थानीय प्रशासन ने इससे साफ इनकार किया है और आत्महत्या की बात कह रही है।

NHRC दिशा-निर्देशों के तहत हो जांच

प्रशांत किशोर ने बताया कि SSP और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में पुलिस ने आश्वस्त किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी जांच जिला मजिस्ट्रेट (DM) की देखरेख में होगी और इसकी रिपोर्ट आयोग को भेजी जाएगी। घटना की सच्चाई स्पष्ट करने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट 2 से 3 दिनों के भीतर आने की संभावना है।

प्रशासन को 10 दिनों की मोहलत

प्रशांत किशोर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन को 10 दिनों का समय दिया है। उन्होंने कहा कि यदि 10 दिनों के भीतर मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो जन सुराज पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आगे का कदम उठाएगा।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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