राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) से जुड़ना अब पहले के मुकाबले आसान हो सकता है। पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने गुरुवार को ‘NPS तत्काल’ योजना शुरू की है। इसके तहत लोग अब UPI ऐप के जरिए सीधे NPS खाता खोल सकेंगे और UPI के माध्यम से ही इसमें अंशदान भी कर सकेंगे। इस पहल का मकसद देश के ज्यादा से ज्यादा लोगों को पेंशन व्यवस्था से जोड़ना है।
BHIM UPI से हुई शुरुआत
PTI/भाषा के मुताबिक PFRDA के चेयरपर्सन एस. रमन ने NPS दिवस के मौके पर ‘NPS तत्काल’ की शुरुआत की। फिलहाल इसकी शुरुआत भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के BHIM UPI ऐप से की गई है। इसके बाद अन्य UPI ऐप के जरिए भी सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है। रमन ने कहा कि PFRDA का अगले दो वर्षों में NPS से करीब 2 से 3 करोड़ नए अंशधारक जोड़ने का लक्ष्य है। उनके मुताबिक, ‘NPS तत्काल’ योजना NPS की पहुंच को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
इन पांच बैंकों से जुड़ी सुविधा
फिलहाल पांच बैंक ‘NPS तत्काल’ से जुड़ चुके हैं। इनमें भारतीय स्टेट बैंक (SBI), HDFC बैंक, ICICI बैंक, Axis बैंक और IDFC First बैंक शामिल हैं। योजना के तहत इन बैंकों के KYC सत्यापित बैंक खाते का इस्तेमाल करके UPI ऐप से NPS खाता खोला जा सकता है। खाता खुलने के बाद UPI के जरिए NPS में अंशदान भी किया जा सकेगा। इससे लोगों को अलग से लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत कम होगी।
छोटे शहरों में बढ़ेगा पेंशन कवरेज
PFRDA को उम्मीद है कि ‘NPS तत्काल’ से खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में पेंशन व्यवस्था का दायरा बढ़ेगा। प्राधिकरण के मुताबिक, इस सुविधा से असंगठित क्षेत्र के ज्यादा लोगों को भी NPS से जोड़ने में मदद मिल सकती है। इससे पहले लोग BHIM या बैंक के UPI ऐप के जरिए सीधे नया NPS खाता नहीं खोल सकते थे। हालांकि, मौजूदा NPS अंशधारक बाद में UPI के माध्यम से अंशदान कर सकते थे।
पहले PRAN लेना पड़ता था
अब तक NPS में शामिल होने के लिए लोगों को पहले ऑनलाइन या ऑफलाइन पंजीकरण करना पड़ता था। इसके बाद उन्हें स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या (PRAN) जारी होती थी। ‘NPS तत्काल’ के जरिए इस प्रक्रिया को UPI के साथ जोड़कर ज्यादा सरल बनाया गया है।
क्या है NPS?
सरकार ने 1 जनवरी 2004 को पुरानी पेंशन व्यवस्था की जगह अंशदान आधारित NPS शुरू किया था। इसमें व्यक्ति अपने कामकाजी वर्षों के दौरान नियमित रूप से अंशदान करता है। जमा राशि को बाजार से जुड़े निवेश माध्यमों में लगाया जाता है और सेवानिवृत्ति के बाद इससे पेंशन संबंधी लाभ मिलता है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए NPS अनिवार्य है, जबकि निजी क्षेत्र के कर्मचारी और अन्य पात्र लोग इसमें स्वेच्छा से शामिल हो सकते हैं।
