पटना

बिहार के 13 जिलों की डेढ़ लाख गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन होगा रद्द! कहीं आपकी गाड़ी भी तो नहीं शामिल, जानें क्या है मामला

बिहार के 13 जिलों में परिवहन विभाग ने डेढ़ लाख से ज्यादा वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का निर्णय लिया है। यही नहीं अब तक कई जिलों में ऐसे वाहनों की नीलामी भी शुरू कर दी गई है।

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परिवहन विभाग ने गाड़ियों की नीलामी भी शुरू की (फोटो - AI Image)

अगर आप बिहार में रहते हैं और आपके पास भी गाड़ी है तो ये खबर ध्यान से पढ़ें। क्योंकि परिवहन विभाग ने उत्तर-पूर्वी बिहार के 13 जिलों में 1,51,633 यानी डेढ़ लाख से ज्यादा वाहनों के रजिस्ट्रेशन रद्द करने का निर्णय लिया है। बता दें कि यह कार्रवाई उन वाहन मालिकों के खिलाफ की जा रही है, जिन्होंने लंबे समय से टैक्स जमा नहीं किया है। विभाग ने पहले इन डिफॉल्टरों को टोनिस भी भेजा है और फोन के जरिए सूचित भी किया है।

चिंता न करें, यह मामला प्राइवेट गाड़ियों से जुड़ा नहीं है, बल्कि कॉमर्शियल वाहनों से जुड़ा है। बता दें सि सर्व क्षमा योजना का लाभ लेने वाले वाहन मालिकों को इस कार्रवाई से छूट दी गई है। भागलपुर और पूर्णिया परिवहन कार्यालयों में टैक्स बकाया वाहनों की पहचान करके नीलामी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार पूर्णिया के डीटीओ शंकर शरण ओमी ने बताया कि 33 हजार से ज्यादा टैक्स डिफॉल्टर वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। ज्ञात हो कि टैक्स बकाया मामले में पूर्णिया सबसे आगे है। इसके बाद भागलपुर, बेगूसराय, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, अररिया, कटिहार, किशनगंज, बांका, लखीसराय, मुंगेर और जमुई का नंबर आता है।

विभाग के अधिकारी ने जानकारी दी कि सर्व क्षमा योजना के बाद बची हुई गाड़ियों की स्क्रीनिंग का काम पूरा हो गया है। अब उनकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू होगी। बता दें कि कॉमर्शियल गाड़ियों के संचालकों को तीन महीने के भीतर टैक्स जमा करना होता है। लेकिन कुछ वाहन मालिकों ने कई महीनों से टैक्स जमा नहीं करवाया है। जिसके कारण विभाग ने उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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