नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी (एएनआई)
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के प्रमुख घटक दलों ने बुधवार को अपने-अपने विधायक दल के नेताओं का चयन किया। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायकों की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुना गया। वहीं, भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों ने एक बैठक में वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता और विजय सिन्हा को उपनेता चुना। दोनों दलों की ओर से यह जानकारी दी गई। अब एनडीए की होने वाली बैठक में नीतीश कुमार के नाम पर मुहर लगेगी जिसके बाद उनके शपथ ग्रहण का रास्ता साफ होगा।
जदयू की विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री आवास में आयोजित की गई, जिसमें पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों ने सर्वसम्मति से नीतीश कुमार के नेतृत्व में विश्वास व्यक्त करते हुए उन्हें नेता चुना। जदयू के वरिष्ठ नेता एवं मंत्री श्रवण कुमार ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि विधायकों ने एकमत से नीतीश जी को नेता चुना है। उनके नेतृत्व में ही गठबंधन सरकार बनेगी।
उधर, भाजपा विधायक दल की बैठक में नव-निर्वाचित विधायकों ने सम्राट चौधरी को नेता चुना। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक केशव प्रसाद मौर्य ने बताया, बीजेपी के विधायकों ने सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता और विजय सिन्हा को उपनेता चुना है। यह सर्वसम्मत निर्णय था। मौर्य ने कहा कि दोनों दलों के विधायक दल के नेताओं के चयन के बाद एनडीए औपचारिक रूप से राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा प्रस्तुत करेगा।
एनडीए के दोनों प्रमुख दलों के नेता के चयन के बाद अब एनडीए के सभी घटक दलों की औपचारिक बैठक होगी। एनडीए विधायक दल की इस बैठक में नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से एनडीए विधायक दल का नेता चुने जाने की उम्मीद है। सूत्रों ने कहा कि एनडीए की संयुक्त बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने सहयोगियों के साथ राजभवन जाएंगे और राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
उन्होंने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां भी समानांतर रूप से चल रही हैं। कुल 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए ने 202 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है। चुनाव में भाजपा को 89, जदयू को 85, लोजपा(रामविलास) को 19, हम को पांच और रालोमो को चार सीटें मिली हैं। भाजपा विधान सभा में पहली बार सबसे बड़े पार्टी बनी है।