पटना

पटना के भवन निर्माण कार्यालय में चली गोलियां, महिला ठेकेदार को बनाया निशाना; देखें वीडियो

बिहार की राजधानी पटना स्थित भवन निर्माण परिसर पर महिला ठेकेदार संजना झा की कार पर गोली चलाई गई। घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, जिससे में एक शख्स उनकी गाड़ी पर गोली चला रहा है।

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ठेकेदार संजना झा की गाड़ी पर फायरिंग

पटना: आलमगंज थाना क्षेत्र स्थित भवन निर्माण परिसर में टेंडर भरने आई महिला ठेकेदार पर कुछ लोगों ने गोली चला दी। गोली ठेकेदार के स्कॉर्पियो गाड़ी में लगी और गाड़ी के शीशे टूट गए। हालांकि, उस गाड़ी में ठेकेदार उपस्थित नहीं थीं। बताया जा रहा है कि ठेकेदार अपनी पति के साथ टेंडर का फाइल लेकर कार्यालय में गईं थी। इसी दौरान एक शख्स ने उनकी गाड़ी पर फायरिंग कर दी। इस घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, जिसमें वारदात स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।

घटना की सूचना मिलते ही आलमगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से मामले की जांच शुरू कर दी है। इस मामले को लेकर आलमगंज थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि गुरुवार को संजना झा अपने पति के साथ टेंडर भरने पहुंची थी। इसी क्रम में अपराधियों द्वारा उनकी गाड़ी पर एक गोली चलाई गई है। उन्होंने बताया कि इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस अपराधियों की तलाश में छानबीन शुरू कर दी है।

कार्यपालक पदाधिकारी पर गंभीर आरोप

संजना झा ने बताया कि यह सब कार्यपालक पदाधिकारी की एक चाल है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को टेंडर बांटे जाने की सूचना मिली थी। टेबल टेंडर बांटे जाने को लेकर वह यहां आवेदन करने पहुंची थी। जब वह फाइल लेकर अपने पति के साथ भवन निर्माण कार्यालय में पहुंची। इसी बीच किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी गाड़ी पर निशाना साधकर गोली चलाई। उन्होंने बताया कि यह सभी कार्यपालक पदाधिकारी और ठेकेदार की चाल हो सकती है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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