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Satya Niketan Delhi News: सत्य निकेतन हादसे ने खोली अवैध और जर्जर इमारतों की पोल, MCD ने एक और 'खतरनाक' बिल्डिंग गिराने का नोटिस किया जारी

Satya Niketan Building Collapse News: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में बॉयज PG की 5 मंजिला जर्जर इमारत ढहने से मृतकों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। वहीं MCD द्वारा एक और इमारत के लिए डिमोलिशन नोटिस सामने आया है।

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सत्य निकेतन में रेस्क्यू जारी

Photo : ANI

Satya Niketan Building Collapse News: दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर ढही 5 मंजिला इमारत के हादसे में राहत एवं बचाव कार्य के दौरान देर रात एक और शव बरामद हुआ है। इसके साथ ही इस भीषण दुर्घटना में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मलबे के भारी ढेरों को हटाने और संभावित रूप से फंसे अन्य लोगों की तलाश में युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।

इसी बीच, सत्य निकेतन में ही मकान नंबर 13 की जर्जर स्थिति को लेकर दिल्ली नगर निगम (MCD) द्वारा कारण बताओ सह डिमोलिशन नोटिस भी जारी किया गया है।

MCD ने इलाके की एक इमारत को घोषित किया 'खतरनाक'

सामने आए आधिकारिक आदेश के अनुसार, नगर निगम ने दिल्ली नगर निगम (DMC) अधिनियम के तहत संपत्ति के मालिक को स्पष्ट निर्देश जारी हैं कि निरीक्षण में पाया गया कि सत्य निकेतन स्थित यह इमारत अत्यंत जर्जर और खतरनाक स्थिति में है। यह ढांचा इसमें रहने वाले छात्रों, आने-जाने वाले राहगीरों तथा आसपास के पड़ोसियों की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बना हुआ है। MCD ने मकान मालिक को आदेश प्राप्त होने के 3 दिनों के भीतर इस जर्जर निर्माण को स्वयं ध्वस्त करने का सख्त निर्देश दिया था ताकि किसी अनहोनी को रोका जा सके। नोटिस में साफ किया गया था कि समय-सीमा में आदेश का पालन न करने पर MCD खुद इसे जमींदोज करेगी और गिराने का पूरा खर्च संपत्ति कर की बकाया राशि के रूप में वसूला जाएगा।

'हॉस्टल डेज' नाम से चल रहा था PG

स्थानीय निवासियों और पुलिस के अनुसार, लगभग 40 से 50 साल पुरानी इस 5 मंजिला इमारत में 'Hostel Daze' नाम से बॉयज पेइंग गेस्ट (PG) चलाया जा रहा था। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के साउथ कैंपस और श्री वेंकटेश्वर कॉलेज के ठीक पास होने के कारण यहाँ विभिन्न राज्यों से आए दर्जनों छात्र रहते थे। प्राथमिक जांच के अनुसार, इमारत के बेसमेंट में मरम्मत और खुदाई का काम चल रहा था, जिसके दौरान यह पूरी इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह भरभराकर ढह गई।

NDRF और पुलिस का सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना के बाद से ही NDRF के जवान, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और दिल्ली पुलिस की टीमें मौके पर डटी हुई हैं। मलबे के नीचे से अब तक कई लोगों को सुरक्षित निकालकर AIIMS ट्रॉमा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया गया है। मलबे के भारी टुकड़ों को हटाने के लिए कटर और विशेष उपकरणों का सहारा लिया जा रहा है ताकि मलबे में दबे किसी भी जीवित व्यक्ति को नुकसान न पहुँचे।

घनी आबादी वाले PG हब में सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल

दिल्ली के प्रमुख छात्र आवास क्षेत्र में हुई इस त्रासदी ने राष्ट्रीय राजधानी के घने रिहायशी इलाकों में चल रहे अवैध पीजी, जर्जर निर्माणों और फायर व स्ट्रक्चरल सेफ्टी मानकों की अनदेखी की पोल खोल दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली सरकार ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं, वहीं दिल्ली पुलिस ने मकान मालिक के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। MCD ने भी मामले के बाद 4 मंजिल से अधिक के अवैध निर्माणों को तुरंत सील करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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