Gopal Khemka Murder: राजधानी पटना में हुए उद्योगपति गोपाल खेमका हत्याकांड को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को आपात बैठक बुलाई और वरिष्ठ अधिकारियों को मुख्यमंत्री आवास पर तलब कर कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे कोई भी हों।
सीएम ने मांगी DGP से पूरी जानकारी
मुख्यमंत्री ने बैठक में पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार से गोपाल खेमका की हत्या से जुड़ी पूरी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि घटना की तह तक जाकर पूरे मामले की गहन जांच की जाए। यदि हत्या के पीछे कोई साजिश सामने आती है तो उसकी भी विशेष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
पटना पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
खेमका की हत्या गांधी मैदान थाना से महज 300 मीटर की दूरी पर स्थित राम गुलाम चौक के पास हुई, लेकिन पुलिस घटनास्थल पर देर से पहुंची। परिजनों के अनुसार, घटनास्थल पर सेंट्रल एसपी दीक्षा करीब रात 2:30 बजे पहुंचीं जबकि थाने की पुलिस 1:30 बजे अस्पताल पहुंची। इस देरी को लेकर पटना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
SIT का गठन, कार्रवाई शुरू
DGP विनय कुमार के निर्देश पर इस हाई-प्रोफाइल हत्या की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसकी कमान पटना सेंट्रल SP दीक्षा को सौंपी गई है। टीम ने अपनी जांच शुरू कर दी है और हत्यारों की पहचान और पकड़ के लिए तेजी से कार्रवाई की जा रही है।
लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई की चेतावनी
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैठक में स्पष्ट कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी या पुलिसकर्मी की लापरवाही उजागर होती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अपराधी अब सरकार को सीधी चुनौती दे रहे हैं और यह स्थिति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
