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नेपाल बाढ़: त्रिशूली में चट्टान की तरह खड़ा रहा जो मकान, वहां पहुंचा टाइम्स नाउ नवभारत, परिवार ने बताई सैलाब से बचने की कहानी, Video

त्रिशूली में सैलाब से बचने वाले इस परिवार तक टाइम्स नाउ नवभारत की टीम पहुंची। परिवार की एक महिला सदस्य ने बताया कि उन्हें दूसरा जीवन मिला है। सैलाब से घिरे होने के दौरान वे 'ओम नम: शिवाय' का जाप करते रहे।

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त्रिशूली नदी के पास स्थित है मकान।

Nepal Fpood: बीते 26 अगस्त को नेपाल में आए भयानक बाढ़ और सैलाब में पेड़, मकान, पुल और सड़क बह गए। इसी सैलाब में त्रिशूली नदी के तट पर स्थित हल्के हरे रंग का एक तीन मंजिला मकान घिर गया था। ऐसा लग रहा था कि बाढ़ और मलबे का सैलाब मकान को अपने साथ बहा ले जाएगा और इस घर में मौजूद लोग भी तेज बहाव का हिस्सा बन जाएंगे लेकिन चारों तरफ मलबे और बर्बादी के बावजूद यह मकान पूरी मजबूती के साथ खड़ा रहा। इस विनाशकारी बाढ़ के दौरान घर की बालकनी और छत पर परिवार के चार-पांच सदस्य फंसे हुए थे। इनमें से एक महिला मदद के लिए लाल दुपट्टा लहराती हुई नजर आई थी। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो काफी वायरल हुआ था।

महिला ने कहा-हमें दूसरा जीवन मिला

राहत की बात यह है कि बाद में इस परिवार को सुरक्षित बचा लिया गया। आसपास के कई पक्के मकान और ढांचे सैलाब में ताश के पत्तों की तरह ढह गए, लेकिन यह घर चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बचा रहा। सैलाब से बचने वाले इस परिवार तक टाइम्स नाउ नवभारत की टीम पहुंची। परिवार की एक महिला सदस्य ने बताया कि उन्हें दूसरा जीवन मिला है। सैलाब से घिरे होने के दौरान वे 'ओम नम: शिवाय' का जाप करते रहे। महिला ने बताया कि ऐसा लग रहा था कि वे बच नहीं पाएंगे।

लगा कि हम बच नहीं पाएंगे-परिवार

टाइम्स नाउ नवभारत से खास बातचीत में महिला ने बताया 'ऐसा लग रहा था कि भीषण बाढ़ और मलबे में उनका घर भी बह जाएगा और हम बच नहीं पाएंगे लेकिन हमने हिम्मत नहीं हारी। हम 'ओम नम: शिवाय' का जाप और मदद की गुहार लगाते रहे। मैं छत पर लाल कपड़ा लहराती रही ताकि बचाव कार्य के लिए आने वाले हेलिकॉप्टर की हम पर नजर पड़े और हमें यहां से निकाला जा सके। बाढ़ का पानी जब कम हुआ तो हमें यहां से सुरक्षित निकाला गया। हमें दूसरा जीवन मिला है।'

बाढ़ से अब तक 939 लोगों की मौत

मकान के निचले दो फ्लोर पूरी तरह मलबे में दब चुके हैं। इस आपदे को मजबूती से सहने वाला मकान कमजोर हो गया है। अब इसे खाली किया जा रहा है। इस परिवार के लोग राहत एवं बचाव कार्य के लिए स्थानीय लोगों एवं प्रशासन को अब धन्यवाद दे रहे हैं। नेपाल बाढ़ में मरने वालों की संख्या सोमवार को बढ़कर 939 हो गई जबकि करीब 4,000 लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों का कहना है कि अब तक 10,000 से अधिक लोगों को बचाया जा चुका है और बचाव दल रुक-रुक कर हो रही बारिश, उफनती नदियों, क्षतिग्रस्त सड़कों व पुलों के बीच फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी बाढ़ के पानी को अपने साथ नीचे की ओर ले गई, जिससे घर, वाहन, सड़कें और पुल बह गए तथा जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा।

Saket kumar
साकेत कुमारauthor

साकेत कुमार के पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 18 वर्षों का लंबा अनुभव है। वर्तमान में वह Times Now Navbharat के पटना ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं और बिहार की राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और ग्राउंड रिपोर्टिंग में गहरी पकड़ रखते हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण खबरों को कवर किया है और निष्पक्ष, तथ्यपरक और सटीक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। साकेट की रिपोर्टिंग में जमीनी हकीकत, गहन रिसर्च और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने की प्रतिबद्धता साफ दिखाई देती है।

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