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पटना हाई कोर्ट परिसर में बजे सायरन, उतरे कमांडो; ATS ने परखी सुरक्षा, बस हाईजैक और आतंकियों से मुठभेड़ का मॉक ड्रिल

Patna News: पटना हाई कोर्ट में ATS ने आतंकी हमले से निपटने के लिए मॉक ड्रिल की। मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू की मौजूदगी में बस हाईजैक और बंधकों को छुड़ाने का अभ्यास हुआ।

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हाईकोर्ट परिसर में मॉक ड्रिल करते जवान

Photo : Times Now Digital

Patna News: बिहार की राजधानी पटना का उच्च न्यायालय परिसर आज उस समय किसी आपातकालीन स्थिति में नजर आने लगा, जब अचानक सुरक्षा बलों की गाड़ियां सायरन बजाते हुए परिसर में दाखिल हुईं। दरअसल, यह कोई वास्तविक हमला नहीं बल्कि बिहार पुलिस की एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) द्वारा आयोजित एक सघन मॉक ड्रिल थी। इसका मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित आतंकी खतरे या आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा तैयारियों का जायजा लेना था।

धमकियों के बीच सुरक्षा का कड़ा इम्तहान

पिछले कुछ समय से बिहार के विभिन्न न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। इसी कड़ी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों को परखने के लिए यह युद्धाभ्यास किया गया। इस विशेष ऑपरेशन को पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू और अन्य न्यायाधीशों ने स्वयं अपनी उपस्थिति में देखा और एटीएस टीम की कार्यकुशलता का अवलोकन किया।

बस हाईजैक और बंधक संकट का रिहर्सल

मॉक ड्रिल के दौरान एक बेहद चुनौतीपूर्ण स्थिति तैयार की गई थी। अभ्यास में दिखाया गया कि पटना से राजगीर जा रही वैज्ञानिकों की एक बस को आतंकियों ने हाईजैक कर लिया है और हाई कोर्ट परिसर के भीतर कुछ लोगों को बंधक बना लिया गया है। सूचना मिलते ही एटीएस के कमांडो पूरी तैयारी के साथ एक्शन मोड में आ गए।

कमांडोज और डॉग स्क्वायड का एक्शन

एटीएस की टीम ने अत्याधुनिक रणनीतियों का पालन करते हुए पूरे परिसर की घेराबंदी की। इस ऑपरेशन में विभिन्न दस्ते शामिल थे। कमांडोज ने बिना समय गंवाए परिसर को चारों तरफ से घेर लिया। डॉग स्क्वायड ने संदिग्ध वस्तुओं की पहचान की, जिसके बाद बम निरोधक दस्ते ने विस्फोटक को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने का सफल प्रदर्शन किया। अत्याधुनिक हथियारों से लैस एटीएस कमांडोज ने आतंकियों के साथ मुठभेड़ का प्रदर्शन किया और सभी बंधकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

तैयारियों पर संतोष और सुरक्षा का संदेश

इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में विभिन्न सुरक्षा इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने एटीएस के जवानों के साहस और त्वरित कार्यवाही की सराहना की। इस मॉक ड्रिल के जरिए आम जनता और सुरक्षा तंत्र को यह संदेश दिया गया कि बिहार पुलिस किसी भी अप्रिय घटना को नाकाम करने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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