पाकिस्तान (Pakistan) की अपनी हालत खस्ता हाल है। पाकिस्तान में लोग रोटी को भी मोहताज हैं, लेकिन इसके बावजूद वह आंतकवाद का बढ़ावा देना बंद नहीं करता। 9 जून को जब नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, उससे कुछ ही मिनट पहले जम्मू-कश्मीर में कटड़ा से करीब 40 किमी दूर एक बड़ा आतंकी हमला हुआ। रियासी में श्रद्धालुओं की बस पर आतंकियों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी (Reasi Terror Attack) की, जिसमें 9 यात्रियों की मौत हुई और 41 घायल हो गए। 10 जून 2024 की शाम कठुआ में गोलीबारी हुई और 11 जून दोपहर दो आतंकवादियों के मारे जाने की खबर आयी। हालांकि, इस मुठभेड़ में एक CRPF कर्मी भी शहीद हो गया। आतंकवादियों ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए अब जम्मू क्षेत्र में हमले बढ़ा दिए हैं। हाल ही में पंजाब के पठानकोट (Pathankot) में एक मंदिर के दानपात्र (Donation Box) में पाकिस्तानी नोट मिले हैं। चलिए जानते हैं कितना बड़ा है ये खतरा -
पठानकोट में एक शिव मंदिर (शिवालय) है, जिसे बाबा बर्फानी मंदिर कहा जाता है। अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार इसी मंदिर के दानपात्र यानी डोनेशन बॉक्स (Donation Box) में पाकिस्तानी करेंसी नोट मिले हैं। बड़ी बात ये है कि यह मंदिर भारतीय वायु सेना के बेस (Indian Air Force Base) के काफी करीब मौजूद है।
CCTV फुटेज की जांच
पठानकोट के SSP कासिम मीर ने फोन पर बात करते हुए बताया कि किसी ने पाकिस्तानी करेंसी में 100 रुपये दान किए हैं। उन्होंने बताया कि जब इस बारे में सूचना मिली तो पुलिस टीम ने मंदिर प्रांगण की गहन जांच की। इसके साथ ही मंदिर में लगे सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) को भी देखा गया है।पर्यटक आते-जाते रहते हैं
SSP कासिम मीर ने बताया कि जांच के दौरान कुछ भी संदेहजनक नहीं पाया गया। मंदिर एक ऐसी प्रमुख सड़क पर मौजूद है, जहां से रोज बड़ी संख्या में पर्यटक आते-जाते हैं। कई बार पर्यटक यहां रुकते हैं और मंदिर में श्रद्धापूर्वक शीश झुकाते हैं।पुलिस ने अलर्ट जारी किया
पुलिस ने पाकिस्तानी करेंसी नोट को कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच की जा रही है। इसके साथ ही सीमांत जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है। बता दें कि पठानकोट जिले की सीमा उत्तर में जम्मू-कश्मीर से भी मिलती है।पहले भी निशाने पर रहा पठानकोट
पठानकोट आतंकवादियों की निशाने पर पहले भी रहा है। यहां पर भारतीय वायु सेना का बेस है। साल 2016 में 2 जनवरी की सुबह करीब 3.30 बजे भारतीय सेना की वर्दी पहनकर 6 आतंकवादी उच्च सुरक्षा घेरा तोड़कर पठानकोट में वायु सेना के बेस में घुस गए थे। हमले से पहले आतंकवादी यहां मैदान में मौजूद बड़ी-बड़ी घास में छिपे रहे। मुठभेड़ में सभी 6 आतंकवादी मारे गए, लेकिन इस दौरान 7 सुरक्षाकर्मी भी मारे गए। इन सात में से पांच रक्षा सुरक्षा से जुड़े जवान के साथ ही 1 गरुड़ कमांडो और 1 राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड था। इसके अलावा 2021 में भी बाइक सवार दो बदमाशों ने यहां गेट के पास ग्रेनेड फेका था।अब जब आतंकवादियों ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए कश्मीर की बजाय जम्मू क्षेत्र को निशाना बनाना शुरू किया है तो सीमांत जिला पठानकोट भी उनकी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। यहां हमले करके आतंकवादी और पाकिस्तान में बैठे उनके आका किसी बड़ी साजिश को अंजाम दे सकते हैं।
