Odisha Vigilance Raid Corrupt Engineer: ओडिशा के कोरापुट जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। ओडिशा सतर्कता ब्यूरो (विजिलेंस) ने शुक्रवार को एक सरकारी इंजीनियर (odisha vigilance raid) के ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें करोड़ों रुपये की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा हुआ है। इस इंजीनियर के पास से 49 बेशकीमती जमीन के टुकड़े, दो आलीशान फार्महाउस, भारी मात्रा में सोने-चांदी के गहने और लाखों रुपये कैश बरामद (Corrupt Engineer 49 Plots 2 Farmhouses) हुए हैं।
यह पूरी कार्रवाई कोटपाड़ ब्लॉक में तैनात सहायक कार्यकारी अभियंता (असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) सत्यनारायण सेठी के खिलाफ की गई है। उन पर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति जुटाने का गंभीर आरोप लगा है।
7 ठिकानों पर एक साथ पड़ी रेड
विजिलेंस (जयपुर मंडल) की पुलिस अधीक्षक एस. सुश्री ने बताया कि इंजीनियर सत्यनारायण सेठी के घर, दफ्तर और अन्य संपत्तियों समेत कुल 7 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। इस दौरान जो काली कमाई सामने आई, उसे देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। जांच में विजिलेंस को कई चीजें मिली हैं। जिनमें निम्नलिखित हैं:
- राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 32 कीमती भूखंड (प्लॉट) और एक फ्लैट।
- कोरापुट के बोरिगुमा ब्लॉक में 10.03 एकड़ का एक विशाल फार्महाउस मिला है, जिसमें आम और नीलगिरी के बागान हैं। इसी इलाके में 4.35 एकड़ का एक दूसरा फार्महाउस भी मिला है।
- लगभग 300 ग्राम सोने के आभूषण, 600 ग्राम चांदी और ₹5.48 लाख की नकद राशि।
- इसके अलावा बैंक खातों और डाकघर (पोस्ट ऑफिस) में जमा मोटी रकम के दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी स्क्रूटनी की जा रही है।
7100 रुपये के वेतन से शुरू हुआ था सफर
अधिकारियों ने जो जानकारी दी है उसके मुताबिक सत्यनारायण सेठी ने साल 1998 में एक कनिष्ठ अभियंता (जूनियर इंजीनियर) के रूप में अपनी सरकारी नौकरी की शुरुआत की थी। उस समय उनका शुरुआती वेतन महज 7,100 रुपये प्रति माह था। 2015 में वे सहायक अभियंता बने और साल 2025 में प्रमोट होकर सहायक कार्यकारी अभियंता के पद पर पहुंचे। विजिलेंस विभाग को शक है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी बेनामी संपत्तियों का खुलासा हो सकता है। फिलहाल अधिकारी इंजीनियर और उनके परिवार के सदस्यों से कड़ी पूछताछ कर रहे हैं।
