Noida Workers Protest News: नोएडा चल रहे मजदूर विवाद को सुलझाने के लिए बनाई गई उच्च स्तरीय समिति आज रात तक समाधान निकालने की कोशिश करेगी। इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री योगी की पैनी नजर बनी हुई है और सभी पक्षों के साथ लगातार संवाद जारी है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रात में इस प्रकरण की विस्तृत समीक्षा भी करेंगे। गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए श्रम विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया। औद्योगिक क्षेत्र में संतुलन बनाए रखने और शांति कायम रखने के उद्देश्य से नोएडा में एक हाई लेवल कमेटी गठित की गई, जो सभी संबंधित पक्षों से बातचीत कर समाधान तलाशने का काम करेगी।
इनको किया गया कमेटी में शामिल
इस समिति की अगुवाई औद्योगिक विकास आयुक्त करेंगे। इसके अलावा, अपर मुख्य सचिव (एमएसएमई) और प्रमुख सचिव (श्रम एवं सेवायोजन) को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश (कानपुर) से नामित एक अधिकारी को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। समिति में श्रमिक संगठनों के पांच प्रतिनिधियों और उद्योग संगठनों के तीन प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है, ताकि हर पक्ष की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। यह टीम गौतम बुद्ध नगर पहुंच चुकी है और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कर जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
सीएम योगी ने क्या कहा
वहीं, आदित्यनाथ मुजफ्फरनगर में 951 करोड़ रुपये से अधिक की 423 परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, ’’मैं औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत सभी कर्मियों और श्रमिकों से अपील करता हूं कि वे याद करें, कोविड-19 के दौरान सरकार किस तरह उनके साथ खड़ी रही। उस समय हमने उनकी सुरक्षित घर वापसी के लिए परिवहन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराईं।’’ उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान श्रमिकों को पृथक-वास केंद्रों में रखने और उन्हें हर प्रकार की मुफ्त सुविधाएं देने की व्यवस्था की गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले राज्य में उद्योगों की स्थिति खराब थी और कानून-व्यवस्था भी कमजोर थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।
"कुछ लोग औद्योगिक अशांति फैलाना चाहते हैं"
योगी आदित्यनाथ ने श्रमिकों और उद्यमियों दोनों से संवाद बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, "कुछ लोग औद्योगिक अशांति फैलाना चाहते हैं, उनसे सावधान रहें और उन्हें सफल न होने दें। हमारी सरकार श्रमिकों और उद्यमियों दोनों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।" उन्होंने उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सर्विस कॉरपोरेशन का जिक्र करते हुए कहा कि इसके जरिए न्यूनतम मानदेय की गारंटी दी जाएगी और भुगतान सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में किया जाएगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था को आगे चलकर सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों तक विस्तार देने की योजना है, ताकि हर श्रमिक को सामाजिक सुरक्षा मिल सके।
वेतन वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों का प्रदर्शन
बता दें कि, नोएडा के फेज-2, सेक्टर-60, 62 और 84 सहित कई औद्योगिक क्षेत्रों में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों का प्रदर्शन सोमवार को हिंसक हो गया। इस दौरान पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं, जिसमें वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया और संपत्ति को नुकसान पहुंचा। पुलिस के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर में स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। अधिकारियों ने बताया कि हालात नियंत्रण में हैं और सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास जारी हैं। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। जिला प्रशासन ने पहले ही श्रमिकों की मांगों को लेकर फैक्ट्री मालिकों और अन्य पक्षों के साथ बैठकें की थीं तथा नियमों के अनुसार दोगुना ओवरटाइम वेतन, साप्ताहिक अवकाश और बोनस जैसी सुविधाएं देने की घोषणा की थी।
(भाषा इनपुट के साथ)
