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Delhi Bus Rape Horror: परी चौक से कश्मीरी गेट तक 47 KM... चलती बस में क्या हुआ? जानिए छात्रा से गैंगरेप की पूरी कहानी

Delhi Gang Rape News: दिल्ली में 16 साल की छात्रा से चलती स्लीपर बस में कथित गैंगरेप के मामले ने महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। 4 अगस्त की रात छात्रा को नोएडा सेक्टर-63 पहुंचाने का भरोसा देकर बस में बैठाया गया, लेकिन बस दिल्ली की ओर चली गई और करीब 47 किलोमीटर बाद कश्मीरी गेट में उसे उतार दिया गया। शिकायत के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज के जरिए बस की पहचान कर ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया।

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पढ़ें चलती बस में छात्रा से गैंगरेप की पूरी टाइमलाइन। AI IMAGE

Delhi Gang Rape News: दिल्ली में 16 साल की छात्रा से चलती स्लीपर बस में गैंगरेप ने एक बार फिर बेटियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए। यह घटना 4 अगस्त की है, पुलिस ने 31 अगस्त को इसकी जानकारी दी। 4 अगस्त की रात 16 साल की एक नाबालिग लड़की कथित तौर पर एक स्लीपर बस में गैंगरेप का शिकार हुई। पुलिस के मुताबिक, लड़की को नोएडा सेक्टर-63 पहुंचाने का भरोसा देकर बस में बैठाया गया, लेकिन बस अपने निर्धारित रास्ते से अलग दिल्ली की तरफ चली गई।

पुलिस के अनुसार, करीब 47 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद लड़की को दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में छोड़ दिया गया। इस पूरे रूट पर कई सीसीटीवी कैमरे और पुलिस की तैनाती वाले इलाके मौजूद थे, लेकिन जांच अब इस सवाल पर भी केंद्रित है कि बस इतने लंबे रास्ते तक बिना रुके कैसे आगे बढ़ती रही।

पहले समझिए पूरा मामला

पुलिस के मुताबिक, पीड़िता उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली 11वीं कक्षा की छात्रा है। वह अपने चचेरे भाई/रिश्तेदार के पास नोएडा सेक्टर-63 जाने के लिए घर से निकली थी। बारिश के बीच वह गलती से ग्रेटर नोएडा के परी चौक पहुंच गई। उसे पता चला कि वह अभी अपने गंतव्य से करीब 25 किलोमीटर दूर है। इसी दौरान एक बस उसके पास रुकी। आरोप है कि बस के कंडक्टर ने लड़की से कहा कि बस नोएडा सेक्टर-63 जा रही है और उसे वहां उतार दिया जाएगा। भरोसा करके लड़की बस में बैठ गई। इसके बाद घटनाक्रम ने गंभीर मोड़ ले लिया।

पूरी टाइमलाइन: 4 अगस्त की रात क्या-क्या हुआ?

शाम करीब 5 बजे — बस वर्कशॉप से निकली

जांच में सामने आया कि जिस बस में घटना हुई, वह उस रात नियमित यात्री सेवा में नहीं थी। ट्रैवल कंपनी के मुताबिक बस में तकनीकी खराबी के बाद उसे ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित वर्कशॉप में मरम्मत के लिए भेजा गया था।

पुलिस के अनुसार, ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप ने करीब शाम 5 बजे बस को वर्कशॉप से लिया।

रात करीब 9 बजे — बस ने सफर शुरू किया

करीब 9 बजे बस सूरजपुर से आगे बढ़ी और परी चौक की तरफ पहुंची।

इसी दौरान भारी बारिश के बीच लड़की परी चौक पर मौजूद थी और अपने रिश्तेदार के घर पहुंचने के लिए वाहन तलाश रही थी।

रात करीब 9 बजे — लड़की बस में बैठी

पुलिस के मुताबिक, बस परी चौक के पास रुकी। कंडक्टर ने कथित तौर पर लड़की को बताया कि बस सेक्टर-63 जा रही है। लड़की ने इस भरोसे पर बस में प्रवेश किया। लेकिन आरोप है कि बस सेक्टर-63 जाने के बजाय दिल्ली की तरफ बढ़ने लगी।

चलती बस में कथित अपराध

पुलिस के मुताबिक, लड़की ने आरोप लगाया कि सफर के दौरान कंडक्टर ने उसके साथ अनुचित हरकत की और बाद में ड्राइवर और कंडक्टर दोनों ने उसके साथ यौन हिंसा की। पुलिस के अनुसार, लड़की ने विरोध किया तो दोनों आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। बस लगातार आगे बढ़ती रही।

करीब 47 KM — बस ने नहीं लगाया कोई स्टॉप

पुलिस के मुताबिक बस ने करीब 47 किलोमीटर का सफर तय किया और लड़की को कश्मीरी गेट के पास छोड़ दिया। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि रास्ते में मौजूद CCTV कैमरों, बैरिकेडिंग और पुलिस तैनाती वाले क्षेत्रों के बावजूद बस को कहीं रोका गया या नहीं। पुलिस अब पूरे रूट का CCTV फुटेज खंगालकर बस की मूवमेंट को जोड़ रही है।

कश्मीरी गेट पहुंचकर लड़की ने क्या किया?

कश्मीरी गेट के पास लड़की को बस से उतार दिया गया। इसके बाद उसने ऑटो-रिक्शा लिया और कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन पहुंची। महत्वपूर्ण बात यह रही कि दिल्ली पुलिस ने घटना की जगह को लेकर अधिकार क्षेत्र का विवाद खड़ा करने के बजाय शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, लड़की का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया और समिति के निर्देश पर उसके पिता को सौंप दिया गया।

CCTV बना पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने बस की तलाश शुरू की। पुलिस के मुताबिक, CCTV फुटेज की मदद से कुछ ही घंटों में बस की पहचान कर ली गई। इसके बाद बस को उत्तरी दिल्ली के तिमारपुर इलाके की एक पार्किंग से बरामद किया गया। पुलिस ने ड्राइवर कुलदीप (39) और कंडक्टर संदीप (26) को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी कानपुर के रहने वाले बताए गए हैं। बस को भी जब्त कर लिया गया।

बस का CCTV कैमरा क्यों नहीं कर रहा था काम?

इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था पर सबसे बड़ा सवाल बस के अंदर लगे CCTV को लेकर है। ट्रैवल कंपनी के मैनेजर के मुताबिक, बस घटना के समय मरम्मत/नवीनीकरण के दौर से गुजर रही थी और उसका CCTV सिस्टम काम नहीं कर रहा था। यानी जिस बस में यात्रियों की सुरक्षा के लिए निगरानी कैमरे होने चाहिए थे, उसी बस में घटना के वक्त कैमरे कथित तौर पर सक्रिय नहीं थे। बस के अंदर स्लीपर बर्थ पर पर्दे भी लगे हुए थे। पुलिस का मानना है कि इन पर्दों की वजह से बस के बाहर मौजूद लोगों के लिए अंदर की गतिविधियों को देख पाना मुश्किल हो सकता था।

47 KM के रास्ते में सुरक्षा व्यवस्था कहां थी?

पुलिस कई जगहों के CCTV फुटेज जुटाकर बस की पूरी यात्रा को जोड़ रही है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बस ने रास्ते में कहीं रुककर किसी को उतारा या नहीं और इतनी लंबी दूरी तक वह बिना रोके कैसे आगे बढ़ी। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, रूट का बड़ा हिस्सा रिंग रोड और हाईवे से गुजरता है, जहां भारी ट्रैफिक के कारण लगातार बैरिकेडिंग करना मुश्किल होता है। हालांकि, नोएडा-दिल्ली बॉर्डर के कुछ हिस्सों में पुलिस की तैनाती होने की बात भी सामने आई है।

फोरेंसिक जांच में क्या मिला?

पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच कराई। रिपोर्ट के मुताबिक, बस के अंदर पीड़िता के बाल मिले हैं। हालांकि, फोरेंसिक जांच अभी पूरी नहीं हुई है और पुलिस आगे की जांच कर रही है। आरोपियों के पोटेंसी टेस्ट भी कराए गए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों आरोपियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड पहले से था या नहीं और ट्रैवल कंपनी ने कर्मचारियों की नियुक्ति के समय उनके बैकग्राउंड का सत्यापन किस तरह किया था।

निर्भया केस की याद क्यों आई?

इस घटना की तुलना 2012 के निर्भया गैंगरेप केस से भी की जा रही है, क्योंकि उस मामले में भी एक महिला के साथ चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। 2012 के मामले के बाद देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे और इसके बाद यौन अपराधों से जुड़े कानूनों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए थे। हालांकि, दोनों मामलों की परिस्थितियां अलग हैं और मौजूदा मामले की जांच अभी जारी है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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