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नोएडा में रिटायर्ड मेजर जनरल हुए डिजिटल अरेस्ट,दो करोड़ रुपये की ठगी; तीन लोग गिरफ्तार

नोएडा में रिटायर्ड मेजर जनरल डिजिटल अरेस्ट का शिकार हो गए। ठगों ने उनसे दो करोड़ रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर जुड़े अन्य आरोपियों का पता लगाने में जुटी है।

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सांकेतिक फोटो।

Photo : iStock

Noida News: गौतम बुद्ध नगर की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने सेवानिवृत्त मेजर जनरल को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर दो करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले मे तीन आरोपियों को जयपुर से गिरफ्तार किया है। बता दें कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ में किसी शख्स को ऑनलाइन माध्यम से डराया जाता है कि वह सरकारी एजेंसी के माध्यम से गिरफ्तार हो गया है और उसे जुर्माना देना होगा।

थाईलैंड में बैठे आरोपियों ने दिया अंजाम

साइबर क्राइम पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने डिजिटल अरेस्ट कर धोखाधड़ी के लिए एक बैंक खाता उपलब्ध कराया था। ठगी की वारदात थाईलैंड में बैठे साइबर अपराधियों के गिरोह ने की थी। पुलिस उपायुक्त (साइबर क्राइम) प्रीति यादव ने शनिवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जयपुर निवासी कानाराम (30), ललित कुमार (22) और सचिन कुमार (30) के रूप में हुई है।

पांच दिनों तक रखा डिजिटल अरेस्ट

उन्होंने बताया कि नोएडा के सेक्टर-31 निवासी सेवानिवृत्त मेजर जनरल ने 28 अगस्त को साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके साथ दो करोड़ रुपये की ठगी हुई है। पीड़ित के अनुसार, उन्हें पांच दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया था। ठगी से पहले फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को एक कुरियर कंपनी का कर्मचारी बताया। उन्हें बताया गया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर एक पार्सल ताइवान भेजा जा रहा था, जिसमें पांच पासपोर्ट, चार बैंक के क्रेडिट कार्ड, कपड़े, 200 ग्राम मादक पदार्थ और एक लैपटॉप समेत अन्य अवैध सामान है।

प्लानिंग के तहत पीड़ित को फंसाया

शिकायत के अनुसार, पीड़ित से कहा गया कि अगर उन्हें ऐसा लग रहा है कि उनके आधार कार्ड के साथ छेड़छाड़ हुई है तो मुंबई अपराध शाखा में इसकी शिकायत करनी होगी। इसके बाद व्हाट्सएप कॉल के जरिये अजय कुमार बंसल नाम के कथित मुंबई पुलिस अधिकारी और शिकायतकर्ता का संपर्क कराया गया। जालसाजों ने पीड़ित के पास केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का एक फर्जी पत्र भेजा, जिसमें लिखा था कि अगर उसे जेल जाने से बचना है तो पूछताछ संबंधी कोई भी जानकारी परिवार के लोगों से साझा नहीं करनी होगी। कैमरे के जरिये ठग मेजर जनरल पर नजर गड़ाए रहे। इस दौरान दावा किया गया कि मेजर जनरल पर कभी भी हमला हो सकता है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद पुलिस अधिकारी बन कर ठग ने पीड़ित की वित्तीय जानकारियां पूछी और उन्हें रकम विभिन्न बैंक खातों में भेजने के लिए कहा। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर जुड़े अन्य आरोपियों का पता लगाने में जुटी है।

इनपुटः भाषा

Maahi Yashodhar
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माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

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