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नोएडा में महंगी होने वाली है घर, प्लॉट की रजिस्ट्री; इसी महीने बढ़ेंगे सर्किल रेट

Circle Rate: नोएडा में अक्टूबर के अंत तक नए सर्किल रेट को फिर से लागू करने की तैयारी है। लेकिन, नए रेट लिस्ट को लेकर अभी सहमति का इंतजार है। इसे लेकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी के सेक्टर और गांवों के प्रस्तावित सर्किल रेट की लिस्ट तैयार कर तीनों औद्योगिक विकास प्राधिकरण को भेज दी गई है-

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नोएडा में महंगे होंगे घर और प्लॉट

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • नोएडा में महंगे हो घर और प्लॉट
  • सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी
  • 10 से 25% तक बढ़ेगा रेट

Circle Rate: जिले में नए सर्किल रेट को फिर से लागू करने की तैयारी है। अक्टूबर माह के अंत तक इसे लागू किया जाना है। जिसके लिए तीनों प्राधिकरणों को प्रस्तावित सर्किल रेट की लिस्ट भेज दी गई है। इसके तहत अक्टूबर में 25% तक सर्किल रेट को बढ़ाया जाना है। लेकिन, नए रेट लिस्ट को लेकर अभी सहमति का इंतजार है। जुलाई माह में हुई बोर्ड मीटिंग में सेक्टरों के आवंटन रेट बढ़ाई गई थी। जिसके बाद निबंधन विभाग ने सर्किल रेट बढ़ाने का प्रोसेस शुरू किया था। सर्किल रेट को बढ़ाने के लिए पहले सर्किल दर और बाजार के रेट का सर्वेक्षण किया गया और फिर रिपोर्ट तैयार की गई। जिसके बाद प्रस्तावित सर्किल रेट की लिस्ट तैयार की गई।

10 से 25% तक बढे़गा सर्किल रेट

दरअसल, अथॉरिटी गावों के आवंटन रेट तय नहीं करता है, लेकिन गावों के जमीन के सर्किल रेट तय होते हैं। ऐसे में इसकी अलगत प्रस्तावित रेट लिस्ट बनाई गई है। अधिकारियों का इसे लेकर कहना है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी के सेक्टर और गांवों के प्रस्तावित सर्किल रेट की लिस्ट तैयार कर तीनों औद्योगिक विकास प्राधिकरण को भेज दी गई है। उनसे लिस्ट पर रिपोर्ट मांगी गई है, जिसके बाद आगे का प्रोसेस किया जाएगा। इसमे लेकर अधिकारियों का कहना है कि 10 से 25% तक सर्किल रेट बढ़ाए जाने प्रस्तावित हैं।

अक्टूबर के अंत तक नया रेट होगा लागू

बता दें कि प्राधिकरणों की सहमति आने के बाद लोगों से आपत्ति मांगी जाएंगी। जिसके बाद लोगों को आपत्ति दर्ज कराने के लिए 7 से सप्ताह से 15 दिन का समय दिया जाएगा और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। अधिकारियों को अनुसार उम्मीद है कि अक्टूबर के अंत तक नए सर्किल रेट लागू कर दिए जाएंगे। वहीं करीब पिछले 5 साल से सर्किल रेट में को नहीं बढ़ाया गया है। नोएडा में कुल कीमत का 5% सटॉप और 1% पंजीकरण राशि के रूप में देनी होती है। इस तरह से प्रोपर्टी की रजिस्ट्री कराने में कुल कीमत का करीब 6% खर्च आता है।

25% तक सर्किल रेट में बढ़ोत्तरी

संपत्ति खरीदने में जो दर अधिक, उसी पर रजिस्ट्री की जाती है। सेक्टर का आवंटन रेट, सर्किल रेट और जिस रेट पर संपत्ति बिकी है, उसमें जो भी ज्यादा होगा, उसके आधार पर संपत्ति खरीदने वाले को स्टांप की फीस देनी होती है। अगस्त में नए आवंटन रेट लागू हो गए थे। ऐसे में निबंधन विभाग अभी प्राधिकरण के आवंटन रेट पर ही संपत्ति की रजिस्ट्री कर रहे थे। वहीं कुछ लोग लोन लेने के लिए आवंटन और सर्किल रेट से अधिक कीमत पर जाकर खरीद-फरोख्त दिखाते हैं।

आवंटन दरों में 6% की बढ़ोतरी

सर्किल रेट को लेकर बैठक में आवासीय, औद्योगिक, ग्रुप हाउसिंग और संस्थागत संपति की आवंटन दरों में 6% की बढ़ोतरी की गई थी। आवासीय में श्रेणी A+ के सेक्टरों की आवंटन दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी। बोर्ड बैठक में आवंटन रेट बढ़ने पर मुहर लगाई गई थी। अगस्त से नए आवंटन रेट लागू कर दिए गए थे। ग्रेनो प्राधिकरण क्षेत्र में भी आवंटन रेट बढ़ाए जा चुके हैं। नोएडा प्राधिकरण ने अगस्त में आवंटन की दरें बढ़ाई थीं इस साल 12 जुलाई को नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड की मीटिंग हुई थी।

Maahi Yashodhar
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माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

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