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सुस्त पड़ी भारतीय अरबपतियों की रफ्तार, जानें क्यों छूटे पीछे

Indian Billionaires: एआई बूम के बावजूद भारतीय अरबपतियों की संपत्ति में केवल 3.9% की सुस्त वृद्धि हुई। आइए जानते हैं भारत, सिंगापुर और रूस जैसे देशों से कैसे पीछे छूट गया?

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भारत में क्यों धीमी पड़ी अरबपतियों की कमाई की रफ्तार?

Photo : iStock

Indian Billionaires: दुनियाभर में अमीरों की कमाई तेजी से बढ़ रही है। लेकिन भारत के अरबपतियों की रफ्तार थोड़ी धीमी हो गई है। हाल ही में आई अल्ट्राटा बिलियनेयर सेंसस रिपोर्ट से यह बात सामने आई है। बाजार में तेजी और एआई (AI) यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आने से दुनिया को फायदा हुआ। लेकिन भारतीय अरबपतियों को इसका ज्यादा फायदा नहीं मिला।

दुनिया में बढ़े अमीर, भारत रह गया पीछे

एशिया महाद्वीप में अमीरों की संख्या में 6.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। एशिया में अब कुल 881 अरबपति हैं। इन सभी की कुल संपत्ति 3.1 ट्रिलियन डॉलर हो गई है। पूरे एशिया में विकास का माहौल है। लेकिन भारत में यह गति सुस्त रही। बीते एक साल में भारत में अरबपतियों की संख्या केवल 3.9 प्रतिशत ही बढ़ी। अब भारत में कुल 132 अरबपति हैं। इन सब की संपत्ति मिलाकर 454 अरब डॉलर है। दूसरी तरफ सिंगापुर, रूस, जर्मनी और चीन जैसे देशों में अरबपति बहुत तेजी से बढ़े हैं।

दुनिया के बाजारों ने मारी बाजी

इस साल नई तकनीक और एआई की वजह से दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार ने सबसे अच्छा काम किया। इसके अलावा ताइवान, जापान और हांगकांग के बाजारों ने भी बहुत अच्छा फायदा दिया। इन देशों के मुकाबले भारतीय शेयर बाजार थोड़ा पीछे छूट गया।

सबसे ज्यादा अरबपतियों वाले प्रमुख देश

अमेरिका में सबसे ज्यादा 1,265 अरबपति हैं। चीन 363 अरबपतियों के साथ दूसरे नंबर पर है। जर्मनी में 221 और रूस में 151 अरबपति हैं। भारत इस सूची में 132 अरबपतियों के साथ पांचवें स्थान पर आता है।

किस देश में कितनी तेजी से बढ़े अमीर?

पिछले एक साल में जर्मनी में अरबपतियों की संख्या सबसे ज्यादा 20.1 प्रतिशत बढ़ी। सिंगापुर में 19 प्रतिशत और रूस में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। चीन में 13.1 और अमेरिका में 11.5 प्रतिशत अमीर बढ़े। वहीं भारत में यह बढ़ोतरी केवल 3.9 प्रतिशत ही रही।

भारत के पीछे रहने की बड़ी वजहें

भारत लगातार दूसरे साल रूस और सिंगापुर जैसे देशों से पीछे रहा। भारतीय शेयर बाजार से अरबपतियों को इस बार कम मुनाफा मिला। अमेरिकी टैक्स नीति और मुद्रा (करेंसी) के उतार-चढ़ाव से नुकसान हुआ।

अमेरिकी नीतियों का पड़ा असर

अमेरिका ने व्यापार से जुड़े कई नए नियम और टैक्स (टैरिफ) लगाए। इस कारण दुनिया भर के व्यापार में रुकावट आई। इसका असर भारत जैसे तेजी से बढ़ते देशों पर भी पड़ा। हालांकि भारतीय कंपनियों ने समझदारी से काम किया। उन्होंने दूसरे देशों में अपना सामान बेचा। इससे बहुत बड़ा नुकसान होने से बच गया।

दुनिया भर में एआई का जलवा

साल 2025 में एआई तकनीक के दम पर दुनिया में अरबपतियों की संख्या 8.2 प्रतिशत बढ़ गई। अब पूरी दुनिया में कुल 3,795 अरबपति हैं। एआई में पैसा लगाने वाली कंपनियों की कमाई 23 प्रतिशत तेजी से बढ़ी है। पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा 1,337 अरबपति उत्तरी अमेरिका में हैं। इसके बाद यूरोप और एशिया का नंबर आता है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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