Noida News: नोएडा शहर में सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत बेंगलुरु की तर्ज पर काम शुरू होने वाला है। इसके लिए एक कंपनी का चयन किया जाएगा। कंपनी प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार करने का काम करेगी। इसके लिए कंपनियों से आवेदन भी मांगे गए है। फरवरी के पहले सप्ताह में इसकी तकनीकी बिड खोल दी जाएगी। प्रोजेक्ट का बजट करीब 80 करोड़ रुपए रखा गया है। मार्च 2023 से प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा।
बता दें कि, शहर में 450 से ज्यादा स्थानों का चयन कर लिया गया है। इन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगा दिए जाएंगे। ये कैमरे इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी एंड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईएसटीएमएस) की ओर से लगाए गए कैमरों से काफी अलग और हाईटेक होंगे।
प्राधिकरण की टीम कर रही सर्वे
सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग के लिए अलग से कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण की टेक्निकल टीम चयनित स्थानों का सर्वे कर रही है। वो ये देख रहे है कि, इन स्थानों पर कैमरा किस ओर लगाए जाए, जिससे ज्यादा से ज्यादा कैमरे से स्पेस कवर किया जा सके। जिन स्थानों की सूची पुलिस विभाग ने दी है उसमें बाजार, सरकारी व गैर सरकारी स्कूल व ब्लैक स्पॉट और भीड़-भाड़ वाले इलाके, मेट्रो स्टेशन, बस स्टैंड और मॉल्स के बाहर के स्थान शामिल हैं। नोएडा प्राधिकरण के डीजीएम राजेश कुमार के मुताबिक, कंपनी के चयन के बाद डीपीआर तैयार किया जाएगा। फिलहाल अभी 80 करोड़ रुपए के आसपास प्रोजेक्ट पर खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।
ये होगी सीसीटीवी कैमरे की खासियत
बता दें कि, इन कैमरों का चालान से कोई संबंध नहीं होगा। हालांकि सुरक्षा के तहत वाहनों की नंबर प्लेट व उसमें बैठे लोगों को भी साफ तौर पर कैमरे की नजर से देखा जा सकेगा। साथ ही कैमरा फेस डिडक्शन भी करेगा। बदमाशों का डाटा पुलिस के पास पहले से रहता है। ऐसे में कोई भी बदमाश अगर इन कैमरों के पास से निकलता है तो उसकी लाइव लोकेशन और पूरा डाटा कंट्रोल रूम में दिखाई देने लगेगा। सेफ सिटी के कंट्रोल रूम सीधे पुलिस मुख्यालय में बनाए गए कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे। जिससे किसी भी तरह की जानकारी या सूचना मिलने पर तत्काल नजदीकी पुलिस थाना, चौकी, पीआरवी और डायल-112 को भेज दी जाएगी। इससे सुरक्षा में बहुत मदद मिलेगी।
