Noida Skywalk: दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया गया नोएडा का लंबे समय से प्रतीक्षित स्काईवॉक अब पूरी तरह तैयार हो चुका है। यह स्काईवॉक सेक्टर-51 स्थित एक्वा लाइन मेट्रो स्टेशन को सेक्टर-52 के ब्लू लाइन मेट्रो स्टेशन से जोड़ेगा। इसके शुरू होने के बाद दोनों स्टेशनों के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, स्काईवॉक को जल्द ही आम यात्रियों के लिए खोलने की तैयारी चल रही है और अगले एक-दो दिनों में इसका संचालन शुरू किया जा सकता है। वहीं, इसके औपचारिक उद्घाटन के लिए 3 या 4 सितंबर की तारीख प्रस्तावित है, जिसे नोएडा विधायक पंकज सिंह द्वारा किए जाने की संभावना है।
क्या-क्या है सुविधा?
स्काईवॉक करीब 460 मीटर लंबा है और पूरी तरह एयर कंडीशनर से युक्त है। इसे दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट की तर्ज पर डिजाइन किया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए इसमें करीब 50-50 मीटर की दूरी पर कुल 10 ट्रैवलेटर लगाए गए हैं। इनमें पांच ट्रैवलेटर एक दिशा में और पांच दूसरी दिशा में चलेंगे। इससे यात्रियों को पैदल चलने में कम मेहनत करनी पड़ेगी और सेक्टर-51 से सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन के बीच आवाजाही आसान होगी।
पांच मिनट में तय होगी दोनों स्टोशनों की दूरी
स्काईवॉक के जरिए दोनों मेट्रो स्टेशनों के बीच की दूरी करीब पांच मिनट में तय की जा सकेगी। खासतौर पर ब्लू लाइन और एक्वा लाइन के बीच इंटरचेंज करने वाले यात्रियों को इसका सबसे अधिक फायदा मिलेगा। यात्रियों को अब सड़क पार करने या स्टेशन के नीचे उतरकर दोबारा ऊपर आने की जरूरत नहीं होगी। इस स्काईवॉक को पहले 16 अगस्त को आम लोगों के लिए खोलने की योजना थी, लेकिन प्राधिकरण के निरीक्षण के दौरान कुछ काम बाकी पाया गया था। इसके बाद काम पूरा करने के लिए समय बढ़ाया गया। स्काईवॉक को खोलने की 12वीं डेडलाइन 24 अगस्त निर्धारित की गई थी। अधिकारियों के मुताबिक अब निर्माण संबंधी काम पूरा कर लिया गया है।
आईकिया शॉपिंग मॉल का निर्माण प्रस्तावित
स्काईवॉक के संचालन के लिए अग्निशमन विभाग से एनओसी साल 2024 में ही प्राप्त हो चुकी है। इसके उद्घाटन और संचालन को लेकर दिल्ली मेट्रो और नोएडा मेट्रो के अधिकारियों से भी बातचीत की गई है। सेक्टर-51 और सेक्टर-52 के बीच खाली पड़ी जमीन पर आईकिया शॉपिंग मॉल का निर्माण प्रस्तावित है। इसी को देखते हुए दोनों मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने के लिए स्काईवॉक तैयार किया गया है। जानकारी के मुताबिक अनुबंध की शर्तों के अनुसार शॉपिंग मॉल का निर्माण साल 2029 तक पूरा होना है।
2029 में स्काईवॉक को डिस्मेंटल किया जाना प्रस्तावित
ऐसे में मौजूदा अनुबंध के तहत साल 2029 में इस स्काईवॉक को डिस्मेंटल किया जाना प्रस्तावित है। अब देखने वाली बात होगी कि 2029 में इसे हटाया जाता है या यात्रियों की सुविधा को देखते हुए इसके संचालन को आगे भी जारी रखा जाता है। बता दें कि 2023 में स्काईवॉक का काम शुरू हुआ था। इसे पांच महीने में बनाने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन 12 डेडलाइन पूरी होने के बाद अब स्काईवॉक पूरी तरह तैयार हुआ है।
स्काईवॉक की लागत में इजाफा
स्काईवॉक के निर्माण में देरी के साथ इसकी लागत में भी इजाफा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, अब तक इस परियोजना पर करीब 42 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। निर्माण पूरा होने के बाद इसके एग्जिट प्वाइंट को लेकर एक समस्या सामने आई थी, क्योंकि वहां मेट्रो स्टेशन का हिस्सा आ रहा था। इसके बाद यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए एग्जिट प्वाइंट को कुछ आगे शिफ्ट किया गया। अब जरूरी बदलाव पूरे हो चुके हैं और स्काईवॉक यात्रियों के लिए जल्द खोल दिया जाएगा।
