बिजनेस

Closing Bell : Nifty 116 और Sensex 539 अंक लुढ़ककर बंद, क्यों फिसला बाजार?

शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन बिकवाली हावी रही। बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी जहां 117 और सेंसेक्स 539 अंक लुढ़ककर बंद हुआ। खासतौर पर निफ्टी 24,100 के अहम सपोर्ट से नीचे चला गया है, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

Image

शेयर बाजार में गिरावट

Share Market Closing Bell Today Sensex-Nifty : भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार 27 अगस्त को कारोबार का अंत कमजोरी के साथ हुआ। कारोबारी सत्र के दौरान आई बिकवाली के चलते Sensex करीब 539 अंक टूटकर 76,933.59 पर बंद हुआ। वहीं Nifty भी 116.90 अंक यानी 0.48 फीसदी फिसलकर 24,090.85 पर बंद हुआ। बाजार में खास दबाव ऑटो, FMCG, मेटल और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक शेयरों में देखने को मिला। हालांकि फार्मा, हेल्थकेयर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में खरीदारी ने गिरावट को कुछ हद तक सीमित रखा।

ऑटो और FMCG शेयरों पर दबाव

आज की गिरावट में ऑटो और एफएमसीजी शेयरों की बड़ी भूमिका रही। निफ्टी ऑटो इंडेक्स 0.40 फीसदी और निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स 0.47 फीसदी नीचे बंद हुआ। इन क्षेत्रों के कई शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। मीडिया इंडेक्स में 0.89 फीसदी और मेटल इंडेक्स में 0.86 फीसदी की गिरावट रही। तेल और गैस इंडेक्स भी 0.80 फीसदी फिसला। वहीं सीमेंट इंडेक्स में सबसे ज्यादा 1.33 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। बैंकिंग क्षेत्र में भी दबाव रहा। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 0.94 फीसदी टूटा, जबकि निफ्टी बैंक 0.47 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। निजी बैंक इंडेक्स हालांकि 0.09 फीसदी की मामूली बढ़त में रहा।

फार्मा और हेल्थकेयर ने संभाला बाजार

जहां कई सेक्टर गिरावट में रहे, वहीं फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी फार्मा इंडेक्स 0.84 फीसदी चढ़ा। निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में 0.73 फीसदी और निफ्टी 500 हेल्थकेयर इंडेक्स में 0.69 फीसदी की बढ़त रही। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स भी 0.72 फीसदी ऊपर बंद हुआ। निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम में 0.61 फीसदी की तेजी रही। निफ्टी स्मॉलकैप 50 भी मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।

वोलैटिलिटी बढ़ी, India Vix चढ़ा

गुरुवार को बाजार में अनिश्चितता बढ़ने का संकेत इंडिया विक्स से भी मिला। इंडिया विक्स 5.48 फीसदी उछलकर 11.15 पर पहुंच गया। वोलैटिलिटी इंडेक्स में तेजी बताती है कि आने वाले सत्रों को लेकर निवेशकों की सतर्कता बढ़ी है। हालांकि विक्स अभी भी अपने एक साल के उच्च स्तर से काफी नीचे है, लेकिन आज की तेजी ने बाजार में बढ़ते उतार-चढ़ाव की ओर संकेत जरूर दिया।

ग्लोबल मार्केट से भी नहीं मिला सपोर्ट

भारतीय बाजार को वैश्विक संकेतों से भी खास मजबूती नहीं मिली। एशियाई बाजारों में Nikkei 225 में 0.20 फीसदी की गिरावट रही और हैंग सेंग 0.41 फीसदी नीचे रहा। स्ट्रेट्स टाइम्स में भी 0.65 फीसदी की गिरावट आई। हालांकि शंघाई कंपोजिट 1.11 फीसदी और KOSPI 1.51 फीसदी की बढ़त में रहे। ताइवान वेटेड इंडेक्स भी 0.31 फीसदी ऊपर रहा। यूरोपीय बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। FTSE 0.55 फीसदी और CAC 1.02 फीसदी नीचे रहे, जबकि जर्मनी का डैक्स 0.30 फीसदी ऊपर कारोबार करता दिखा। अमेरिकी बाजार के प्रमुख सूचकांकों में भी सीमित कमजोरी दिखाई दी। डॉव फ्यूचर्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक फ्यूचर्स हल्की गिरावट में रहे।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

और पढ़ें
End of Article