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लखनऊ-कानपुर हाईवे पर बड़ा अपडेट; जाम और गड्ढों की परेशानी खत्म, 40 मिनट में तय होगी यात्रा

लखनऊ-कानपुर हाईवे पर लंबे समय से जाम और गड्ढों की वजह से सफर कठिन रहा है। अब छह लेन वाले आधुनिक एक्सप्रेस-वे के बनने से यह परेशानी खत्म होने वाली है। नए मार्ग पर वाहन सुरक्षित और तेज गति से केवल 35-40 मिनट में लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा कर सकेंगे।

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जानें क्या है लखनऊ-कानपुर हाईवे लेटेस्ट अपडेट (सांकेतिक फोटो)

Lucknow Kanpur Expressway: लखनऊ-कानपुर हाईवे पर सफर करने वाले लोगों को पिछले चार सालों से जाम और गड्ढों की समस्या झेलनी पड़ रही थी। लंबे समय तक राहगीरों को धक्का-मुक्की और वाहनों की लंबी कतारों जैसी मुश्किलों का सामना करना पड़ता रहा। अब यह परेशानी खत्म होने वाली है, क्योंकि छह लेन वाला नया एक्सप्रेस-वे लगभग तैयार हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के परियोजना निदेशक के अनुसार, इस महीने इसके लोकार्पण के बाद एक्सप्रेस-वे जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस मार्ग पर अधिकतम वाहन गति 120 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है, जिससे लखनऊ और कानपुर के बीच की दूरी अब केवल 35-40 मिनट में पूरी की जा सकेगी।

परियोजना पर कुल 4000 करोड़ रुपये खर्च

वर्तमान में लखनऊ-कानपुर हाईवे पर सफर करने में करीब दो से ढाई घंटे लग जाते हैं। एक्सप्रेस-वे निर्माण में निर्धारित समय से आठ महीने की देरी का मुख्य कारण बंथरा के पास डबल सर्किट पावर ग्रिड लाइन थी, जो निर्माण में बाधा डाल रही थी। यह समस्या अब पूरी तरह से सुलझा ली गई है। 63 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे 5 जनवरी 2022 को निर्माण के लिए शुरू किया गया था और चार साल का समय बीत जाने के बावजूद अब तक इसे आम जनता के लिए खोला नहीं गया है। इस परियोजना पर कुल 4000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। एक्सप्रेस-वे का निर्माण दो पैकेजों में किया गया है। पहले पैकेज में शुक्लागंज से उन्नाव तक 17.52 किलोमीटर का मार्ग शामिल है, जिसे पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। दूसरे पैकेज में उन्नाव से लखनऊ तक 45.244 किलोमीटर का मार्ग शामिल है।

एक्सप्रेस-वे का काम करीब आठ महीने तक रुका

इस पैकेज के निर्माण में स्कूटर्स इंडिया जंक्शन और बंथरा के पास 400 केवी की डबल सर्किट पावर ग्रिड लाइन बाधा बन गई थी। इसी बिजली लाइन के कारण एक्सप्रेस-वे का काम करीब आठ महीने तक रुका रहा। अब बिजली लाइन को स्थानांतरित कर दिया गया है और निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। पूरे एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई अब 62.764 किलोमीटर (किमी 10.980 से किमी 73.744 तक) है। यह आधुनिक कैमरों और दो कंट्रोल रूम से लैस है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक नकुल प्रसाद वर्मा के अनुसार, कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के बन जाने से अब लखनऊ और कानपुर के बीच सफर सुरक्षित और सुगम होकर लगभग 40 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से इस एक्सप्रेस-वे पर विश्वस्तरीय मानक लागू किए गए हैं।

एक्सप्रेस-वे की आधारभूत संरचना में ये चीजें शामिल

नकुल प्रसाद वर्मा के अनुसार, इस एक्सप्रेस-वे की आधारभूत संरचना में 11 वाहन अंडरपास, 13 हल्के वाहन अंडरपास, 11 पैदल अंडरपास, 9.59 किमी लंबा एक विशाल फ्लाईओवर, 1 रेलवे ओवर ब्रिज और 4 मुख्य पुल शामिल हैं। इसे तकनीकी दृष्टि से सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए 'एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम' भी स्थापित किया गया है। इस सिस्टम में 63 पीटीजेड कैमरे, 21 इंटरचेंज कैमरे और 16 वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन कैमरे शामिल हैं। इनकी निगरानी के लिए किमी 27 और किमी 35 पर दो कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।

आर्थिक और औद्योगिक विकास को तेज गति

नकुल प्रसाद वर्मा, पीडी-एनएचएआई लखनऊ के अनुसार, यह एक्सप्रेस-वे 2023 से निर्माणाधीन था और इसे 2025 तक पूरा करने की योजना थी। बाद में ठेकेदार को अतिरिक्त समय दिया गया। लखनऊ की ओर निर्माण में देरी का मुख्य कारण हाई-टेंशन लाइन का स्थानांतरण रहा। हालांकि, उन्नाव की तरफ का काम जुलाई 2025 में ही पूरा हो चुका था। अब पूरा एक्सप्रेस-वे तैयार हो गया है और इसे आम जनता के लिए इसी अप्रैल में खोलने की संभावना है। यह आधुनिक मार्ग क्षेत्र के आर्थिक और औद्योगिक विकास को तेज गति प्रदान करेगा।

देखभाल और मरम्मत की जिम्मेदारी

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे लखनऊ के शहीद पथ के पास से शुरू होकर आजाद मार्ग के गंगा घाट क्षेत्र में स्थित गांव कडेर पतारी तक जाता है। इस एक्सप्रेस-वे की देखभाल और मरम्मत की जिम्मेदारी अगले 15 वर्षों तक ठेकेदार के पास रहेगी, उसके बाद एनएचएआई इसे किसी अन्य ठेकेदार को सौंपेगा। इस मार्ग पर क्लोज टोलिंग लागू होगी, यानी चढ़ते और उतरते समय टोल कटेगा। एक्सप्रेस-वे के निर्माण में दो पैकेज शामिल हैं। पहले पैकेज में उन्नाव से शुक्लागंज तक 17.52 किमी लंबा एलिवेटेड पुल बनाया गया है। दूसरे पैकेज में ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे उन्नाव से लखनऊ तक 45.244 किमी लंबा है, जिसे खेतों के बीच से होकर बनाया गया है। यह एक्सप्रेस-वे लखनऊ (शहीद पथ/अमाउसी) से शुरू होकर कांथा और अमरसास होते हुए उन्नाव में शुक्लागंज/आजाद मार्ग तक जाता है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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