शहर

युवाओं ने देश को 'डर के माहौल' से बाहर निकाला, आंदोलन ने तानाशाह को झुकने पर किया मजबूर; और क्या बोले उद्धव-राज ठाकरे

नीट पेपर लीक पर चल रहा छात्र आंदोलन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त हुआ। उद्धव ठाकरे ने इसे युवाओं की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि उन्होंने डर का माहौल खत्म किया है।

Image

उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे

नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर लंबे समय से चल रहा आंदोलन शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और तय मांगों पर कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्यों और केंद्र सरकार के बीच सहमति बनने के बाद साथ समाप्त हो गया। इस इस्तीफे को छात्रों की जीत के तौर पर देखा जा रहा है, जिस पर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस पर शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि युवाओं ने देश को ’’डर के माहौल’’ से बाहर निकाला है।

शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई एवं मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा है कि दोनों पार्टियों की ओर से रविवार को मध्य मुंबई में आयोजित की जाने वाली रैली तय योजना के अनुसार ही होगी, जिसका उद्देश्य देश के युवाओं को बधाई देना है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर इस्तीफा देने के बाद आयोजित एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में उद्धव ठाकरे ने कहा कि युवाओं ने देश को ’’डर के माहौल’’ से बाहर निकाला है।

तानाशाह को झुकने पर किया मजबूर

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में चलाया गया यह आंदोलन केवल प्रधान के इस्तीफे तक सीमित नहीं था। उन्होंने कहा कि युवाओं ने देश को डर के माहौल से बाहर निकाला है... एक कॉकरोच ने एक तानाशाह को झुकने पर मजबूर कर दिया है। जो लोग युवाओं को कॉकरोच कहकर संबोधित करते हैं, उन्हें अहंकारपूर्ण व्यवहार नहीं करना चाहिए।

राज ठाकरे ने कहा कि वे रविवार को शिवाजी पार्क में रैली करेंगे। उन्होंने कहा कि यह रैली मूल रूप से प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन का समर्थन करने के लिए आयोजित की गई थी, लेकिन अब इसे युवाओं की जीत पर उन्हें बधाई देने के लिए आयोजित किया जायेगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article