बिजनेस

बुरे वक्त में नहीं पड़ेगा भटकना, इन जरूरी कागजों का ब्योरा आज ही परिवार से करें शेयर

किसी परिवार में अचानक इमरजेंसी आ जाए तो मुश्किल सिर्फ पैसों की नहीं होती, बल्कि यह पता लगाने की भी होती है कि जरूरी दस्तावेज कहां रखे हैं।

Image

महत्वपूर्ण जरूरी दस्तावेज

बुरा वक्त बताकर नहीं आता है। यह किसी की जिंदगी में कभी भी धमक जाता है। उस समय पहले से की गई तैयारी ही काम आती है। आज हम आपको बता रहे हैं कि अगर आप घर के मुखिया है तो किन जरूरी कागजातों की जानकारी आपको परिवार के साथ पहले से शेयर कर रखनी चाहिए। ऐसा कर आप न सिर्फ बुरे वक्त को बेहतर तरीके से मुकाबला कर पाएंगे, बल्कि कई परेशानियों से भी बच जाएंगे।

बैंक अकाउंट और एफडी की जानकारी

अगर आप परिवार के मुखिया है तो यह संभव है कि आपके पास कई बैंक अकाउंट, जिसमें सेविंग्स अकाउंट, करंट अकाउंट, FD और रिकरिंग डिपॉजिट (RD) में निवेश हो। आप अपने परिवार के साथ बैंक का नाम, ब्रांच, अकाउंट का प्रकार और अकाउंट नंबर का रिकॉर्ड जरूर शेयर कर रखें। फिक्स्ड डिपॉजिट की जानकारी में मैच्योरिटी की तारीखें भी शामिल करें। अगर कोइ ज्वाइंट अकाउंट है तो उस हालात में परिवार को यह पता होना चाहिए कि अकाउंट को ऑपरेट करने के नियम क्या हैं।

याद रखें कि आपकी दी गई जानकारी में पासवर्ड, पिन या वन-टाइम पासवर्ड (OTP) नहीं होने चाहिए। इसके बजाय, इसमें परिवार के किसी भरोसेमंद सदस्य को यह बताया जाना चाहिए कि जरूरी जानकारी कानूनी तौर पर कहां से मिल सकती है।

इंश्योरेंस पॉलिसी का रिकॉर्ड

परिवार के कमाने वाले सदस्य के पास कौन-कौन सी इंश्योरेंस पॉलिसी हैं, इसकी जानकारी परिवार को जरूर होनी चाहिए। इसमें लाइफ इंश्योरेंस के साथ हेल्थ इंश्योरेंस, पर्सनल एक्सीडेंट कवर और कंपनी की ओर से मिलने वाला ग्रुप इंश्योरेंस भी शामिल है। एक रिकॉर्ड में पॉलिसी नंबर, इंश्योरेंस कंपनी, नॉमिनी और प्रीमियम भुगतान से जुड़ी जानकारी रखें।

खास तौर पर कंपनी की ओर से मिलने वाले ग्रुप इंश्योरेंस को नजरअंदाज न करें। कई बार इसकी अलग से कोई फिजिकल पॉलिसी घर पर नहीं होती, लेकिन जरूरत पड़ने पर परिवार के लिए यह बड़ा आर्थिक सहारा बन सकती है।

Mutual Fund, शेयर और दूसरे निवेश

अगर आपने अलग-अलग ऐप या प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश किया है तो परिवार के लिए सभी निवेशों की पहचान करना मुश्किल हो सकता है।इसलिए म्यूचुअल फंड, शेयर, बॉन्ड, सरकारी सिक्योरिटीज और दूसरे निवेशों की एक सूची बनाकर रखें।

म्यूचुअल फंड के लिए फंड हाउस और फोलियो नंबर की जानकारी उपयोगी होगी। शेयरों के मामले में डीमैट अकाउंट और संबंधित डिपॉजिटरी की जानकारी रिकॉर्ड में रखें। यह जानकारी परिवार को तुरंत निवेश संचालित करने के लिए नहीं, बल्कि यह पता लगाने के लिए है कि निवेश कहां-कहां किया गया है।

प्रॉपर्टी और लोन के कागजात

प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेजों को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। इनमें सेल डीड, रजिस्ट्रेशन पेपर, कब्जे से जुड़े दस्तावेज, प्रॉपर्टी टैक्स की रसीद और होम लोन से जुड़े कागजात शामिल हो सकते हैं। इसके साथ परिवार को यह भी पता होना चाहिए कि परिवार के सदस्य पर कौन-कौन सी देनदारियां हैं।

होम लोन, पर्सनल लोन, कार लोन, क्रेडिट कार्ड की बकाया राशि और दूसरे बड़े कर्ज की जानकारी एक जगह रखें। अगर किसी लोन के साथ इंश्योरेंस है तो उसकी जानकारी भी दर्ज करें।

EPF, NPS और रिटायरमेंट फंड

नौकरीपेशा लोगों की रिटायरमेंट सेविंग कई जगह हो सकती है। इसमें EPF, NPS, ग्रेच्युटी और कंपनी से मिलने वाले दूसरे लाभ शामिल हैं।

परिवार को संबंधित अकाउंट या पहचान नंबर और उस संस्था या नियोक्ता की जानकारी होनी चाहिए जहां से इन लाभों का दावा किया जा सकता है। जीवन में शादी, तलाक या बच्चे के जन्म जैसी बड़ी घटनाओं के बाद नॉमिनी की जानकारी भी जरूर अपडेट करें।

बनाएं एक फाइनेंशियल फाइल

सभी जानकारियों को अलग-अलग रखने के बजाय एक फाइल में बनाकर रखें। इसमें बैंक अकाउंट, FD, म्यूचुअल फंड, शेयर, इंश्योरेंस, प्रॉपर्टी, लोन, EPF/NPS और दूसरे बड़े वित्तीय मामलों की सूची बनाएं। साथ ही यह भी लिखें कि मूल दस्तावेज कहां रखे हैं और जरूरत पड़ने पर किस संस्था से संपर्क करना है। इस रिकॉर्ड को साल में कम से कम एक बार जरूर अपडेट करें। बंद हो चुके अकाउंट, पुराने निवेश और बदल चुके नॉमिनी की जानकारी को हटाएं या अपडेट करें।

इस पूरी कवायद का मकसद किसी और को अपनी वित्तीय व्यवस्था का नियंत्रण देना नहीं है। मकसद सिर्फ इतना है कि अगर कभी परिवार पर अचानक मुश्किल आ जाए तो उन्हें आपके बैंक अकाउंट, निवेश, बीमा और संपत्ति का पता लगाने के लिए महीनों तक कागजात खंगालने न पड़ें। आज कुछ मिनट की तैयारी भविष्य में परिवार को बड़े आर्थिक और मानसिक तनाव से बचा सकती है।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

और पढ़ें
End of Article