राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के संतुलित विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर मंगलवार को NCR योजना बोर्ड (NCRPB) की 42वीं बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई इस अहम बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तथा दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि NCR के समग्र और संतुलित विकास के लिए सभी राज्यों को मिलकर गंभीर और लगातार प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि विकास का लाभ NCR के हर हिस्से तक पहुंचना चाहिए, तभी क्षेत्रीय विकास की गति तेज होगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार लगातार जनसुविधाओं और विकास कार्यों के विस्तार को प्राथमिकता दे रही है। इसी तरह NCR के अन्य राज्यों को भी विकास कार्यों पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि दिल्ली पर बढ़ता जनसंख्या दबाव कम हो सके और पूरे क्षेत्र में संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बीच संस्थागत समन्वय को मजबूत करने, क्षेत्रीय परिवहन और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने, विकास परियोजनाओं को तेजी से लागू करने तथा NCR से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
रेखा गुप्ता ने कहा कि NCR में परिवहन और कनेक्टिविटी से जुड़ा बुनियादी ढांचा लगातार मजबूत हो रहा है, जिससे लोगों की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक बन रही है। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि NCR का कोई भी हिस्सा बेहतर संपर्क सुविधाओं से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में वर्तमान में ऐसी सरकारें हैं जो विकास, जनकल्याण और राज्यों के हितों को प्राथमिकता दे रही हैं। बेहतर तालमेल के कारण विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आई है और राज्यों के बीच सहयोग पहले से अधिक मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि चारों राज्यों की साझा प्राथमिकता NCR का समग्र विकास और यहां रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
बैठक में बढ़ते प्रदूषण के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण NCR के सामने एक गंभीर और साझा चुनौती है, जिससे निपटने के लिए चारों राज्यों को मिलकर ठोस और दीर्घकालिक कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि यदि सभी राज्य एक समान नीति, आधुनिक तकनीक और पर्याप्त संसाधनों के साथ समन्वित तरीके से काम करें तो प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रदूषण का मुद्दा केवल आज की पीढ़ी ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य और भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ हल करने की आवश्यकता है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने NCR में हरित क्षेत्र बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान और हरियाली बढ़ाने के कार्यक्रम लगातार चलाए जाने चाहिए। साथ ही पर्यावरण संगठनों, विशेषज्ञों और अन्य संबंधित पक्षों के सहयोग से NCR को स्वच्छ, हरित और पर्यावरणीय रूप से संतुलित क्षेत्र बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने विश्वास जताया कि राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, मजबूत कनेक्टिविटी, तेज विकास परियोजनाओं और प्रदूषण नियंत्रण के साझा प्रयासों से NCR आने वाले वर्षों में देश के सबसे विकसित और बेहतर जीवन गुणवत्ता वाले क्षेत्रों में शामिल होगा।
