सीहोर : जिले से एक अनोखी धार्मिक तस्वीर सामने आई है, जहां मां नर्मदा के दुग्धाभिषेक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह आयोजन भेरूंदा क्षेत्र के सातदेव स्थित प्राचीन पातालेश्वर महादेव मंदिर में हुआ, जहां 21 दिवसीय महायज्ञ का भव्य समापन किया गया।
जानकारी के मुताबिक, इस महायज्ञ का आयोजन संत शिवानंद महाराज के नेतृत्व में किया गया था। 18 मार्च से शुरू हुए इस धार्मिक अनुष्ठान में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में हवन सामग्री का उपयोग किया गया। समापन के अवसर पर करीब 11 हजार लीटर दूध से मां नर्मदा का अभिषेक किया गया, जिसके लिए दूध के टैंकरों का इस्तेमाल किया गया।
सोना-चांदी की आहुतियां
बताया जा रहा है कि पूरे आयोजन के दौरान लगभग 41 टन हवन सामग्री, जड़ी-बूटियों के साथ सोना-चांदी की आहुतियां भी दी गईं। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में नारियल अर्पित किए और भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
हालांकि, इस आयोजन का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। एक तरफ कई लोग इसे आस्था और श्रद्धा का प्रतीक बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे संसाधनों की बर्बादी करार दे रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में दूध जरूरतमंदों में बांटा जा सकता था, जबकि समर्थकों का मानना है कि मां नर्मदा के प्रति यह श्रद्धा का विशेष रूप है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सातदेव क्षेत्र को सप्त ऋषियों की तपोभूमि माना जाता है, जहां भगवान शिव पातालेश्वर महादेव के रूप में प्रकट हुए थे। यही कारण है कि इस क्षेत्र का धार्मिक महत्व काफी अधिक है और यहां बड़े स्तर पर अनुष्ठान आयोजित होते रहते हैं।
फिलहाल, यह घटना आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन को लेकर एक नई बहस को जन्म दे रही है, जो सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है।
