किसी देश के विकास में वहां की सड़कों का बड़ा योगदान होता है। हमारे देश में भी एक्सप्रेसवे का जाल बिछाया जा रहा है। भले ही वह देश का सबसे लंबा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (
मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे के अंतिम और सबसे प्रतीक्षित चरण का काम सितंबर 2024 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इस एक्सप्रेसवे का काम पूरा होना, देश के सबसे बड़े रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट्स में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस एक्सप्रेसवे को महाराष्ट्र की दो राजधानियों मुंबई और नागपुर को जोड़ने के लिए किया गया है।
दूसरा सबसे लंबा एक्सप्रेसवेदिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 1350 किमी है और यह देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा। 700 किमी लंबा मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे देश का दूसरा सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से महाराष्ट्र में उसके आर्थिक और प्रशासनिक केंद्रों के बीच आवाजाही आसान हो जाएगी। इस प्रोजेक्ट को दोनों शहरों के बीच सफर में लगने वाले समय को कम करने के साथ ही आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई चरणों में किया गया है। इस प्रोजेक्ट के अंतिम चरण में प्रमुख बॉटलनेक पर ध्यान दिया जाएगा और दोनों शहरों के बीच हाईस्पीड लिंक को पूरा किया जाएगा।
अंतिम चरण में कई महत्वपूर्ण कार्य हैं। इसमें रोड सेगमेंट, इंटरचेंज और ओवरपास का कंस्ट्रक्शन भी शामिल है। इसमें वे सेफ्टी फीचर्स और एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम भी सामिल हैं, जो एक्सप्रेसवे के पूरी तरह से ऑपरेशनल होने पर स्मूथ और एफिशिएंट ट्रैवल को सुनिश्चित करेगा।
8 घंटे में पूरा होगा सफर
उम्मीद की जा रही है कि अभी मुंबई और नागपुर के बीच लगने वाला 12 घंटे का समय इस एक्सप्रेसवे के बनने से करीब 8 घंटे रह जाएगा। इससे सिर्फ यात्रियों को भी लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि वस्तुओं और सेवाओं को भी एक शहर से दूसरे में पहुंचने में कम समय लगेगा। इससे पूरे कॉरिडोर के बीच आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।विकास को मिलेगी रफ्तार
राज्य सरकार के अधिकारी इस एक्सप्रेसवे के कई फायदे गिनाते हैं, जिनमें क्षेत्रीय विकास के साथ ही दूर-दराज के इलाकों तक आसान पहुंच भी शामिल है। इसके अलावा पर्यटन को बढ़ावा और एक्सप्रेसवे जिन इलाकों से होकर गुजरेगा, वहां निवेश को प्रोत्साहन भी मिलेगा। इसके साथ ही यह मौजूदा रूट पर ट्रैफिक के दबाव को कम करेगा और यात्रियों को नया आधुनिक विकल्प उपलब्ध कराएगा।नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे के अंतिम चरण के कंस्ट्रक्शन में कई तरह की चुनौतियां सामने आई हैं। इसमें लॉजिस्टिकल इश्यूज के साथ ही मौसम संबंधी परेशानियों की वजह से भी देरी हुई। इस परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि प्रोजेक्ट को सितंबर की समयसीमा में पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। इस चरण का काम पूरा होने पर एक्सप्रेसवे भव्य उद्घाटन और यात्रियों की आवाजाही के लिए पूरी तरह खुलने को तैयार होगा।
