घर का दरवाजा खुलते ही विदेश पहुंच जाते हैं यहां के लोग, अनोखा है बॉर्डर

दो देशों के बॉर्डर को लेकर आपकी क्या राय है। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि दो देशों के बॉर्डर पर अक्सर दोनों ओर दोनों देशों के सैनिक खड़े रहते हैं। कई जगह तारों की बाड़ लगी होती है। कुछ जगह नदी ही बॉर्डर का काम करती है, लेकिन हर जगह ऐसा नहीं होता। दुनियाभर में कई ऐसी जगहें भी हैं, जहां लोग घर का दरवाजा खुलते ही दूसरे देश में पहुंच जाते हैं। चलिए आज ऐसी ही एक जगह के बारे में जानते हैं -

Slideshow/s by: दिगपाल सिंहUpdated Aug 16 2024, 17:45 IST
कहां है ये बॉर्डर01 / 07

कहां है ये बॉर्डर

दो देशों के बीच जिस बॉर्डर की हम बात कर रहे हैं, वह बॉर्डर यूरोप में बेल्जियम और नीदरलैंड के बीच है। यहां दोनों देशों की सीमा रेखा एक गांव के बीच से गुजरी है। यहां कई लोग तो रात को सोते हुए करवट लेने पर ही विदेश पहुंच जाते हैं और कुछ लोग एक छलांग भर लगाने से विदेश हो आते हैं।

बिरला ही है बारले गांव02 / 07

बिरला ही है बारले गांव

जी हां, यहां का बारले गांव अपने आप में बिरला ही है। यहां कई घर तो ऐसे हैं, जिनके बीच से देश की सीमा रेखा गुजरती है। गांव के लोग कुछ कदम चलकर विदेश पहुंच जाते हैं। कई लोगों के तो घर का दरवाजा ही विदेश में खुलता है।

दोनों देशों में गांव का नाम अलग03 / 07

दोनों देशों में गांव का नाम अलग

बेल्जियम के हिस्से में आने वाले बारले गांव का पूरा नाम बारले-हार्टोग है, जबकि नीदरलैंड वाले हिस्से को बारले-नासाऊ नाम से जाना जाता है। इस गांव में दोनों देशों की सरकारें मिलकर प्रशासन चलाती हैं।

बॉर्डर लाइन04 / 07

बॉर्डर लाइन

दोनों देशों के बीच की सीमा रेखा इस गांव के कई घरों, बिल्डिंगों, दुकानों, दफ्तरों के बीच से गुजरती है और कई बिल्डिंगें बिल्कुल सीमा रेखा पर मौजूद हैं। यहां सीमा रेखा + के निशान से बनाई गई है। जिसके दोनों ओर दोनों देशों के नाम बेल्जियम के लिए B और नीदरलैंड के लिए NL लिखा गया है।

फ्रंट डोर रूल05 / 07

फ्रंट डोर रूल

बारले गांव में 'फ्रंट डोर रूल' लागू है। इस नीति का मतलब यह है कि जिस घर का दरवाजा जिस देश की ओर खुलता है, उसका एड्रेस भी उसी देश का होता है। यानी अगल-बगल के दो घर, दो अलग-अलग देशों में हो सकते हैं।

दिन में कई बार विदेश हो आते हैं06 / 07

दिन में कई बार विदेश हो आते हैं

भले ही दुनिया में कई लोगों को विदेश जाने का मौका न मिलता हो, लेकिन बारले गांव के लोग दिन में दर्जनों पर विदेश हो आते हैं। गांव में किसी काम से इधर-उधर जाने पर वह एक देश से दूसरे में पहुंच जाते हैं।

टूरिस्ट प्लेस बना गांव07 / 07

टूरिस्ट प्लेस बना गांव

गांव के लोगों को यह अजीब नहीं लगता, लेकिन इसी खूबी के चलते लोग इस गांव में घूमने आते हैं। इस तरह से बारले एक पर्यटन स्थल बन गया है।

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