2000 Note Latest Update: दो हजार रुपए के नोट वापस लेने से जुड़े फैसले पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार ने केंद्र सरकार को घेरा है। पुणे में सोमवार (22 मई, 2023) को उन्होंने कहा कि 2,000 रुपए के नोट को चलन से बाहर करने का फैसला किसी ‘‘अस्थिर स्वभाव वाले व्यक्ति’’ (मूडी) की हरकत सरीखा लगता है। पत्रकारों से इस बाबत बोले, "यह एक मूडी व्यक्ति के फैसले जैसा है। मुझे 2,000 रुपए के नोट बंद करने के फैसले के बारे में कुछ शिकायतें मिली हैं।" उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक जैसी संस्थाओं को नुकसान हुआ क्योंकि इनके पास मौजूद कई करोड़ रुपए बदले नहीं जा सके। कोल्हापुर जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के साथ भी ऐसा ही हुआ था।
इस बीच, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने दावा किया कि जब कोई फैसला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ जाता है तो प्रधानमंत्री नकारात्मक भावनाओं को कम करने के लिए कुछ ‘मनमाने’ फैसले करते हैं।
राउत की यह टिप्पणी मीडिया की ओर से आरबीआई के फैसले के बारे में पूछे जाने पर आई। उन्होंने आगे बताया, ‘‘कर्नाटक महत्वपूर्ण दक्षिणी सूबा है, जहां विभिन्न धर्मों के लोग त्योहार मनाते हैं। राज्य में सबसे ज्यादा मंदिर हैं और लोग अपने धार्मिक झुकाव को छिपाते नहीं हैं। फिर भी कर्नाटक के लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा को नकार दिया।’’ उन्होंने पूछा कि भाजपा के लिए यह स्वीकार करना इतना मुश्किल क्यों है। भाजपा को हार को स्वीकार करना सीखना चाहिए। ऐसे (हार के) और मौके आएंगे।
हालांकि, आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की ओर से बताया गया था कि 30 सितंबर की समयसीमा तक 2,000 रुपए के ज्यादातर नोट वापस आ जाएंगे। चलन में मौजूद सबसे ऊंचे मूल्य की मुद्रा को अचानक वापस लेने की हैरान करने वाली घोषणा के बाद दास ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बताया था कि यह फैसला केंद्रीय बैंक के मुद्रा प्रबंधन का हिस्सा है। उन्होंने इसके साथ ही स्पष्ट किया कि 2,000 का नोट वैध मुद्रा बना रहेगा। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)
