Nagpur Violence: नागपुर में हुई हिंसा को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली और घटनाक्रम की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंसा में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी और हुए नुकसान की भरपाई दंगाइयों की संपत्तियों को बेचकर की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
नागपुर में औरंगजेब की कब्र को जलाने की कोशिश की खबर सामने आई थी, जिस पर कुछ स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा, कुरान की आयत लिखी चादर जलाने की अफवाह सोशल मीडिया पर तेजी से फैली, जिससे सांप्रदायिक तनाव पसरा।
कितने लोगों की हुई गिरफ्तारी
सोमवार की शाम हिंसा भड़क उठी जिसने कई गाड़ियों को अपनी चपेट में लिया। इस दौरान तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं दर्ज की गईं। पुलिस ने लगभग 5 से 6 घंटे के भीतर हालात पर काबू पा लिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस द्वारा 104 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है और सीसीटीवी फुटेज तथा मोबाइल वीडियोज के माध्यम से अन्य आरोपियों की पहचान जारी है।
अफवाह फैलाने वालों को लेकर सरकार सख्त
मुख्यमंत्री ने बताया कि सोशल मीडिया ट्रैकिंग के जरिए अब तक 68 भड़काऊ पोस्ट की पहचान कर उन्हें डिलीट किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जो लोग सोशल मीडिया के माध्यम से दंगे भड़काने की साजिश रच रहे थे, उन पर भी अन्य आरोपियों की तरह कड़ी कार्रवाई होगी।
दंगाइयों से होगी नुकसान की भरपाई
फडणवीस ने कहा, "हिंसा में जो भी नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई दंगाइयों से की जाएगी। अगर वे मुआवजा देने में असमर्थ होते हैं, तो उनकी संपत्तियों को कुर्क कर नीलाम किया जाएगा।" सरकार ने आश्वासन दिया है कि जिन लोगों की गाड़ियां आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुई हैं, उन्हें 3 से 4 दिनों के भीतर मुआवजा दिया जाएगा।
हमलावरों पर होगी कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस हिंसा में 33 पुलिसकर्मी और अधिकारी घायल हुए हैं। उन्होंने साफ कहा कि जो लोग पुलिस पर हमला करने में शामिल थे, उन पर कठोर धाराएं लगाई जाएंगी और उन्हें उनकी करतूतों की सजा भुगतनी होगी।
पूर्व नियोजित साजिश की जांच जारी
फडणवीस ने हिंसा को पूर्व नियोजित बताते हुए कहा कि कुछ लोग इस घटना के लिए पहले से तैयार थे। इसकी गहन जांच जारी है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस घटना का मालेगांव कनेक्शन सामने आ सकता है और इस पहलू पर भी जांच की जा रही है।
बांग्लादेशी कनेक्शन पर फडणवीस ने कहा, "सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट के आधार पर यह भी संभावना है कि इस घटना में बांग्लादेशी कनेक्शन हो सकता है। हालांकि, जांच के बाद ही इस पर अंतिम रूप से कुछ कहा जा सकेगा।"
बुलडोजर कार्रवाई पर मुख्यमंत्री का रुख
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर कहा कि महाराष्ट्र सरकार अपने तरीके से काम करती है और जहां आवश्यक होगा, वहां बुलडोजर भी चलाया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि गलत काम करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
प्रधानमंत्री के दौरे पर कोई असर नहीं
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नागपुर दौरा पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा। उन्होंने कहा, "नागपुर के 80 फीसद इलाके हिंसा से अप्रभावित रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री के दौरे पर किसी भी प्रकार का असर नहीं पड़ेगा।" मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि 1992 के बाद नागपुर में इस तरह की घटना कभी नहीं घटी थी। उन्होंने दोहराया कि जब तक आखिरी दंगाई को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी।
