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Mumbai Metro: पानी के अंदर दौड़ेगी ट्रेन, चलने वाली है धारावी-अत्रे चौक अंडरग्राउंड मेट्रो; इक्वा लाइन से सीधे पहुंचेगे एयरपोर्ट

Mumbai Metro 3 Aqua Line: मायानगरी मुंबई अंडरग्राउंड मेट्रो से लैस हो चुकी है। जल्द ही मुंबई कर एक्वालाइन पर आरे जेवीएलआर से बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स के बीच अंडरग्राउंड यानी पानी के अंदर मेट्रो दौड़ती नजर आएगी। आइये जानते हैं इस रूट पर कितने स्टेशन हैं और यहां कब से मेट्रो संचालित होगी?

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मुंबई मेट्रो

Mumbai Metro 3 Aqua Line: अब कोलकाता ही नहीं देश के दूसरे शहर में भी पानी के अंदर मेट्रो ट्रेन चलाने के दिन आ गए हैं। जी, हां अब मुंबई में अंडर ग्राउंड मेट्रो जल्द ही उद्घाटन के बाद जनता को सौंप दिया जाएगा। मुंबई मेट्रो ने ट्वीट कर बताया कि मेट्रो की इक्वा लाइन-3 के दूसरे चरण के अगले सप्ताह से सार्वजनिक उपयोग के लिए खुलने की संभावना है। जल्द ही 9.77 किलोमीटर लंबे भूमिगत खंड का आखिरी टेस्ट शुरू वाला है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अप्रैल के तीसरे या चौथे सप्ताह तक मेट्रो-3 का 9.77 किलोमीटर का रूट आम यात्रियों के लिए खुल जाएगा। मेट्रो ने धारावी मेट्रो के तैयार होने की तस्वीरें भी सार्वजनिक की हैं। आइये जानते हैं इस रूट पर कितने स्टेशन हैं और इस रूट की कितनी लागत है?

धारावी स्टेशन तैयार

मुंबई मेट्रो ने बताया कि धारावी मेट्रो स्टेशन की पहली तस्वीर है, जिसे मीठी नदी के किनारे कट-एंड-कवर पद्धति का उपयोग करके बनाया गया है। स्टेशन के निर्माण में आईं कई चुनौतियों का सफलतापूर्वक पार कर पूरा कर लिया गया है। जिसमें भूमि अधिग्रहण, ट्रैफ़िक डायवर्जन और एक्वालाइन के निर्माण के दौरान कई उपयोगिताओं का डायवर्जन शामिल है।

धारावी मेट्रो स्टेशन

धारावी मेट्रो स्टेशन

मीडिया रिपोर्ट के मुबाकि, मुंबई मेट्रो लाइन 3 एक्वालइन जो अंडरग्राउंड यानी भूमिगत है। इसके एक और स्ट्रेच के शुरुआत की जल्द होने वाली है। जानकारी के मुताबिक, मेट्रो लाइन 3 के बांद्रा कुर्ला कॉप्लेक्स से वर्ली में आचार्य आत्रे चौक तक लगभग 9.77 किलोमीटर लंबे स्ट्रेच को खोलने की तैयारियां हैं। मुंबई मेट्रो की एक्वा लाइन 3 के दूसरे चरण के स्टेशन की संख्या 6 है, जिनमें धारावी, शीतलादेवी, दादर, सिद्धिविनायक, वर्ली और आचार्य अत्रे चौक हैं। हालांकि, साल 2024 अक्टूबर में एक्वालइन पर जेवीएलआर से बीकेसी के बीच मेट्रो सेवाओं की शुरुआत कर दी गई थी। यह रूट करीब 12.69 किलोमीटर लंबा है। इस रूट पर 10 स्टेशन हैं।

विवरणजानकारी
परियोजना का नाममुंबई मेट्रो की एक्वा लाइन 3
मुंबई मेट्रो एक्वा लाइन 3 की लंबाई 33.5 किमी.
मुंबई मेट्रो एक्वा लाइन 3 स्टेशनों की संख्या 27
मुंबई मेट्रो एक्वा लाइन 3 दूसरे फेज के स्टेशनों की संख्या6
एक्वा लाइन का प्रकार अंडरग्राउंड
मुंबई मेट्रो की एक्वा लाइन 3 की लागत 21000 करोड़
मुंबई मेट्रो की एक्वा लाइन 3 निर्माण कंपनीलार्सन एंड टुब्रो और शंघाई टनल इंजीनियरिंग कंपनी
मुंबई मेट्रो की एक्वा लाइन की शुरूआत 2025
मुंबई मेट्रो की एक्वा लाइन 3 मुंबई की पहली और हावड़ा (कोलकाता) के बाद दूसरी भूमिगत अंडरवाटर मेट्रो कॉरिडोर है। इसका एक हिस्सा मीठी नदी के नीचे होकर गुजरेगा। यह तकनीकि इंजीनियरों के बेजोड़ काम का नमूना है। फिलहाल, CMRS के ऑफिसर बांद्रा कुर्ला से आचार्य आत्रे चौक के बीच सुरक्षा जांच शुरू कर दी है। जल्द ही इस कॉरिडोर का आखिरी टेस्ट शुरू होने वाला है।

मुंबई मेट्रो की एक्वा लाइन 3 पहले चरण के स्टेशन

मुंबई मेट्रो की एक्वा लाइन 3 के फेज 1 के स्टेशन की बात करें तो इस रूट पर 10 मेट्रो स्टेशन हैं, जिसमें आरे जेवीएलआर, मरोला नाका,, सीएसएमआईए टी1( छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशन एयरपोर्ट टर्मिनल-1), सीप्ज, सहार रोड, सीएसएमआईए टी2( छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशन एयरपोर्ट टर्मिनल-2), विद्यानगरी, धारावी, बीकेसी (बांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स शामिल हैं। इसमें से 9 स्टेशन भूमिगत हैं और आरे स्टेशन एक मात्र ग्राउंड-लेवल स्टेशन है।

मुंबई मेट्रो की एक्वा लाइन 3 का पहला चरण बीकेसी से आरे कॉलोनी तक 12.69 किलोमीटर तक फैला है। यह रूट 33.5 किमी. लंबी कोलाबा-सीप्ज-आरे मेट्रो लाइन 3 का हिस्सा है। इस 33.5 किलोमीटर रूट पर 27 स्टेशन हैं, जिनमें से 26 भूमिगत हैं और 1 एट-ग्रेट स्टेशन है। इस पूरे रूट पर मेट्रो चलने से बड़ी संख्या में लोगों को आवागमन में सुविधा होगी। साथ ही मुंबई लोकल का बोझ कम होगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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