कानपुर शहर जाम से राहत पाने की ओर बढ़ रहा है। शहर के 2 रूटों पर मेट्रो ट्रेन संचालित कर सड़कों पर बोझ कम करने की दिशा में काम चल रहा है। आने वाले समय में कानपुर साउथ तक मेट्रो ट्रेनें दौड़ती नजर आएंगी। ब्लू लाइन और ऑरेंज लाइन का कार्य अंतिम दौर में चल रहा है। मौजूदा समय में कानपुर आईआईटी से मोतीझील तक लोग इस हाईटेक ट्रेन में सफर कर रहे हैं, लेकिन जल्द ही मोतीझील से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो रफ्तार भरती नजर आएगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 15 अप्रैल को पीएम नरेंद्र मोदी मेट्रो के दूसरे चरण का आगाज कर सकते हैं।
इस परियोजना के दो रूटों पर तेजी से कार्य चल रहा है। मुख्य कानपुर शहर से दक्षिण कानपुर को जोड़ने के लिए प्रस्तावित ऑरेंज और ब्लू लाइन प्रोजेक्ट को इसी साल कंपलीट करने की योजना है। ऑरेंज लाइन के कुछ हिस्से पर मेट्रो का संचालन 2021 से जारी है, लेकिन अब इसके विस्तारित हिस्से पर मेट्रो दौड़ाने का प्रयास जारी है। अब आईआईटी से मोतीझील तक के सफर को नयागंज और उसके आगे सेंट्रल स्टेशन तक पहुंचाने की कवायत चल रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही आगे के 5 स्टेशनों तक मेट्रो का परिचालन प्रारंभ किया जा सकता है।
जानकारी के लिए बताते चलें कि वर्तमान में करीब 24 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-1 में आईआईटी कानपुर (Kanpur IIT) से नौबस्ता के अंतर्गत मेट्रो की सेवाएं आईआईटी से मोतीझील के पहले 9 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर पर चल रही है। फिलहाल, आईआईटी से मोतीझील तक आने में करीब 15 मिनट का समय लगता है। कयास लगाए जा रहे हैं कि आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक पहुंचने पर अब करीब को 25 से 30 मिनट तक समय लगेगा।
कानपुर ऑरेंज लाइन मेट्रो के स्टेशनों के नाम-आईआईटी, कल्याणपुर, एसपीएम अस्पताल, विश्वविद्यालय, गुरुदेव चौराहा, गीतानगर, रावतपुर, एलएलआर अस्पताल (हैलट), मोतीझील, चुन्नीगंज, नवीन मार्केट, बड़ा चौराहा, नयागंज, कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन, झकरकटी बस टर्मिनल, ट्रांसपोर्ट नगर, बारादेवी, किदवई नगर, वसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता है। इनमें से कानपुर सेंट्रल स्टेशन के आगे के रूट का कुछ हिस्सा निर्माणाधीन है।
कानपुर मेट्रो के बारें में अगर बात करें तो दोनों रूटों की कुल लंबाई 32.5 किलोमीटर है, जिसमें ऑरेंज लाइन की लंबाई 24 किलोमीटर और ब्लू लाइन की लंबाई 8.5 किलोमीटर है। कानपुर के दोनों रूटों पर स्टेशनों की संख्या 29 है, जिसमें ऑरेंज लाइन पर 21 और ब्लू लाइन स्टेशनों की संख्या 8 है। इनमें से 10 स्टेशन अंडर ग्राउंड और 19 स्टेशन एलिवेटेड हैं। कानपुर मेट्रो की कुल लागत 11076 करोड़ रुपये है। कानपुर में अप्रैल से पहली बार अंडरग्राउंड मेट्रो संचालित होती नजर आएगी।
कानपुर ब्लू लाइन मेट्रो ट्रैक का निर्माण कार्य जारी है। कयास लगाए जा रहे हैं। इस रूट पर मेट्रो दौड़ने में अभी समय लग सकता है। मेट्रो का यह कॉरिडोर 8.9 किमी लंबा है, जो चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय (Chandrashekhar Azad Agricultural University Kanpur) से बर्रा-8 तक बन रहा है। इस रूट पर कुल 8 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इन 8 स्टेशनों में से रावतपुर में ऑरेंज लाइन के बीच ब्लू लाइन के साथ इंटरचेंज होगा। इस कॉरिडोर पर भूमिगत और एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों के नाम- कृषि विश्व विद्यालय, रावतपुर (ऑरेंज लाइन के लिए इंटरचेंज स्टेशन), काकादेव, डबल पुलिया, विजय नगर, शास्त्री चौक, बर्रा-7 और बर्रा-8 है।
कानपुर मेट्रो पर सफर करने वाले लाखों यात्रियों को किराये के तौर पर एक स्टेशन तक 10 रुपये, 2 स्टेशन तक 15, 3 स्टेशन तक 20 रुपये, 3 से 6 स्टेशन तक 20 रुपये, 7 से 10 स्टेशन तक 40 रुपये और 11 से 14 स्टेशन तक 40 रुपये खर्च करने होंगे। ये टिकट यात्री काउंटर या क्यूआर कोड से खरीद सकते हैं। कानपुर मेट्रो में संबंधित स्टेशनों और अन्य मेट्रो यात्रा संबंधी जानकारी हिंदी और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध कराई जा रही है। कानपुर मेट्रो की टाइमिंग सुबह 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक है। यह ट्रेन 80 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से संचालित होगी। इसे 90 की रफ्तार से चलाने के हिसाब से डिजाइन किया गया है। यहां आपको सभी स्टेशनों के बाहर फूड कोड, शॉपिंग स्टोर और एटीएम इत्यादि जरूरी चीजों की व्यवस्था की गई है। मेट्रो के अंदर धूम्रपान, गुटखा, शराब आदि का सेवन वर्जित है।