Thane News: महाराष्ट्र के ठाणे शहर में सात विचाराधीन कैदियों को मेडिकल जांच के लिए ले जाते समय कथित लापरवाही और ड्यूटी में कोताही बरतने के आरोप में नौ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने समाचार एजेंसी भाषा को बताया कि जांच में पाया गया कि चार अगस्त को जब सात विचाराधीन कैदियों को कलवा सिविक अस्पताल ले जाया गया तो कई गड़बड़ियां हुईं। जिसके आधार पर पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय-दो) डॉ. पवन बन्सोड ने सस्पेंशन का आदेश जारी किया।
अधिकारी ने कहा कि पुलिस टीम कैदियों की ठीक तरह से निगरानी करने में नाकाम रही, जिससे कदाचार का संदेह पैदा हुआ।
उन्होंने कहा कि, "अस्पताल में जांच के दौरान पता चला कि सात में से सिर्फ पांच कैदी ही मौजूद थे। एक कैदी के हाथ में हथकड़ी भी नहीं लगी थी, और टीम का एक सदस्य ड्यूटी करने के बजाय मोबाइल फोन पर बात करता पाया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने कथित तौर पर करण दभालिया और राजेश पम्बर नाम के दो लापता कैदियों के बारे में अपने सीनियर अधिकारियों को गुमराह किया"
अधिकारी के मुताबिक, टीम ने पहले दावा किया कि दोनों एक्स-रे कराने गए हैं। लेकिन जब एक्स-रे विभाग और आस-पास के इलाकों की जांच की गई तो वहां उनका कोई पता नहीं चला। इसके बाद टीम ने कहा कि कैदी शौचालय गए हैं, लेकिन वे वहां भी नहीं मिले। आखिरकार, दोपहर तीन बजकर 50 मिनट पर दोनों कैदियों का पता चला।"
निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में गंगाराम घुले, गिरीश पाटिल, विलास मोहिते, किशोर शिर्के, अशोक मुंडे, संदीप खरात, सुनील निकालजे, भरत जयभय और विक्रम जम्बुरे हैं।
