मुंबई

Thane: मेडिकल जांच कराने गए तो गायब मिले दो कैदी, लगे लापरवाही के आरोप; नौ पुलिसकर्मी सस्पेंड

ठाणे में सात कैदियों की मेडिकल जांच के दौरान सुरक्षा में लापरवाही बरतने पर नौ पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं। जांच में पाया गया कि दो कैदी लापता थे, एक बिना हथकड़ी था और एक पुलिसकर्मी ड्यूटी के बजाय फोन पर बात कर रहा था। अधिकारियों को गलत जानकारी भी दी गई थी।

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लापरवाही के चलते 9 पुलिसकर्मी सस्पेंड (सांकेतिक तस्वीर | iStock)

Photo : iStock

Thane News: महाराष्ट्र के ठाणे शहर में सात विचाराधीन कैदियों को मेडिकल जांच के लिए ले जाते समय कथित लापरवाही और ड्यूटी में कोताही बरतने के आरोप में नौ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने समाचार एजेंसी भाषा को बताया कि जांच में पाया गया कि चार अगस्त को जब सात विचाराधीन कैदियों को कलवा सिविक अस्पताल ले जाया गया तो कई गड़बड़ियां हुईं। जिसके आधार पर पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय-दो) डॉ. पवन बन्सोड ने सस्पेंशन का आदेश जारी किया।

अधिकारी ने कहा कि पुलिस टीम कैदियों की ठीक तरह से निगरानी करने में नाकाम रही, जिससे कदाचार का संदेह पैदा हुआ।

उन्होंने कहा कि, "अस्पताल में जांच के दौरान पता चला कि सात में से सिर्फ पांच कैदी ही मौजूद थे। एक कैदी के हाथ में हथकड़ी भी नहीं लगी थी, और टीम का एक सदस्य ड्यूटी करने के बजाय मोबाइल फोन पर बात करता पाया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने कथित तौर पर करण दभालिया और राजेश पम्बर नाम के दो लापता कैदियों के बारे में अपने सीनियर अधिकारियों को गुमराह किया"

अधिकारी के मुताबिक, टीम ने पहले दावा किया कि दोनों एक्स-रे कराने गए हैं। लेकिन जब एक्स-रे विभाग और आस-पास के इलाकों की जांच की गई तो वहां उनका कोई पता नहीं चला। इसके बाद टीम ने कहा कि कैदी शौचालय गए हैं, लेकिन वे वहां भी नहीं मिले। आखिरकार, दोपहर तीन बजकर 50 मिनट पर दोनों कैदियों का पता चला।"

निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में गंगाराम घुले, गिरीश पाटिल, विलास मोहिते, किशोर शिर्के, अशोक मुंडे, संदीप खरात, सुनील निकालजे, भरत जयभय और विक्रम जम्बुरे हैं।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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