गुरुग्राम : दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को मानसून की पहली जोरदार बारिश ने जहां भीषण गर्मी और उमस से राहत दी, वहीं गुरुग्राम समेत हरियाणा के कई शहरों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कुछ घंटों की बारिश ने प्रशासन की मानसून तैयारियों और ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल दी। गुरुग्राम के कई इलाकों में दो-दो फीट तक पानी भर गया, जबकि नेशनल हाईवे-48 (NH-48) पर लंबा जाम लगने से हजारों वाहन चालक घंटों फंसे रहे।
मंगलवार सुबह हरियाणा के कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत और यमुनानगर में बारिश हुई। करनाल और पानीपत में सुबह से ही आसमान पर काले बादल छाए रहे। दोपहर बाद यमुनानगर, फरीदाबाद, रेवाड़ी, नूंह और गुरुग्राम में तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।
सबसे ज्यादा असर गुरुग्राम के बसई रोड समेत कई निचले इलाकों में देखने को मिला, जहां करीब दो फीट तक पानी भर गया। कई वाहन बीच सड़क में बंद हो गए और लोगों को घंटों ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। वहीं करनाल और सोनीपत में भी कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित रहा।
जल निकासी को लेकर बढ़ी समस्या
हर साल की तरह इस बार भी मानसून की पहली ही तेज बारिश में शहरों की जल निकासी व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून से पहले नालों की सफाई और ड्रेनेज सुधार के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन पहली बारिश में ही सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं।
बारिश के बाद नगर निगम और प्रशासन की टीमें जल निकासी में जुट गईं। कई स्थानों पर पंप लगाकर पानी निकाला गया, जबकि ट्रैफिक पुलिस ने जाम वाले इलाकों में अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती कर यातायात सामान्य करने की कोशिश की।
इस बीच, मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ ने अगले तीन घंटों के दौरान हरियाणा के 20 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार प्रदेश में 11 जुलाई तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा और कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है। मंगलवार को गुरुग्राम और भिवानी में सबसे कम न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकांश जिलों में रात का तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड किया गया। अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और स्थानीय स्तर पर जल निकासी की समस्याएं बढ़ सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और जलभराव वाले मार्गों से बचने की अपील की है।
