Monsoon Update: छत्तीसगढ़ के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज तेजी से बदला है। तेज आंधी-तूफान और लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। राजधानी रायपुर समेत कई इलाकों में अधिकतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पारा 40 डिग्री से नीचे आ गया है। लेकिन चिंता तीा बात है कि मानसून के आने में देरी हो गई है।
अगले 5 दिन बारिश और अंधड़ का अलर्ट, मानसून में देरी
मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक राज्य में ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना जताई है। मानसून के आगमन से पहले प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ अंधड़ चलने का अनुमान है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ जगहों पर बिजली गिरने (Vajrapat) की भी आशंका है।
आमतौर पर छत्तीसगढ़ में 12- 15 जून तक मानसून दस्तक दे देता है, लेकिन इस बार इसमें देरी हो रही है। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि मानसून बस्तर, सुकमा और बीजापुर जैसे दक्षिणी जिलों में 20 जून तक पहुंच सकता है। वहीं, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और महासमुंद यानी मध्य छत्तीसगढ़ में इसके 22 जून तक और उत्तर छत्तीसगढ़ (सरगुजा संभाग) में 25 जून तक पहुंचने की उम्मीद है।
अभी कहां है मानसून (Monsoon Tracker)
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून इस समय महाराष्ट्र (हरनई और सोलापुर), तेलंगाना (हैदराबाद), आंध्र प्रदेश (भद्रचलम), ओडिशा (कोरापुट और फूलबनी), झारखंड (रांची) और बिहार (जमुई और मुजफ्फरपुर) की रेखा पर रुका हुआ है। मानसूनी हवाओं की रफ्तार धीमी होने के कारण पिछले 4-5 दिनों से इसकी उत्तरी सीमा आगे नहीं बढ़ी है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में फिलहाल मानसून का इंतजार है।
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देश के 12 राज्यों पर 'अल नीनो' का साया, कृषि मंत्रालय की बड़ी चेतावनी
भले ही प्री-मानसून की बौछारों ने गर्मी से राहत दी हो, लेकिन इस साल देश में मानसून के कमजोर रहने के आसार हैं। इसकी मुख्य वजह प्रशांत महासागर में सक्रिय हो रहा 'अल नीनो' (El Nino) प्रभाव है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि अल नीनो के कारण छत्तीसगढ़ समेत देश के 12 राज्यों में मानसून काफी कमजोर और अनिश्चित रह सकता है, जिससे खरीफ की फसलों और बुवाई पर बेहद गंभीर असर पड़ने की आशंका है।
अत्यधिक प्रभावित होने वाले 12 राज्य
छत्तीसगढ़ के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, ओडिशा, राजस्थान, बिहार, झारखंड और महाराष्ट्र को इस सूची में रखा गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून दीर्घकालिक औसत का लगभग 90 प्रतिशत ही रहेगा, जो 'सामान्य से कम' (Below Normal) बारिश का संकेत है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का एक्शन प्लान: 326 जिलों में अलर्ट
खरीफ 2026 की तैयारियों को लेकर आयोजित एक उच्च स्तरीय साप्ताहिक समीक्षा बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा "जिन 9 से 10 राज्यों में अल नीनो का प्रभाव तुलनात्मक रूप से अधिक रहने की आशंका है, वहां चिन्हित जिलों के जिलाधिकारियों (DM), कृषि विभागों, कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) और अन्य विस्तार प्रणालियों के साथ मिलकर तुरंत समन्वय बैठकें आयोजित की जाएं।"
कृषि मंत्री ने कम बारिश वाले जिलों में एडवांस आकस्मिक योजना (Contingency Planning) तैयार करने पर जोर दिया है। सरकार किसानों को कम पानी में उगने वाली फसलों, जैसे कपास और दालों (Pulses) का रकबा बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रभावित होने वाले 12 राज्यों के कुल 326 जिलों की पहचान की गई है, जिनके लिए विशेष 'कंटिनजेंसी प्लान' तैयार किया जा रहा है ताकि किसानों को सूखे या कम बारिश की स्थिति में भारी नुकसान से बचाया जा सके।
