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मॉनसून का कहर : कश्मीर से कन्याकुमारी तक असर, कहीं अंधड़ तो कहीं फटेंगे बादल; बिजली-वज्रपात का अलर्ट

Mansoon 2026 : देशभर के विभिन्न राज्यों में मॉनसून का असर दिखाई दे रहा है। आईएमडी ने नासिक में ’बादल फटने’ की चेतावनी के बीच कुछ हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिससे गोदावरी नदी उफान पर आ गई। इसी प्रकार समूचे दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में भारी से भारी बारिश का अलर्ट घोषित है। इधर, उत्तर भारतीय राज्यों में मॉनसूनी बारिश ने गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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मॉनसून 2026

Monsoon 2026 : दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने देश के कई राज्यों में रफ्तार पकड़ ली है। महाराष्ट्र, गुजरात, केरल और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में मंगलवार को भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया। कहीं नदियां उफान पर हैं तो कहीं भूस्खलन और जलभराव की घटनाएं सामने आई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई इलाकों में अगले 24 घंटे तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटे के दौरान उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले हिस्सों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

नासिक में बादल फटने की आशंका

महाराष्ट्र के नासिक जिले में 'बादल फटने' की आशंका के बीच नासिक, त्र्यंबकेश्वर, इगतपुरी और सुरगाणा तहसीलों में मूसलाधार बारिश हुई। लगातार बारिश से गोदावरी नदी का जलस्तर बढ़ गया। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और कहीं भी बादल फटने जैसी घटना नहीं हुई है।

भूस्खलन की आशंका को देखते हुए देवला तहसील के भावड़बारी घाट को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है, जबकि इगतपुरी में राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम तैनात की गई है। अधिकारियों के अनुसार, पालघर में भारी बारिश का कारण बना मौसम तंत्र अब सूरत और अहमदनगर के अकोले क्षेत्र की ओर खिसक गया है।

केरल में भूस्खलन

केरल के वायनाड में एक टनल परियोजना स्थल पर बारिश के कारण हुए भूस्खलन में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लापता हैं। राहत एवं बचाव कार्य जारी है और प्रशासन ने आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है।

गुजरात में बाढ़ जैसे हालात

दक्षिण गुजरात के कई हिस्सों में अत्यधिक बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। सबसे अधिक प्रभावित सूरत जिले में पिछले दो दिनों के दौरान बारिश से जुड़ी घटनाओं में पांच लोगों की मौत हुई है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 2,100 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

मुंबई और रत्नागिरी में हादसे

मुंबई में तेज बारिश और तेज हवाओं के बीच एक गार्डन में सीमेंट की शीट गिरने से दो नाबालिग लड़कों की मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं घायल हो गईं। वहीं रत्नागिरी जिले में भूस्खलन के कारण पांच मकान मलबे में दब गए। एक महिला को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि अन्य लोगों की तलाश जारी है।

उत्तर प्रदेश में राहत की बारिश

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, बांदा में 61.4 मिमी, मेरठ में 68.2 मिमी, वाराणसी (बीएचयू) में 32.2 मिमी, शाहजहांपुर में 24 मिमी और मुजफ्फरनगर में 20.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।

बारिश के चलते कई शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज हुआ। बांदा में अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस, इटावा में 32.6 डिग्री, कानपुर में 33.6 डिग्री और लखनऊ में 34.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

अगले 24 घंटे अहम

आईएमडी के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का भी अनुमान है। वहीं महाराष्ट्र, गुजरात और केरल के संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

लगातार सक्रिय मानसून के चलते देश के कई राज्यों में राहत और आफत दोनों की तस्वीर देखने को मिल रही है। जहां बारिश ने भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाओं ने प्रशासन की चुनौतियां भी बढ़ा दी हैं।

दिल्ली-एनसीआर में बारिश का अलर्ट

दिल्ली में बारिश और तेज हवाओं को लिए ’रेड’ और ’ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर भारी बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ़्तार से हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने दिनभर आमतौर पर आसमान में बादल छाए रहने और मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। वहीं, अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। उधर, पंजाब और हरियाणा में भी तेज हवाओं के साथ भारी से भारी बारिश का अलर्ट है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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