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हत्या के 3 साल बाद जिंदा हो गई महिला! UP पुलिस ने ऐसे किया कमाल; प्रेमी के साथ उड़ा रही थी मौज

उत्तर प्रदेश के गोंडा में तीन साल पहले लापता हुई महिला अब जिंदा बरामद की गई है। महिला के गुमशुदा होने के बाद हत्या का मामला दर्ज किया गया था। वह प्रेमी के साथ चुपचाप लखनऊ में रह रही थी।

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(कविता फाइल फोटो)

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

गोंडा: जिले में तीन साल पहले जिस महिला की हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था, वह लखनऊ में जिंदा मिली। सोशल मीडिया मंच 'फेसबुक' पर उसकी गतिविधियों से पुलिस को उसका सुराग मिला और उसे राजधानी के डालीगंज इलाके से ढूंढ निकाला। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बुधवार को बताया कि कविता (23) की शादी 17 नवंबर 2017 को ददुआ बाजार के निवासी विनय कुमार से हुई थी और वह पांच मई 2021 को ससुराल से लापता हो गई थी। उन्होंने बताया कि उसके परिजनों ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया था, जिसके बाद कोतवाली नगर थाने में उसके पति, देवर, सास और ननद के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया।

फेसबुक अकाउंट से पुलिस ने किया पीछा

उन्होंने बताया कि काफी खोजबीन के बाद भी कविता का पता नहीं लग सका था, जिसके बाद दिसंबर 2022 में पति विनय कुमार ने भी कविता के भाई अखिलेश समेत छह लोगों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था। जायसवाल ने कहा कि पिछले हफ्ते कविता के फेसबुक अकाउंट से एक गतिविधि हुई थी। उस अकाउंट को गलत नाम और पहचान का उपयोग करके बनाया गया था। इस गतिविधि पर साइबर प्रकोष्ठ ने गौर किया। उसने महिला का पता लगाने के लिए अपनी खोज फिर से शुरू की और छह अक्टूबर को उसे अंततः लखनऊ के डालीगंज इलाके में सकुशल बरामद कर लिया।

प्रेमी के साथ रह रही थी

उन्होंने कहा कि महिला का मेडिकल परीक्षण कर उसे अदालत के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कविता अपने प्रेमी सत्य नारायण गुप्ता के साथ रह रही थी। गुप्ता गोंडा के दुर्जनपुर बाजार में एक दुकानदार है और कविता अक्सर उससे मिलने जाती थी, जिसकी वजह से दोनों के बीच नजदीकी बढ़ गयी। पुलिस कविता का पता लगाने की कोशिश कर रही थी, इसी दौरान यह मामला उच्च न्यायालय पहुंच गया और अदालत ने पुलिस की कार्रवाई का ब्योरा मांगा गया।

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और कोतवाली पुलिस ने कविता को लखनऊ के डालीगंज इलाके में उसके प्रेमी गुप्ता के घर से बरामद किया। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक पूछताछ के दौरान कविता ने कहा कि वह लखनऊ आने से पहले एक साल तक अयोध्या में गुप्ता के साथ रही थी और उसने ससुराल व मायके वालों से भी संपर्क नहीं किया। कविता ने संवाददाताओं को बताया कि उसके ससुराल के लोग उसे मारते-पीटते थे, इसीलिये साल 2021 में वह घर छोड़कर चली गई थी।

(इनपुट-भाषा)

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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