Delhi News: साउथ दिल्ली के छतरपुर इलाके में 11 साल की बच्ची का अपहरण, रेप और हत्या (Minor Murder Case) के मामले में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। इस मामले में आरोपी कैब ड्राइवर बासु कुमार सिंह उर्फ बासु बच्ची की हत्या करने के बाद अपने किराए के घर में गया था। घर पहुंचकर उसने कपड़े बदले और कैब को भी अच्छी तरह से साफ किया। इसके कुछ ही देर बाद सुबह करीब 6 बजे वह एक बार फिर सवारी लेने के लिए कैब लेकर काम पर लौट आया था।
मूल रूप से बिहार के रहने वाला बासु साल 2018 में गुरुग्राम आया था। यहां उसने शुरुआत में एक सोसाइटी में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम किया। इसके बाद उसने फूड डिलीवरी राइडर और कैब कंपनियों में ड्राइवर के तौर पर भी काम किया। पुलिस की गिरफ्त में आरोपी बासु ने बताया कि वह 15 दिन पहले ही दिल्ली-एनसीआर लौटा था। आरोपी ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया है। उसका कहना है कि उसने बच्ची के साथ रेप करने की कोशिश की थी, लेकिन नपुंसकता (Erectile Dysfunction) के कारण वह ऐसा नहीं कर पाया। मेडिकल जांच में भी बासु की नपुंसकता की पुष्टि हो गई है।
बासु ने बच्ची को कहां से उठाया?
पुलिस के मुताबिक 29 साल के आरोपी बासु ने 22 जून की सुबह मेहरौली इलाके में छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास से 11 साल की एक बच्ची का अपहरण किया। वह सोती हुई बच्ची को उठाकर उसी गाड़ी में ले गया, जिसे वह कैब के रूप में चलाता था। आरोपी ने बताया कि बच्ची के विरोध करने पर उसने बच्ची को शांत कराने के लिए कहा कि वह उसे घुमाकर घर छोड़ देगा। बासु पर भरोसा करके बच्ची कार में फिर से सो गई।
आरोपी बासु ने बच्ची का शव कहां ठिकाने लगाया?
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार इसके बाद बासु बच्ची को लेकर मंडी रोड की तरफ 10-12 किमी चला गया, यहां उसने बच्ची के साथ रेप करने की कोशिश की। उसका कहना है कि नपुंसकता के कारण वह बच्ची का यौन उत्पीड़न नहीं कर पाया। उसने बताया कि इस दौरान उसने बच्ची को शोर मचाने पर मार डालने की धमकी भी दी। फिर वह बच्ची को फरीदाबाद-गुरुग्राम बॉर्डर के पास जंगल वाले इलाके में ले गया। यहां जाकर उसने बच्ची की हत्या कर शव को पत्थरों के ढेर के नीचे छिपा दिया। बता दें कि बासु पर बिहार में भी हत्या के प्रयास के दो मामलों सहित कुल 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आरोपी बासु ने बच्ची को कैसे उठाया?
पुलिस के मुताबिक पीड़ित परिवार के पांच सदस्य फुटपाथ पर एक लाइन में सो रहे थे। जिस समय बासु ने उसका अपहरण किया, उस समय बच्ची अपनी मां, आंटी, भाई और पिता के बीच सो रही थी। उसने कार का दरवाजा खोलकर उनके बगल में गाड़ी पार्क की और फिर कुछ देर तक बच्ची को घूरता रहा। इसके बाद उसने बच्ची को उठाकर कार में रख दिया। कार चलने पर बच्ची की नींद टूटी तो वह पिता को पुकारने लगी। उसके पिता कार के पीछे दौड़े भी, डंडे फेंके... लेकिन बासु कार लेकर तेजी से आगे निकल गया।
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क्या आरोपी बासु ने पुलिस की गिरफ्त से भागने की कोशिश की?
बच्ची के पिता ने शुरुआत में बताया था कि तेज रफ्तार में पीली नंबर प्लेट वाली गाड़ी थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और दी गई जानकारी के अनुसार बासु को ट्रैक किया। शिकायत मिलने के 7 घंटे के भीतर पुलिस ने बासु को गिरफ्तार भी कर लिया। क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान आरोपी बासु ने पुलिसकर्मियों के हथियार छीनकर भागने की भी कोशिश की। इसी दौरान पुलिस की गोलीबारी में उसके पैर में गोली लगी और उसे हिरासत में ले लिया गया।
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बिहार में खगड़िया का निवासी से आरोपी बासु
बिहार में खगड़िया जिले के मूल निवासी आरोपी बासु पिछले कई वर्षों से दिल्ली-एनसीआर में रह रहा था। आरोपी के खिलाफ BNS और पोक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। वह 2023 से कैब ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा था। दिल्ली पुलिस की तरफ से तीन प्रमुख कैब एग्रीगेटर्स को नोटिस भेजा जा सकता है। उनसे बासू के वेरिफिकेशन और ऑनबोर्डिंग की डिटेल भी मांगी जाएगी।
