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Delhi News: यमुना बाजार में चला बुलडोजर, 310 मकान होंगे धराशायी; बनेगी 'बाढ़ सुरक्षा दीवार'

दिल्ली के यमुना बाजार स्थित निगम बोध घाट इलाके में DDA ने अवैध निर्माण हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई शुरू की। इस कार्रवाई के तहत 310 मकानों को हटाया जाएगा। प्रशासन के अनुसार यह क्षेत्र यमुना फ्लडप्लेन में आता है और हर साल बाढ़ का खतरा रहता है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है।

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Delhi Bulldozer Action

Photo : ANI

Delhi Demolition Drive: दिल्ली के यमुना बाजार स्थित निगम बोध घाट इलाके में गुरुवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई (Demolition Drive) शुरू की। इसृके तहत यमुना के डूब क्षेत्र (Flood Plains) में बने अवैध निर्माणों और झुग्गियों को हटाया जा रहा है। गुरुवार को कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी सुरक्षा बल को तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

पहले ही दिया गया था 15 दिनों का नोटिस

अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान के तहत करीब 310 घरों को हटाने की तैयारी की गई है, जहां लगभग 1100 लोगों के परिवार रह रहे थे। प्रशासन के अनुसार, यह कार्रवाई अचानक नहीं की जा रही है। इससे पहले 8 मई को दिल्ली सरकार ने पुरानी दिल्ली में यमुना बाढ़ क्षेत्र में रहने वाले लोगों को मकान खाली करने का नोटिस जारी किया था। सरकार ने इस कार्रवाई के पीछे बाढ़ का खतरा और लोगों की सुरक्षा को वजह बताया था। पुरानी दिल्ली के एडिशनल डीएम की ओर से जारी नोटिस में कहा गया था कि इन 310 घरों का निर्माण डीडीए की जमीन पर अवैध कब्जा करके हुआ है। यहां से लोगों को अपना सामान समेटने और जगह खाली करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था।

क्यों जरूरी है यह कार्रवाई?

प्रशासन के मुताबिक, यमुना का फ्लडप्लेन पर्यावरण की नजर से बेहद संवेदनशील इलाका माना जाता है और इसे जोन-ओ (Zone-O) के तहत रखा गया है। मानसून के दौरान हर साल यमुना का जलस्तर बढ़ने पर यह इलाका बाढ़ की चपेट में आ जाता है, जिससे यहां रहने वाले लोगों, उनके मवेशियों और संपत्ति को भारी खतरा रहता है। इसी कारण प्रशासन ने सार्वजनिक सुरक्षा और बाढ़ के जोखिम को देखते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत अवैध बस्तियों को हटाने का फैसला किया।

दिल्ली को बाढ़ से बचाने के लिए बनेगी 'सुरक्षा दीवार'

इस बीच, दिल्ली सरकार मानसून में यमुना में आने वाल बाढ़ से राजधानी को सुरक्षित रखने के लिए स्थायी समाधान पर भी काम कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मई की शुरुआत में रिंग रोड के संवेदनशील इलाके के साथ एक 'बाढ़ सुरक्षा दीवार' (Flood Protection Wall) के निर्माण को मंजूरी दी थी। इसके तहत मजनू का टीला से ओल्ड रेलवे ब्रिज तक 4.72 किलोमीटर लंबी दीवार बनाई जाएगी।

इस परियोजना का मकसद यमुना के पानी को रिहायशी इलाकों में घुसने से रोकना है। इस प्रोजेक्ट को अगले मानसून से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह मजबूत दीवार से सिविल लाइंस, कश्मीरी गेट, यमुना बाजार और मजनू का टीला जैसे बाढ़ प्रभावित इलाकों को मानसून में सुरक्षा मिल सकेगी।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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