शहर

Maharashtra Weather: दाखिल हुआ मानसून! महाराष्ट्र के 25 जिलों में अलर्ट, जानें मुंबई-पुणे में कब होगी एंट्री

Maharashtra Weather Monsoon Update 07 June: महाराष्ट्र के दक्षिण कोंकण में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है। हालांकि, सूखी हवाओं के कारण मुंबई और पुणे में मानसून के लिए 11 जून तक इंतजार करना पड़ सकता है। IMD ने पुणे, कोल्हापुर और विदर्भ के 11 जिलों सहित कुल 25 जिलों के लिए आंधी-तूफान और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है।

Image

आज पुणे-कोल्हापुर समेत 5 जिलों में भारी बारिश

Photo : Times Now Digital

Maharashtra Weather Update: महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र के लिए एक बेहद अच्छी खबर सामने आई है। देश की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ माना जाने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून दक्षिण कोंकण के तटीय इलाकों के कुछ हिस्सों में पहुंच गया है। इस बारिश से राज्य के उन किसानों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं जो बुवाई शुरू करने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि महाराष्ट्र के अंदरूनी हिस्सों में रहने वाले लोगों को मानसून के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।

सूखी हवाएं बनीं मानसून की राह में रोड़ा

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 48 से 72 घंटों में महाराष्ट्र के और अधिक हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। इसके बावजूद, अंदरूनी इलाकों में इसके फैलने की गति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। स्काईमेट वेदर के मुताबिक मानसून का मौजूदा फैलाव मुख्य रूप से अरब सागर की शाखा की वजह से हो रहा है, जो पश्चिमी तट पर बारिश करा रही है। वर्तमान में इसका असर ज्यादातर तट तक ही सीमित है, लेकिन आने वाले दिनों में उत्तरी कोंकण सहित पूरे कोंकण क्षेत्र में अच्छी बारिश की संभावना है। दूसरी ओर, बंगाल की खाड़ी वाली शाखा, जो मानसून को देश के अंदरूनी हिस्सों तक धकेलती है, वह फिलहाल निष्क्रिय है, जिससे अंदरूनी महाराष्ट्र में मानसून की रफ्तार धीमी रहेगी।

ऐसा भी अनुमान है कि 8 जून के बाद मानसून की प्रगति रुक सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत और रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली अपेक्षाकृत सूखी हवाएं वातावरण को स्थिर और कम बारिश वाला बना देती हैं, जिससे मानसून के आगे बढ़ने में बाधा आ सकती है।

मुंबई और पुणे में कब आएगा मानसून?

स्वतंत्र मौसम विशेषज्ञ अभिजीत मोदक के मुताबिक, अगले तीन दिनों में पश्चिमी महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर प्री-मानसून आंधी-तूफान की संभावना है। विशेष रूप से पुणे से कोल्हापुर और रायगढ़ से सिंधुदुर्ग के बीच के लोगों को अलर्ट रहने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पश्चिमी हवाओं का बहाव तेज नहीं होता, तब तक 11 जून से पहले मुंबई-पुणे क्षेत्र में मानसून के आगमन की घोषणा करना जल्दबाजी होगी। इस हफ्ते के अंत तक ही साफ संकेत मिल पाएंगे कि मानसून आधिकारिक तौर पर मुंबई और पुणे में कब दस्तक देगा।

महाराष्ट्र के 25 जिलों में येलो अलर्ट

IMD ने रविवार को महाराष्ट्र के कुल 25 जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। इन इलाकों में गरज, चमक और तेज हवाओं के साथ अचानक मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से बिजली गिरने के कारण खतरे के बढ़ने की संभावना जताई है।

तटीय कोंकण (रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग): इन तीन जिलों में मध्यम बारिश और बादल छाए रहने का अनुमान है। तटीय क्षेत्रों में हवा की गति बढ़ने की संभावना को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले मौसम का पूर्वानुमान देखने की सलाह दी गई है।

पश्चिमी महाराष्ट्र (पुणे, कोल्हापुर, सतारा, सांगली और सोलापुर): इन पांच जिलों में भारी बारिश की संभावना है, विशेष रूप से घाटमाथा क्षेत्र में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। शहरी इलाकों में बिजली गिरने के साथ अचानक तेज बारिश हो सकती है।

उत्तरी महाराष्ट्र (नासिक और अहिल्यानगर): यहां आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों से अपनी कटी हुई फसलों और कृषि उत्पादों को सुरक्षित स्थानों पर रखने का आग्रह किया गया है।

मराठवाड़ा (परभणी, बीड, लातूर और धराशिव): यहां कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी बुवाई की योजना मौसम के पूर्वानुमान को देखकर ही बनाएं।

विदर्भ: अकोला, अमरावती, भंडारा, बुलढाणा, चंद्रपुर, गढ़चिरोली, गोंदिया, नागपुर, वर्धा, वाशिम और यवतमाल में तेज आंधी-तूफान की भविष्यवाणी की गई है. बिजली गिरने के खतरे के कारण नागरिकों से पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की गई है।

इनके अलावा पालघर, ठाणे, मुंबई, जलगांव, छत्रपति संभाजीनगर, जालना, हिंगोली और नांदेड़ जिलों के लिए कोई आधिकारिक येलो अलर्ट नहीं है, लेकिन यहां भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने सभी नागरिकों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम में होने वाले बदलावों पर लगातार नजर रखने का आग्रह किया है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

और पढ़ें
End of Article