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Maharashtra Weather: बारिश के बीच चढ़ेगा पारा; महाराष्ट्र आने में देरी कर सकता है मानसून; मुंबई-ठाणे में भीषण गर्मी के बीच 3 जिलों में 'रेड अलर्ट'

Maharashtra Weather Update 28 May: दक्षिण-पश्चिम मानसून लक्षद्वीप पहुंच गया है और इसके 28 मई से 3 जून के बीच केरल में प्रवेश करने की संभावना है। हालांकि, महाराष्ट्र में मानसून 10 से 15 जून के बीच थोड़ा देरी से आएगा। इस बीच विदर्भ के तीन जिलों में भीषण गर्मी का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

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मुंबई-ठाणे में उमस का सितम, विदर्भ में हीटवेव

Photo : Times Now Digital

Maharashtra Weather Update: देश भर के किसानों और आम जनता के लिए मानसून को लेकर एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून बुधवार (27 मई) को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के रास्तों से गुजरते हुए लक्षद्वीप द्वीप समूह के दक्षिणी भाग में प्रवेश कर चुका है। हालांकि, शुरुआती दिनों में तेजी दिखाने के बाद मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी है, जिसके कारण केरल और महाराष्ट्र में इसके पहुंचने में कुछ दिनों का विलंब होने की प्रबल संभावना है। इस बीच, मानसून (Monsoon) के इंतजार के साथ-साथ महाराष्ट्र के कई जिलों में सूरज की तपिश और भीषण लू (Heatwave) का कहर जारी है, जिससे नागरिकों को फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही है।

अंडमान में जल्दी आकर क्यों लड़खड़ाया मानसून? (Monsoon 2026 Update)

इस साल मानसून का आगाज बेहद शानदार और समय से पहले हुआ था। मानसून अपनी निर्धारित तारीख से काफी पहले, यानी 16 मई को ही अंडमान पहुंच गया था और 18 मई को यह और आगे बढ़ गया। इस रफ्तार को देखते हुए मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि केरल में इस बार 26 मई तक ही बारिश शुरू हो जाएगी। अंडमान में आगे बढ़ने के बाद मानसून अचानक कमजोर पड़ गया और लगातार 5 दिनों तक एक ही जगह स्थिर रहा। इसके बाद 23 मई को इसने दोबारा गति पकड़ी और श्रीलंका के आधे से अधिक हिस्से तथा अरब सागर के कुछ क्षेत्रों को अपने घेरे में लिया। अब अनुकूल परिस्थितियों के चलते इसके आगे बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

महाराष्ट्र में कब आएगा मानसून (Monsoon Tracker 2026)

मौसम विभाग के आधिकारिक मानचित्र और पूर्वानुमानों के अनुसार, केरल में मानसून के 28 मई से 3 जून के बीच आगमन की संभावना जताई जा रही है। वहीं बेंगलुरु और मुंबई में बारिश 5 जून से 10 जून के बीच शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, इस साल महाराष्ट्र में मानसून थोड़ा देर से दस्तक देगा। मुंबई में 5 से 10 जून के बीच शुरुआती बारिश हो सकती है, लेकिन राज्य में पूरी तरह सक्रिय होने में इसे 15 जून तक का समय लग सकता है।

मुंबई में तापमान चरम पर, विदर्भ के 3 जिलों में 'रेड अलर्ट' (Mumbai Vidarbha Weather Today)

एक तरफ जहां मानसून का इंतजार हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ मौजूदा लू का संकट बरकरार है। क्षेत्रीय मौसम विभाग के प्रमुख बिक्रम सिंह ने बताया कि ग्रेटर मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिलों में गुरुवार को भी गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा। पालघर में कुछ स्थानों पर लू चलने की आशंका है। बुधवार को मुंबई के राम मंदिर इलाके में तापमान 38.7 डिग्री, बायकुला में 37.8 डिग्री और सांताक्रूज़ में 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने विदर्भ के अकोला, अमरावती और वर्धा जिलों के लिए भीषण गर्मी का 'रेड अलर्ट' जारी किया है। इन क्षेत्रों में तापमान 43 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है, जिससे लू का खतरा अत्यधिक बढ़ गया है। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार पुणे, कोंकण, मुंबई और मध्य महाराष्ट्र में 30 मई के बाद बारिश की गतिविधियां शुरू होने से गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। इसके साथ ही ठाणे और रायगढ़ में दोपहर के बाद हल्की छिटपुट बारिश की भी संभावना है।

क्यों जरूरी है मानसून?

भारत में होने वाली कुल वार्षिक वर्षा का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा दक्षिण-पश्चिम मानसून से ही प्राप्त होता है। कृषि कार्यों, फसलों की बुआई, जल भंडारण और अनाज उत्पादन का सीधा संबंध समय पर होने वाली बारिश से है। यदि मानसून में ज्यादा देरी होती है, तो किसानों की चिंताएं बढ़ने के साथ-साथ देश की आर्थिक प्रगति पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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