Maharashtra Weather Alert: महाराष्ट्र में मौसम का मिजाज हर बीतते दिन के साथ और भी अनिश्चित होता जा रहा है। भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच राज्य के कई हिस्सों में 'बेमौसम' बरसात का दौर चल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 6 अप्रैल, सोमवार के लिए राज्य के 8 जिलों में 'येलो अलर्ट' जारी किया है। विदर्भ और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ तूफानी बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ खेती-किसानी पर भी संकट मंडरा रहा है।
विदर्भ और मराठवाड़ा में 'येलो अलर्ट' (IMD Alert Today Maharashtra)
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, रायलसीमा के ऊपर बने चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र और मन्नार की खाड़ी तक फैली निम्न दबाव की रेखा के कारण महाराष्ट्र के मौसम में यह बड़ा बदलाव आया है। सोमवार को विदर्भ के नागपुर, चंद्रपुर, भंडारा और गोंदिया के साथ-साथ मराठवाड़ा के नांदेड़, हिंगोली और परभणी जिलों में बिजली गिरने, गरज-चमक और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की प्रबल संभावना है। इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी कर नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।
तापमान का गणित (Maharashtra Weather Today)
राज्य में बादलों की आवाजाही के कारण अधिकतम तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, लेकिन न्यूनतम तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने रातों को भी उमस भरा बना दिया है। रविवार को सोलापुर में राज्य का सबसे अधिक तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि धुले में न्यूनतम पारा 15.8 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 3 दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद गर्मी और बढ़ेगी तथा पारे में 2-3 डिग्री की वृद्धि देखी जा सकती है।
मुंबई और कोंकण में उमस भरी गर्मी का प्रकोप (Mumbai Konkan Weather Today)
मुंबई और उसके आसपास के उपनगरों में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। देश की आर्थिक राजधानी में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। कोंकण क्षेत्र के अन्य जिलों जैसे ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में बारिश की संभावना कम है, लेकिन ज्यादा उमस (Humidity) के कारण भीषण गर्मी और बेचैनी महसूस होगी। कोंकण और मध्य महाराष्ट्र में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह और दिशा-निर्देश (IMD Advisory)
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जुलाई-अगस्त जैसी भारी बारिश का अप्रैल में होना फसलों के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो रहा है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने कुछ महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। किसानों को सलाह है कि सब्जियों और फलों के बागों को ओलावृष्टि से बचाने के लिए एंटी-हेल नेट या कैप का उपयोग करें। कटी हुई फसल को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर रखें या प्लास्टिक की तिरपाल से ढंक दें। तेज हवाओं और बिजली गिरने के दौरान पशुओं को खुले में न बांधें, उन्हें सुरक्षित बाड़ों के अंदर ही रखें। खड़ी फसलों में सिंचाई का फैसला मौसम की स्थिति को देखकर ही लें।
