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'खेतों तक ट्रैक्टर ले जाएं या पेट्रोल पंप?' एमपी में डीजल नहीं मिलने से परेशान किसान, प्रशासन से लगाई गुहार

Singrauli Farmers Diesel Issue: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के सरई क्षेत्र में गैलन और जरकिन में डीजल देने पर लगी रोक से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जुताई और खेती की तैयारियों के बीच किसान ट्रैक्टरों के लिए डीजल नहीं जुटा पा रहे हैं।

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सिंगरौली में गैलन में डीजल पर रोक से किसानों में आक्रोश

Photo : Times Now Digital

Singrauli Farmers Diesel Issue: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के सरई में गैलन में डीजल नहीं दिए जाने के प्रशासनिक निर्देशों के बाद किसानों की परेशानियां बढ़ने लगी हैं। किसानों का कहना है कि खेती-किसानी का अधिकांश कार्य गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में होता है। जहां से पेट्रोल पंप कई किलोमीटर दूर स्थित हैं। ऐसे में ट्रैक्टर एवं कृषि यंत्रों के लिए गैलन में डीजल ले जाना किसानों की मजबूरी है। किसानों के अनुसार वर्तमान समय खेती की तैयारी और जुताई का महत्वपूर्ण दौर है। बड़ी संख्या में किसान पेट्रोल पंपों से गैलन (Madhya Pradesh Diesel can Ban) में डीजल लेने पहुंच रहे हैं। लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

इससे कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं और किसानों के सामने समय पर खेती करने का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों का कहना है कि खेतों से ट्रैक्टर या अन्य कृषि यंत्रों को हर बार पेट्रोल पंप तक ले जाना व्यावहारिक नहीं है। वर्षों से किसान गैलन में डीजल लेकर अपने खेतों में कृषि कार्य करते आ रहे हैं। यदि इस व्यवस्था पर पूरी तरह रोक लगाई जाती है तो जुताईए बुआई और अन्य कृषि गतिविधियां प्रभावित हो जाएंगी हैं।

किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि कृषि कार्यों को ध्यान में रखते हुए आदेश की समीक्षा की जाए तथा किसानों को आवश्यक पहचान एवं सत्यापन के आधार पर गैलन में डीजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था बनाई जाए। उनका कहना है कि कृषि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

विवेक कुमार पाण्डेय किसान

पेट्रोल पंपों पर गैलन या जरकिन में डीजल नहीं दिए जाने से हम किसानों को भारी परेशानी हो रही है। जुताई का सीजन चालू है ट्रैक्टर खेतों में होते हैं और उन्हें पेट्रोल पंप तक ले जाना बिल्कुल संभव नहीं होता क्योंकि गांव से काफी दूर-दूर तक पेट्रोल पंप होते हैं ऐसे में खेती के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासन को किसानों की समस्या को देखते हुए आदेश में संशोधन कर उचित सत्यापन के बाद गैलन में डीजल देने की व्यवस्था करनी चाहिए।

अलोपी पाण्डेय किसान

जब भी हम किसान अपने ट्रैक्टरों के लिए डीजल लेने पेट्रोल पंप जाते हैं तो सेल्समैन प्रशासनिक आदेशों का हवाला देकर गैलन या जरकिन में डीजल देने से मना कर देते हैं। हमारी समस्याओं को नहीं सुना जा रहा है। हम किसानों के खेत पेट्रोल पंप से काफी दूर हैं। ऐसे में ट्रैक्टर को केवल डीजल भरवाने के लिए वहां तक ले जाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। प्रशासन को किसानों की कठिनाइयों को देखते हुए अपने आदेश में संशोधन करना चाहिए।

Makarand Kale
मकरंद कालेauthor

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

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