लखनऊ

बलिया: जब पत्नी को 10 साल बाद अचानक से मिल गया पति, लिपट कर रोने लगी महिला, संवारने लगी बाल

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  • Updated Jul 29, 2023, 03:34 PM IST

महिला का नाम जानकी देवी है। उसके पति का नाम मोती चंद्र वर्मा है। दोनों देवकली थाना सुखपुरा के रहने वाले हैं। दोनों की शादी 21 साल पहले हुई थी। जानकी देवी का कहना है कि उसका पति मानसिक रूप से बीमार था और 10 साल पहले घर से अचानक कहीं चला गया था।

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पति को देखते ही पहचान गई महिला (फोटो- वायरल वीडियो स्क्रीनशॉट)

Photo : Twitter

उत्तर प्रदेश के बलिया में एक महिला अस्पताल जा रही थी। इसी दौरान अस्पताल के बाहर उसे जमीन पर बैठा विक्षिप्त व्यक्ति दिखाई दिया। जब महिला उसके नजदीक पहुंची तो वह उसका पति निकला, जो 10 साल पहले लापता हो गया था। पति को देखते ही महिला बिलख पड़ी और किसी बच्चे की तरह पति को संवारने और दुलारने लगी।

अचानक से पड़ी निगाह

दरअसल, अस्पताल जाते वक्त महिला की सामने बैठे एक शख्स पर निगाहें गई, जिसकी दाढ़ी बढ़ी थी। उसने फटे-पुराने कपड़े पहने थे। महिला ने जब ध्यान से देखा तो उसे अपनी आंखों पर भरोसा ही नहीं हुआ। वह शख्स कोई और नहीं बल्कि 10 साल पहले लापता हुआ पति था। जब महिला ने पास जाकर देखा तो वो उसका पति निकला। महिला अपने पति को इस हालत में देखकर उदास हो गई और पति से गले मिलकर रोने लगी।

21 साल पहले हुई थी शादी

महिला का नाम जानकी देवी है। उसके पति का नाम मोती चंद्र वर्मा है। दोनों देवकली थाना सुखपुरा के रहने वाले हैं। दोनों की शादी 21 साल पहले हुई थी। जानकी देवी का कहना है कि उसका पति मानसिक रूप से बीमार था और 10 साल पहले घर से अचानक कहीं चला गया था। तभी से वो उसको हर जगह तलाश कर रही थी, जो आज पूरी हो गई है।

वीडियो भी आया सामने

इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें देखा जा सकता है कि महिला अपने पति के साथ सड़क पर बैठी हुई है। वो पहले एक पिंक कलर के कपड़े से अपने पति को ढक देती है। उसके बाद उसके चेहरे और बाल पर हाथ फेरती है। बालों में फंसी गंदगी को साफ करती है। ऐसा करते हुए महिला लगातार रो रही है और अपने पति का हाल पूछ रही है।

काफी समय से खोज रही थी पत्नी

जानकी देवी का कहना है कि आज मुझे मेरे भगवान मिल गए। मैंने अपने पति को नेपाल तक ढूंढा था। लेकिन, सब जगह से निराशा ही हाथ लगी थी। शुक्रवार को जब मैं जिला अस्पताल आ रही थी तो मेरी नजर इन पर पड़ी। पहले तो मुझे यकीन नहीं हुआ। बाद में मैंने ई-रिक्शा को रुकवाया और उतरकर इनके पास चली गई।जानकी देवी रोते हुए कहती है कि आज का दिन मेरे लिए किसी वरदान से कम नहीं। पति को ढूंढने में मैंने अपना सब कुछ बेच दिया था। इनको ढूंढने में मैंने कोई कसर नहीं छोड़ी थी।

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