लखनऊ

जो हारे उसे जीतेंगे जो जीते उसे रखेंगे कायम, BJP की नई टीम में नया जोश-पुराने अनुभव का मेल

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 26, 2023, 08:15 AM IST

भाजपा ने शनिवार शाम उत्तर प्रदेश की नई कार्यकारिणी गठित की है। इस कार्यकारिणी में 2024 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जातीय समीकरणों के साथ ही महिला भागीदारी को भी ध्यान में रखा गया है।

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उत्तर प्रदेश भाजपा की नई कार्यकारिणी घोषित (क्रेडिट- @Bhupendraupbjp)

BJP New State Executive Committee: 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने उत्तर प्रदेश की नई टीम का ऐलान कर दिया है। शनिवार को भारतीय जनता पार्टी की ओर से घोषित की गई नई कार्यकारिणी में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं किए गए हैं। भाजपा ने अपनी नई कार्यकारिणी में नए और पुराने नेताओं के साथ ही साथ जातीय समीकरणों को साधने की पूरी कोशिश की है।

प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश कार्यकारिणी में 18 प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। इसमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह, विजय बहादुर पाठक, कान्ताकर्दम, संतोष सिंह, सलिल विश्नोई जैसे नामों को शामिल किया गया है।

बनाए गए सात प्रदेश महामंत्री

पार्टी ने नई कार्यकारिणी में सात नेताओं को प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी है। इसमें गोविंद नारायण शुक्ला, अमर पाल मौर्य, अनूप गुप्ता, प्रियंका सिंह रावत, संजय रा, सुभाष यदुवंश, रामप्रताप सिंह चौहान के नाम शामिल किए गए हैं। इसके अलावा 16 पदाधिकारियों को प्रदेश मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, मनीष कपूर को प्रदेश कोषाध्यक्ष, संजीव अग्रवाल को प्रदेश सह कोषाध्यक्ष, भारत दीक्षित को मुख्यालय प्रभारी, ओम प्रकाश श्रीवास्तव को प्रभारी प्रकोष्ठ एवं विभाग बनाया गया है।

नई टीम में छह क्षेत्रीय अध्यक्ष

भाजपा की नई टीम में छह क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाए गए हैं। इसमें प्रकाश पाल को कानपुर बुन्देल खण्ड क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दिलीप पटेल को काशी, शहजानन्द राय को गोरखपुर, कमलेश मिश्रा को अवध, द्रुवविजय सिंह को ब्रज क्षेत्र व सतेंद्र सिसोदिया को पश्चिम क्षेत्र की जिम्मेदारी मिली है।

देश की सत्ता के लिए मिशन यूपी जरूरी

भारतीय जनता पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए 350 से ज्यादा सीटों का लक्ष्य रखा है। उत्तर प्रदेश में 80 लोकसभा सीट हैं। ऐसे में देश की सत्ता पाने के लिए यह प्रदेश किसी भी पार्टी के लिए जरूरी है। इसको देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई टीम घोषित की है, जिसमें जातीय समीकरणों के साथ ही महिलाओं की भागीदारी और पुराने नेताओं का पूरा ध्यान रखा गया है।

जातीय समीकरणों का रखा गया ध्यान

भाजपा की नई कार्यकारिणी में जातीय समीकरणों का पूरा ध्यान रखा गया है। पार्टी ने पिछड़ी जातियों को साधने के लिए अपनी नई टीम में उनकी भागीदारी का भी ख्याल रखा है। सूची में पिछली सरकार में मंत्री सुरेश पासी को प्रदेश मंत्री बनाया है। इसके अलावा शंकर लोधी, अमित बाल्मीकी जैसे नेताओं को अपनी टीम में जगह दी है।

महिला शक्ति को साधने की कोशिश

भाजपा की ओर से जारी की गई सूची में महिलाओं की भागीदारी को भी जगह दी गई है। सूची में करीब 10 से ज्यादा महिलाओं को शामिल किया गया है और उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष से लेकर प्रदेश मंत्री तक का दायित्व सौंपा गया है। इसमें कान्ताकर्दम, नीलम सोनकर, कमलावती सिंह, सुनीता दयाल जैसे नाम शामिल हैं।

सिर्फ 20 फीसदी बदलाव

पार्टी ने पिछले लोकसभा चुनाव की सफलता को दोहराने के लिए अपनी नई टीम में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं किए हैं। नई सूची में सिर्फ 20 प्रतिशत नए चेहरों को शामिल किया गया है। जानकरों का कहना है कि पार्टी इसके जरिए अपनी टीम में नए जोश के साथ पुराने अनुभव को शामिल करना चाहती है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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