लखनऊ

सिर्फ 50 मिनट में लखनऊ से कानपुर; दिल्ली-मेरठ RRTS की तरह कॉरिडोर बनाने की तैयारी

लखनऊ और कानपुर के बीच 67 किमी लंबा हाई-स्पीड ट्रांजिट कॉरिडोर बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके बन जाने से यात्रा समय 2 घंटे से घटकर 50 मिनट हो जाएगा। परियोजना की DPR तैयार की जा रही है। यह योजना मेट्रो कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने और सार्वजनिक परिवहन को सशक्त बनाने में भी सहायक होगी।

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लखनऊ-कानपुर के लिए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की तैयारी!

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और कानपुर को जोड़ने के लिए एक और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की तरफ तेजी से कदम बढ़ रहेहैं। लखनऊ और कानपुर के बीच एक हाई-स्पीड ट्रांजिट कॉरिडोर की योजना बनाई जा रही है, जो दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) की तर्ज पर होगा। लखनऊ और कानपुर के बीच इस कॉरिडोर के बन जाने से दोनों प्रमुख शहरों के बीच का यात्रा समय लगभग दो घंटे से घटकर सिर्फ 50 मिनट रह जाएगा।

उत्तर प्रदेश आवास विभाग ने उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) और उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण को इस परियोजना की वित्तीय व्यवहार्यता का मूल्यांकन करने के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने को कहा है। इसके लिए राज्य सरकार से सैद्धांतिक मंजूरी भी मांगी गई है। सरकार की तरफ से मंजूरी मिलते ही निजी सलाहकार को नियुक्त किया जाएगा, जो निविदा प्रक्रिया के तहत DPR तैयार करेगा।

यही नहीं 63 किलोमीटर लंबा छह लेन वाला लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर भी तेजी से काम चल रहा है। यह एक्सप्रेसवे भी यात्रा के समय को और कम करेगा। यह एक्सप्रेसवे लखनऊ से शुरू होकर बानी, कांथा और अमरसा होते हुए कानपुर के आजाद मार्ग के पास समाप्त होगा।

अंग्रेजी अखबार TOI की रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित 67 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड रैपिड रेल कॉरिडोर कानपुर के नयागंज से शुरू होकर लखनऊ के अमौसी तक जाएगा। यह दोनों ही स्थान पहले से मेट्रो नेटवर्क से जुड़े हैं, जिससे इस परियोजना से मेट्रो उपयोग और सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी में भी वृद्धि होगी।

अधिकारियों के अनुसार परियोजना की कुल लागत, दैनिक यात्रियों की संख्या, संभावित व्यावसायिक आय और भूमि अधिग्रहण जैसी जानकारियां DPR बनने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी। वर्तमान में बुनियादी आंकड़े इकट्ठे किए जा रहे हैं और विस्तृत रिपोर्ट (DPR) के बाद आगे के निर्णय लिए जाएंगे।

परियोजना की निगरानी के लिए आवास विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में 9 सदस्यीय समिति बनाई गई है, जिसमें लखनऊ, कानपुर और उन्नाव के जिला अधिकारी, उपाध्यक्ष और राज्य के वरिष्ठ टाउन प्लानर शामिल हैं। यह समिति केंद्र सरकार और संबंधित विभागों से आवश्यक मंजूरी और एनओसी लेने में भी समन्वय करेगी। अधिकारियों का अनुमान है कि DPR तैयार करने में चार से छह महीने का समय लगेगा, जिसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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