लखनऊ

यूपी सरकार की बड़ी पहल; गोमती नदी में फिर बहेगी निर्मल धारा, सीएम योगी ने शुरू किया पुनर्जीवन मिशन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए ‘गोमती नदी पुनर्जीवन मिशन’ की शुरुआत की है। इस मिशन का उद्देश्य गोमती को उसकी स्वच्छ, अविरल और निर्मल धारा के रूप में पुनः स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने इसे केवल पर्यावरणीय पहल नहीं, बल्कि समाज की सहभागिता से जुड़ा एक जनआंदोलन बताया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थायी पर्यावरणीय विरासत सुनिश्चित करेगा।

Image

सीएम योगी ने 'गोमती नदी पुनर्जीवन मिशन' लॉन्च किया (फोटो: ट्विटर - CM Office UP)

Photo : Twitter

Gomti River Punarjeevan Mission: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘गोमती नदी पुनर्जीवन मिशन’ की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि पीलीभीत से लेकर गाजीपुर तक बहने वाली गोमती केवल एक नदी नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक विरासत और जीवन का प्रतीक है। उनका कहना था कि इस मिशन का उद्देश्य केवल जल को शुद्ध करना नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और पर्यावरण के संरक्षण का व्यापक प्रयास है।

मिशन पर्यावरणीय जिम्मेदारी और भविष्य की पीढ़ियों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक भी बनेगा। टेरिटोरियल आर्मी की पहल पर आयोजित बैठक में मेजर जनरल सलिल सेठ, ब्रिगेडियर नवतेज सिंह सोहल, ब्रिगेडियर सी. माधवाल, कर्नल अरविंद एस. प्रसाद, लेफ्टिनेंट कर्नल सचिन राणा, लेफ्टिनेंट कर्नल सौरभ मेहरोत्रा, मेजर के.एस. नेगी, प्रो. (डॉ.) वेंकटेश दत्ता, लेफ्टिनेंट कर्नल हेम लोहुमी, एस.एम. (सेवानिवृत्त) सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में मुख्यमंत्री ने मिशन की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा की और कार्यान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक परियोजना न मानते हुए कहा कि यह एक जन-आंदोलन होगा, जिसमें समाज के सभी वर्ग सक्रिय रूप से भाग लेंगे।

गोमती नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी में एक भी बूंद सीवेज न गिरने पाए, इसके लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीतियां तैयार की जाएं। इसके साथ ही उन्होंने अवैध बस्तियों में घुसपैठियों की पहचान कर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया, ताकि नदी के तटों पर स्वच्छता और सुरक्षा दोनों बनी रहें। मिशन का दायरा पीलीभीत से गाजीपुर तक पूरा गोमती प्रवाह क्षेत्र कवर करेगा, जिससे नदी स्वच्छ, अविरल और निर्मल रूप पुनः प्राप्त कर सके। मुख्यमंत्री ने मिशन के लक्ष्यों में नगरीय सीवेज का 95% से अधिक अवरोधन, नदी प्रदूषण को न्यूनतम स्तर तक लाना और तटीय पारिस्थितिकी का पुनरुद्धार शामिल किया। बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि गोमती में गिरने वाले 39 प्रमुख नालों में से 13 अभी भी बिना उपचारित हैं। वर्तमान में छह एसटीपी कुल 605 एमएलडी क्षमता के साथ संचालित हैं, जिन्हें पूरी तरह प्रभावी बनाने के लिए नालों को एसटीपी तक मोड़ने, नए संयंत्र स्थापित करने और पुराने संयंत्रों को उन्नत करने की आवश्यकता है।

इकाना वेटलैंड और साजन झील जैसे नए वेटलैंड होंगे विकसित

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मिशन केवल प्रदूषण नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नदी के जैविक, सांस्कृतिक और सौंदर्यात्मक पुनर्जीवन का माध्यम बनेगा। कार्ययोजना के तहत लखनऊ में इकाना वेटलैंड और साजन झील जैसे नए वेटलैंड विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा, नदी किनारे अवैध अतिक्रमण हटाने, घाटों का सौंदर्यीकरण और तटीय हरियाली बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक पर सख्ती से प्रतिबंध लागू करने पर भी जोर दिया, क्योंकि यह सीवर सिस्टम को अवरुद्ध कर प्रदूषण बढ़ाने में सहायक होता है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत जनवरी में गठित गोमती टास्क फोर्स में राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के परियोजना निदेशक, सिंचाई विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जल निगम, लखनऊ नगर निगम, लखनऊ विकास प्राधिकरण और अन्य विशेषज्ञ शामिल हैं। इसमें बीबीएयू लखनऊ के प्रो. (डा.) वेंकटेश दत्ता और अतुल्य गंगा ट्रस्ट के सह-संस्थापक ले. कर्नल देवेंद्र चौधरी (सेवानिवृत्त) प्रमुख रूप से सम्मिलित हैं। यह टास्क फोर्स शासन और समाज के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में कार्य कर रही है।

हर स्तर पर पारदर्शिता और जनसहभागिता सुनिश्चित

बैठक में यह जानकारी दी गई कि गोमती टास्क फोर्स ने अब तक नदी तटों पर पैदल और नौका गश्त की है, एक हजार टन से अधिक जलकुंभी साफ की है, नालों का सर्वेक्षण कर प्रदूषण के स्रोतों की पहचान की है और 100 से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 70,000 से अधिक नागरिकों को इस अभियान में शामिल किया है। ‘नदी योग अभियान’ के तहत 21 अप्रैल से 21 जून 2025 तक पांच प्रमुख घाटों पर प्रतिदिन योग, घाट-सफाई और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 50,000 से अधिक नागरिकों ने भाग लिया और 300 टन से अधिक जलकुंभी हटाई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोमती का जल जीवन का आधार है और इसे स्वच्छ, अविरल और निर्मल बनाए रखना उत्तर प्रदेश की नैतिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि टास्क फोर्स की मासिक बैठकें नियमित रूप से आयोजित हों, त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाए और हर स्तर पर पारदर्शिता और जनसहभागिता सुनिश्चित की जाए।

शैक्षणिक और सामाजिक संस्थानों की भागीदारी से व्यापक जनजागरूकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन के लिए आवश्यक संसाधनों जैसे ट्रैक बोट, फ्लोटिंग बैरियर, एक्सकेवेटर और अन्य उपकरण की उपलब्धता में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मिशन केवल सरकारी प्रयास नहीं है, बल्कि जनता की सक्रिय सहभागिता से संचालित एक संकल्प यात्रा बनेगा। इसके लिए जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन में शैक्षणिक और सामाजिक संस्थानों की भागीदारी से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि यह मिशन एक मजबूत जनआंदोलन का रूप ले सके। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि जब समाज और शासन साथ कदम बढ़ाएंगे, तभी गोमती अपनी स्वाभाविक निर्मलता और जीवनदायिनी धारा पुनः प्राप्त कर सकेगी।

Times Now Navbharat Digital
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article