उत्तर प्रदेश के अमेठी में जिस संजय गांधी हॉस्पिटल को चलाने वाले ट्रस्ट की अध्यक्ष कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी है, उसका लाइसेंस निलंबत किया जा चुका है। बुधवार (21 सितंबर, 2023) के बाद इस मसले पर खूब सियासत देखने को मिली। आइए, जानते हैं कि आखिर यह पूरा विवाद क्यों पनपा?:
दरअसल, दिव्या नाम की महिला को पेट में दर्द की शिकायत के बाद 14 सितंबर की सुबह उसके परिजन उसे संजय गांधी अस्पताल ले गए थे। फैमिली का कहना है कि उसकी जांच करने के बाद डॉक्टर ने उसके पित्ताशय से पथरी निकालने के लिए ऑपरेशन का सुझाव दिया था। उसी रोज वह ऑपरेशन से पहले कोमा में चली गई थी। लखनऊ भेजे जाने से पहले उसे 30 घंटे से अधिक समय तक अस्पताल में रखा गया था।
दिव्या के पति अनुज शुक्ला ने बताया कि उसकी पत्नी की 16 सितंबर की सुबह करीब चार बजे लखनऊ में मौत हो गई थी। शुक्ला का आरोप है कि अस्पताल में उसकी पत्नी को दिल का दौरा पड़ा था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर राम प्रसाद के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मृत मरीज दिव्या के उपचार में लापरवाही बरती गई और अगर विशेषज्ञ डॉक्टर अस्पताल पहुंच जाते तो उसे बचाया जा सकता था।
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री उप-मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने रविवार को "एक्स" पर इस बाबत पोस्ट किया था। साथ ही अस्पताल को लापरवाही में शामिल पाए जाने पर लाइसेंस रद्द करने और उसके परिसर को सील करने की चेतावनी दी थी। बाद में मंगलवार को अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर इमरजेंसी और ओपीडी सेवा पर रोक लगा दी गई।
मामले में मुंशीगंज थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 304-ए (लापरवाही से मौत) के तहत अवधेश शर्मा, जनरल सर्जन डॉक्टर मोहम्मद राजा, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉक्टर सिद्दीकी और चिकित्सक डॉक्टर शुभम द्विवेदी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। संजय गांधी अस्पताल का संचालन संजय गांधी मेमोरियल ट्रस्ट (नई दिल्ली) करता है। सोनिया इसकी अध्यक्ष हैं, जबकि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इसके सदस्य हैं।
