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लगभग 'अंगूठा छाप' ठग ने विदेशियों से छापे 200 करोड़, 9वीं फेल गर्लफ्रेंड भी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर से विदेशियों के साथ करीब 200 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में एक आरोपी 5वीं फेल, जबकि दूसरा आरोपी भी 10 पढ़ा नहीं है। दूसरे आरोपी की गर्लफ्रेंड भी इसमें शामिल है, जो स्वयं 9वीं फेल है।

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पांचवीं फेल ठग, 9वीं फेल गर्सफेंड और 200 करोड़ की ठगी

Lucknow Cyber Fraud: आज के दौर में प्रोग्रेस करने के लिए पढ़ाई और हाथ का हुनर काफी जरूरी है। लेकिन पढ़े-लिखे लोगों को धोखा देने यानी चूना लगाने के लिए और भी ज्यादा पढ़ा होना चाहिए। हालांकि, लखनऊ के ठगों की टोली ने इस बात को निराधार बताते हुए विदेशियों से लगभग 200 करोड़ रुपये छाप लिए, जबकि वह खुद लगभग अंगूठा छाप हैं। लगभग अंगूठा छाप इसलिए, क्योंकि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक पांचवी फेल है और उसके साथ पकड़ी गई उसके पार्टनर की गर्ल फ्रेंड 9वीं फेल है। जबकि पार्टनर भी 10वीं नहीं पढ़ा है।

मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का है। यहां एक इंटरनेशनल कॉल सेंटर की आड़ में साइबर ठगी का धंधा चलाया जा रहा था। साइबर ठगों ने समिट बिल्डिंग के दो हिस्से लगभग 3 करोड़ रुपये सालाना के किराये पर लिए हुए थे। यही नहीं ठगी के लिए उसने 119 लोगों को स्टाफ रखा था और उसके स्टाफ में शामिल लड़के-लड़कियां यहां बैठकर विदेशियों को ठगकर उनसे रुपये ऐंठते थे। एक साल में ही इस ठगी फर्म ने विदेशियों से 200 करोड़ रुपये ठग लिए थे।

गिरोह के सरगना पर 25 हजार का इनाम

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार इस ठगी गिरोह के सरगना विनीत वशिष्ठ पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था। कल यानी बुधवार 8 जुलाई को विनीत, उसकी गर्लफ्रेंड रिंकी और 5वीं फेल पार्टनर नायकर जयराज को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया गया। बड़ी बात ये कि पकड़े गए आरोपियों में से कोई भी 10वीं तक भी पढ़ा नहीं है।

कैसे आए पकड़ में?

आरोपियों ने लखनऊ स्थित अपने कॉल सेंटर पर छापा पड़ने के बाद शहर छोड़ दिया। तीनों गिरफ्तारी से बचने के लिए कोलकाता के लिए निकल पड़े, क्योंकि विनीत की गर्लफ्रेंड रिंकी वहीं की रहने वाली है और उसे शहर के बारे में ज्यादा जानकारी है। लखनऊ से भागते समय विनीत और उसके 5वीं फेल पार्टनर नायकर जयराज के अपने फोन नदी में फेंक दिए, जबकि गर्लफ्रेंड रिंकी ने महंगे फोन का हवाला देकर सिर्फ सिमकार्ड फेंका। फिर नया सिम लगाकर उन्होंने कोलकाता में एक रिसॉर्ट बुक किया और यही गलती उन्हें भारी पड़ गई। फोन से पुलिस को बुकिंग की लीड मिली और कोलकाता में दबिश देकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

10 साल से एक दूसरे को जानते हैं आरोपी

पकड़े जाने के बाद आरोपियों ने अपने नाम और क्वालिफिकेशन बताई। हालांकि, विनीत कितना पढ़ा है, इस बारे में पुख्ता जानकारी नहीं है, लेकिन आरोपियों में से कोई भी 10 तक नहीं पढ़ा। जयराज और विनीत एक-दूसरे को 10 सालों से जानते हैं। बाद में काम के सिलसिले में रिंकी की विनीत से मुलाकात हुई और दोनों रिलेशनशिप में आ गए।

मुख्य सरगना से आज तक कोई नहीं मिला

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक इस पूरे नेटवर्क को चलाने वाले शख्स का नाम चार्ल्स है। लेकिन दिलचस्प बात ये भी है कि गिरोह के किसी भी व्यक्ति ने आज तक चार्ल्स को आमने-सामने नहीं देखा है। वह सिर्फ WhatsApp कॉलिंग के माध्यम से विनीत के संपर्क में रहता था। चार्ल्स के इंस्ट्रक्शन्स पर ही लखनऊ में बैठी पूरी टीम काम करती थी। व्हाट्सएप के जरिए ही उन लोगों की डिटेल भी आती थी, जिन्हें टीम ने टारगेट बनाना है।

विनीत का अहमदाबाद में रियल एस्टेट कारोबार

पुलिस के मुताबिक हर किसी की अपनी अलग-अलग जिम्मेदारी थी। विनीत, विक्रम परमारऔर ललित खेराजानी (रोडी) लखनऊ के अवैध कॉल सेंटर का संचालन करते थे। 5वीं फेल आरोपी नायकर जयराज ने कॉल सेंटर के दफ्तर के लिए रेंट एग्रीमेंट करवाया था। रिंकी दास गुप्ता ठगी से कमाए गए पैसों का देश-विदेश में हवाला के जरिए सेटलमेंट कराती थी। जानकारी के मुताबिक विनीत का अहमदाबाद में रियल एस्टेट कारोबार भी है और वह कॉल सेंटर चलाने में पैसा इन्वेस्ट करता था। विक्रम और ललित रिक्रूटमेंट से लेकर ठगी के लेनदेन का संचानल देखते थे।

विनीत की गर्लफ्रेंड रिंका का कोलकाता में सैलून के साथ ही टॉक्सिक नाम से एक बार भी है। एडीशनल डीसीपी किरण यादव ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। फिलहाल मुख्य आरोपी चार्ल्स का कोई पता नहीं चला है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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